By Admin | Published: 07 June 2026 | 12:12 PM
देशभर में स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई कर रही इकलौती बेटियों के लिए राहत भरी खबर है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से संचालित इंदिरा गांधी छात्रवृत्ति योजना के तहत पात्र छात्राओं को दो वर्षों में कुल 72,400 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना का उद्देश्य उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी बढ़ाना और आर्थिक चिंताओं के बिना उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।
योजना के तहत चयनित छात्राओं को प्रतिवर्ष 36,200 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। यह सहायता लगातार दो वर्षों तक मिलती है, जिससे कुल 72,400 रुपये की राशि लाभार्थी को प्राप्त होती है। छात्रवृत्ति की रकम सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है।
हर साल हजारों छात्राओं को मिलता है लाभ
आयोग की ओर से प्रतिवर्ष लगभग तीन हजार नई छात्राओं का चयन किया जाता है। इस योजना का लाभ उन छात्राओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है जो स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त कर रही हैं और आगे की पढ़ाई में आर्थिक सहयोग चाहती हैं।
आय सीमा नहीं, पात्रता पर है पूरा फोकस
इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि आवेदन के लिए किसी प्रकार की आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। यानी परिवार की आर्थिक स्थिति चाहे जैसी भी हो, पात्रता की शर्तें पूरी करने वाली छात्राएं आवेदन कर सकती हैं।
किन छात्राओं को माना जाएगा पात्र
योजना का लाभ केवल उन छात्राओं को दिया जाता है जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान हों। इसके अलावा ऐसे परिवार भी पात्र माने जाते हैं जिनमें केवल बेटियां हैं और कोई पुत्र नहीं है। जुड़वां बेटियां अथवा एक साथ जन्मी दो बेटियां भी इस योजना के लिए आवेदन करने की पात्रता रखती हैं।
आयु और शैक्षणिक योग्यता की शर्त
आवेदन करने वाली छात्रा की आयु स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में प्रवेश के समय 30 वर्ष या उससे कम होनी चाहिए। साथ ही वह किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय अथवा महाविद्यालय में नियमित और पूर्णकालिक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में अध्ययनरत हो।
नियमित पाठ्यक्रम में अध्ययन जरूरी
योजना का लाभ केवल नियमित रूप से पढ़ाई कर रही छात्राओं को दिया जाता है। ऐसे विद्यार्थी जो दूरस्थ शिक्षा या मुक्त अध्ययन प्रणाली के माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं, वे इस छात्रवृत्ति के लिए पात्र नहीं होंगे।
किन पाठ्यक्रमों पर लागू है योजना
यह छात्रवृत्ति गैर-व्यावसायिक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए उपलब्ध है। कला, विज्ञान और वाणिज्य जैसे सामान्य स्नातकोत्तर कार्यक्रमों में अध्ययनरत छात्राएं आवेदन कर सकती हैं।
व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को नहीं मिलेगा लाभ
अभियांत्रिकी, चिकित्सा, विधि तथा अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रही छात्राओं को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। आयोग का उद्देश्य सामान्य स्नातकोत्तर शिक्षा में बेटियों को प्रोत्साहन देना है।
आवेदन प्रक्रिया कैसे पूरी करें
इच्छुक छात्राओं को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। इसके बाद उपलब्ध छात्रवृत्ति योजनाओं में से ‘पोस्ट ग्रेजुएट इंदिरा गांधी स्कॉलरशिप फॉर सिंगल गर्ल चाइल्ड’ का चयन कर ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा।
आवेदन से पहले रखें ये दस्तावेज तैयार
आवेदन के दौरान शैक्षणिक प्रमाणपत्र, प्रवेश संबंधी दस्तावेज, बैंक खाते का विवरण, आधार से जुड़ी जानकारी और आवश्यक घोषणा पत्र की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए आवेदन शुरू करने से पहले सभी दस्तावेज तैयार रखना बेहतर होगा।
बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेटियों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना हजारों छात्राओं के लिए मददगार साबित हो रही है। आर्थिक सहायता मिलने से कई छात्राएं अपनी पढ़ाई बीच में छोड़े बिना स्नातकोत्तर शिक्षा पूरी कर पा रही हैं।
शिक्षा के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाएं न केवल उच्च शिक्षा को बढ़ावा देती हैं बल्कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी मजबूत आधार प्रदान करती हैं।



