By Malay Ojha | Published: 09 June 2026 | 08:12 PM
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के दोबारा आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। 21 जून को होने वाली परीक्षा से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों और अभिभावकों को बड़ा भरोसा दिया है। उन्होंने कहा है कि इस बार परीक्षा पूरी पारदर्शिता और सख्त निगरानी के बीच आयोजित की जाएगी, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिणाम तय समय पर जारी करने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछली बार सामने आई अनियमितताओं से सबक लिया गया है और इस बार परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य सुरक्षित रह सके। मंत्रालय और परीक्षा एजेंसी लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।
छात्रों और अभिभावकों को दिया आश्वासन
परीक्षा को लेकर देशभर के छात्रों और उनके परिवारों में कई तरह की चिंताएं बनी हुई हैं। ऐसे में शिक्षा मंत्री ने भरोसा दिलाया कि परीक्षा निष्पक्ष और त्रुटिरहित कराने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पेपर लीक मामले की जांच जारी
नीट प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच अभी भी जारी है। इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी कर रही है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि जांच एजेंसियां तेजी से काम कर रही हैं और जो भी व्यक्ति या समूह इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दोषियों को जल्द सजा दिलाने पर जोर
उन्होंने कहा कि केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि दोषियों को अदालत के माध्यम से जल्द से जल्द सजा दिलाना भी जरूरी है। सरकार चाहती है कि ऐसे मामलों में कड़ा संदेश जाए ताकि भविष्य में कोई भी परीक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
जिम्मेदार एजेंसियों पर भी हो सकती है कार्रवाई
शिक्षा मंत्री ने संकेत दिए कि इस मामले में उन एजेंसियों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है जिन्हें परीक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री स्तर पर हो रही निगरानी
सरकार इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। शिक्षा मंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री स्वयं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यही कारण है कि परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई स्तरों पर समीक्षा बैठकें की जा रही हैं।
देश-विदेश में बनाए गए परीक्षा केंद्र
इस बार परीक्षा का आयोजन देश के 551 शहरों में किया जाएगा। इसके लिए 5,435 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा देश के बाहर भी 14 केंद्र बनाए गए हैं, जहां भारतीय विद्यार्थी परीक्षा दे सकेंगे। सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को पहले की तुलना में अधिक मजबूत किया गया है।
समय पर परिणाम जारी करने की तैयारी
छात्रों के शैक्षणिक सत्र पर असर न पड़े, इसके लिए परिणाम समय पर जारी करने की योजना बनाई गई है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि परीक्षा के बाद मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सरकार चाहती है कि विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
परीक्षा व्यवस्था पर टिकी देशभर की नजर
नीट देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। ऐसे में लाखों छात्र और उनके परिवार 21 जून को होने वाली परीक्षा पर नजर लगाए हुए हैं। सरकार और परीक्षा एजेंसी के सामने इस बार सबसे बड़ी चुनौती भरोसा बहाल करने की है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि नई व्यवस्थाएं परीक्षा को कितना सुरक्षित और निष्पक्ष बना पाती हैं।



