By tagoreeducationtimes | Published: 11 June 2026 | 03:44 PM
देश के सबसे बड़े मुक्त विश्वविद्यालयों में शामिल इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय ने जुलाई 2026 सत्र के लिए पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय ने 36 विषयों में शोध कार्यक्रमों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 1 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस बार प्रवेश प्रक्रिया विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए नियमों के अनुसार आयोजित की जा रही है।
इग्नू की ओर से जारी सूचना के अनुसार मनोविज्ञान, मानव विज्ञान, राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन, जैव रसायन, रसायन विज्ञान समेत कुल 36 विषयों में पीएचडी के लिए प्रवेश दिए जाएंगे। देशभर के विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता और पात्रता के आधार पर आवेदन कर सकते हैं।
कई विषयों में शोध करने का मिलेगा मौका
विश्वविद्यालय का कहना है कि शोध के क्षेत्र में करियर बनाने वाले विद्यार्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के माध्यम से उच्च शिक्षा हासिल करने वाले छात्रों के बीच इग्नू की डिग्री को विशेष पहचान प्राप्त है।
चार अलग-अलग श्रेणियों से होगा प्रवेश
पीएचडी में दाखिला चार श्रेणियों के आधार पर दिया जाएगा। इनमें जूनियर रिसर्च फेलोशिप के साथ राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा, राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा के माध्यम से सहायक प्राध्यापक और पीएचडी के लिए पात्र अभ्यर्थी, केवल पीएचडी के लिए पात्र अभ्यर्थी तथा विश्वविद्यालय स्तरीय प्रवेश परीक्षा शामिल हैं।
सभी अभ्यर्थियों को देना होगा इंटरव्यू
विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया में इंटरव्यू या मौखिक परीक्षा अनिवार्य होगी। जिन उम्मीदवारों ने पहले से राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा अथवा जूनियर रिसर्च फेलोशिप उत्तीर्ण कर रखी है, उन्हें लिखित परीक्षा से छूट मिल सकती है, लेकिन इंटरव्यू देना आवश्यक होगा।
शोधार्थियों के लिए उपस्थिति का नियम
प्रवेश मिलने के बाद सभी शोधार्थियों को निर्धारित शोध पाठ्यक्रम पूरा करना होगा। इसके साथ ही कम से कम 80 प्रतिशत उपस्थिति बनाए रखना भी अनिवार्य रहेगा। विश्वविद्यालय का मानना है कि शोध की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था जरूरी है।
शोध कार्य के दौरान पूरी करनी होंगी अकादमिक शर्तें
पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश के बाद विद्यार्थियों को नियमित शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेना होगा। पाठ्यक्रम पूरा करने और शोध कार्य की प्रगति का मूल्यांकन समय-समय पर किया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
पीएचडी में प्रवेश के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री होना जरूरी है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए कम से कम 55 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। वहीं आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट दी गई है और उनके लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं।
चार वर्षीय स्नातक डिग्री वाले भी पात्र
नई शिक्षा व्यवस्था के तहत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पूरा कर चुके विद्यार्थी भी आवेदन कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए अर्हता परीक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक होना जरूरी होगा।
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल पर जाकर नया पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के बाद आवश्यक जानकारी भरकर आवेदन पत्र जमा करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए 2000 रुपये शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा।
आवेदन से पहले रखें जरूरी दस्तावेज तैयार
आवेदन भरने से पहले अभ्यर्थियों को अपनी शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, फोटो और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पीएचडी पूरी करने के लिए कितना मिलेगा समय?
विश्वविद्यालय ने पीएचडी कार्यक्रम की न्यूनतम अवधि तीन वर्ष निर्धारित की है। वहीं अधिकतम छह वर्ष के भीतर शोध कार्य पूरा करना होगा। विशेष परिस्थितियों में कुछ अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।
महिला और दिव्यांग शोधार्थियों को विशेष राहत
महिला उम्मीदवारों तथा 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले शोधार्थियों को शोध कार्य पूरा करने के लिए दो वर्ष की अतिरिक्त अवधि प्रदान की जाएगी। इससे उन्हें शोध कार्य को बेहतर ढंग से पूरा करने का अवसर मिलेगा।



