By Malay Ojha | Published: 02 June 2026 | 09:02 PM
देश के सबसे बड़े शिक्षा बोर्डों में शामिल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार ने शीर्ष स्तर पर फेरबदल करते हुए नए चेयरमैन और सचिव की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद शिक्षा जगत में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं, क्योंकि लाखों विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूलों से जुड़ा यह बोर्ड देश की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मंगलवार को जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रशांत सीताराम लोखंडे को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति की मंजूरी के बाद की गई है। सरकार का मानना है कि उनके प्रशासनिक अनुभव का लाभ बोर्ड के कामकाज को और अधिक प्रभावी बनाने में मिल सकता है।
नए चेयरमैन को प्रशासनिक अनुभव का लंबा साथ
प्रशांत सीताराम लोखंडे दो दशक से अधिक का प्रशासनिक अनुभव रखते हैं। वह एजीएमयूटी कैडर के वर्ष 2001 बैच के अधिकारी हैं और वर्तमान में गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। विभिन्न विभागों में काम करने का उनका अनुभव उन्हें एक सक्षम प्रशासक के रूप में पहचान दिला चुका है। अब उन्हें देश के सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा बोर्डों में से एक की कमान सौंपी गई है।
राहुल सिंह को मिली नई जिम्मेदारी
सीबीएसई के पूर्व चेयरमैन राहुल सिंह को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव नियुक्त किया गया है। राहुल सिंह ने बोर्ड में अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण फैसलों और सुधारों को लागू किया था। अब उनकी प्रशासनिक सेवाओं का उपयोग दूसरे मंत्रालय में किया जाएगा।
सचिव पद पर भी हुआ बदलाव
केवल चेयरमैन ही नहीं, बल्कि बोर्ड के सचिव स्तर पर भी परिवर्तन किया गया है। वरुण भारद्वाज को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का नया सचिव नियुक्त किया गया है। इससे पहले यह जिम्मेदारी हिमांशु गुप्ता संभाल रहे थे। सरकार द्वारा किए गए इस बदलाव को बोर्ड की कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा और नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड देशभर के हजारों स्कूलों और करोड़ों विद्यार्थियों से जुड़ा हुआ है। बोर्ड परीक्षा, पाठ्यक्रम, मूल्यांकन प्रणाली और शैक्षणिक नीतियों जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले सीधे विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करते हैं। ऐसे में शीर्ष स्तर पर होने वाला कोई भी बदलाव स्वाभाविक रूप से शिक्षा क्षेत्र में चर्चा का विषय बन जाता है।
हाल के दिनों में चर्चाओं में रहा था बोर्ड
पिछले कुछ महीनों में बोर्ड विभिन्न कारणों से चर्चा में रहा है। परीक्षा परिणाम, मूल्यांकन प्रक्रिया और तकनीकी व्यवस्थाओं को लेकर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे हैं। ऐसे माहौल में नए नेतृत्व की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नए अधिकारी बोर्ड की कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठा सकते हैं।
विद्यार्थियों और स्कूलों की निगाहें नए नेतृत्व पर
अब लाखों विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की निगाहें नए चेयरमैन और सचिव पर टिकी होंगी। आने वाले समय में बोर्ड किन नई योजनाओं और सुधारों को लागू करता है, इस पर पूरे शिक्षा जगत की नजर रहेगी। उम्मीद की जा रही है कि नई टीम शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कर सकती है।
आने वाले समय में दिख सकता है असर
प्रशासनिक स्तर पर हुए इस बदलाव का असर आने वाले महीनों में देखने को मिल सकता है। बोर्ड की नीतियों, डिजिटल व्यवस्थाओं और परीक्षा संचालन से जुड़े कई क्षेत्रों में नई सोच और नई कार्यशैली देखने को मिल सकती है। फिलहाल इतना तय है कि सीबीएसई अब नए नेतृत्व के साथ एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहा है।



