Saturday, August 22, 2026
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कॉलेज छात्रों के लिए Google का बड़ा ऐलान, 1 साल मुफ्त मिलेगा AI Plus; NEET-JEE की तैयारी में भी मिलेगी मदद

By Malay Ojha | Published: 20 August 2026 | 03:05 PM

गूगल ने कॉलेज छात्रों के लिए एआई की मदद से पढ़ाई को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी पात्र कॉलेज छात्रों को एक साल के लिए गूगल एआई प्लस मुफ्त देने जा रही है। भारत में इस पेशकश के तहत छात्रों को जेमिनी के उन्नत फीचर, ज्यादा इस्तेमाल की सीमा और 400 जीबी स्टोरेज जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब गूगल पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपने सर्च, जेमिनी और लेंस जैसे प्लेटफॉर्म में लगातार नए एआई फीचर जोड़ रहा है।

भारत के पात्र कॉलेज छात्रों को मिलने वाला यह मुफ्त प्लान सामान्य तौर पर भुगतान वाला गूगल एआई प्लस प्लान है। मौजूदा जानकारी के मुताबिक भारत में इसकी सामान्य कीमत 399 रुपये प्रति माह है। यानी एक साल की अवधि में इस ऑफर का मूल्य करीब 4,800 रुपये बैठता है। हालांकि मुफ्त सदस्यता पाने के लिए छात्रों को अपनी पात्रता की जांच पूरी करनी होगी।

एक साल में करीब 4,800 रुपये की बचत
गूगल की नई पहल सिर्फ मुफ्त सदस्यता तक सीमित नहीं है। कंपनी ने छात्रों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए जेमिनी, गूगल सर्च और गूगल लेंस में कई ऐसे फीचर जोड़े हैं, जिनका इस्तेमाल कठिन विषय समझने, नोट्स तैयार करने, अभ्यास करने और परीक्षा की तैयारी में किया जा सकता है। इस बदलाव से एआई को केवल सवालों का जवाब देने वाले साधन के बजाय पढ़ाई के साथी के रूप में इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है।

पढ़ाई के लिए बनेगा अलग स्टूडेंट हब
जेमिनी में नया स्टूडेंट हब छात्रों के लिए पढ़ाई से जुड़ी कई चीजों को एक जगह व्यवस्थित करने में मदद करेगा। छात्र यहां अपने अध्ययन नोट्स व्यवस्थित कर सकते हैं, फ्लैशकार्ड बना सकते हैं, अभ्यास प्रश्न तैयार कर सकते हैं और पढ़ाई से जुड़े कामों को संभाल सकते हैं। स्टडी नोटबुक में ग्राफ और तस्वीरों जैसे दृश्य माध्यमों को भी शामिल किया गया है, जिससे कठिन विषयों को केवल लिखित जवाब के बजाय ज्यादा आसानी से समझने की कोशिश की जा सकेगी।

कठिन विषयों को समझने में एआई करेगा मदद
नई व्यवस्था में छात्र किसी मुश्किल विषय या सवाल को सीधे जेमिनी के सामने रखकर उसके बारे में चरण-दर-चरण जानकारी ले सकेंगे। इसका मकसद सिर्फ उत्तर देना नहीं, बल्कि छात्र को यह समझाना है कि किसी सवाल तक पहुंचने का तरीका क्या है। गूगल ने पहले ही जेमिनी में ऐसा मार्गदर्शित अध्ययन फीचर शुरू किया है, जो जटिल विषयों को छोटे-छोटे हिस्सों में समझाने और आगे के सवाल पूछने की सुविधा देता है।

नीट और जेईई की तैयारी में भी काम आएगा जेमिनी
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए यह बदलाव खास महत्व रखता है। गूगल ने भारत में जेमिनी के जरिए जेईई मेन के पूरे अभ्यास टेस्ट की सुविधा शुरू की है। इसके बाद नीट यूजी के लिए भी बिना शुल्क अभ्यास परीक्षा उपलब्ध कराई गई। इन अभ्यास परीक्षाओं में छात्र अपना प्रदर्शन देखने के साथ यह भी समझ सकते हैं कि किन विषयों में उनकी पकड़ अच्छी है और किन हिस्सों पर ज्यादा मेहनत की जरूरत है।

गलत जवाब के बाद सिर्फ नंबर नहीं, समझ भी मिलेगी
अभ्यास परीक्षा पूरी करने के बाद जेमिनी छात्र के प्रदर्शन का विश्लेषण कर सकता है। इससे उसे अपनी कमजोरियों को पहचानने में मदद मिलती है। किसी सवाल का जवाब गलत होने पर छात्र उसी सवाल की दोबारा व्याख्या मांग सकता है। इस तरह अभ्यास केवल प्रश्न हल करने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि गलतियों से सीखने और आगे की पढ़ाई की दिशा तय करने का माध्यम भी बन सकता है।

गूगल सर्च भी बनेगा पढ़ाई का नया साधन
गूगल सर्च में भी छात्रों के लिए पढ़ाई से जुड़े नए एआई फीचर जोड़े जा रहे हैं। छात्र अपने नोट्स या दूसरी सामग्री के आधार पर अध्ययन मार्गदर्शिका और अभ्यास प्रश्न तैयार कर सकते हैं। किसी कठिन अवधारणा को समझने के लिए इंटरैक्टिव दृश्य सामग्री बनाने की सुविधा भी दी जा रही है। गूगल के मुताबिक, सर्च में एआई की मदद से छात्र अपनी जरूरत के अनुसार सामग्री तैयार और उसमें बदलाव कर सकते हैं।

गूगल लेंस से तस्वीर खींचकर समझ सकेंगे सवाल
किताब, प्रश्नपत्र या नोट्स में मौजूद किसी कठिन सवाल को समझने के लिए छात्र गूगल लेंस का इस्तेमाल कर सकेंगे। तस्वीर लेने के बाद एआई उस सामग्री को समझने और उसके बारे में मार्गदर्शन देने में मदद करेगा। इसका फायदा खास तौर पर उन छात्रों को हो सकता है, जो पढ़ाई के दौरान किसी एक सवाल या अवधारणा पर अटक जाते हैं और तुरंत उसका संदर्भ समझना चाहते हैं।

डीप रिसर्च से बड़े विषय पर जुटेगी जानकारी
जेमिनी के डीप रिसर्च फीचर को भी पढ़ाई के काम के लिए ज्यादा उपयोगी बनाया जा रहा है। छात्र किसी बड़े विषय पर जानकारी जुटाने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। नया तरीका ऐसा है जिसमें शोध का काम शुरू करने के बाद छात्र दूसरे काम कर सकते हैं और रिपोर्ट तैयार होने पर उन्हें सूचना मिल सकती है। इससे प्रोजेक्ट, शोध और किसी विषय की गहराई से तैयारी करने वाले छात्रों को मदद मिलने की उम्मीद है।

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कॉलेज छात्रों के लिए Google का बड़ा ऐलान, 1 साल मुफ्त मिलेगा AI Plus; NEET-JEE की तैयारी में भी मिलेगी मदद

By Malay Ojha | Published: 20 August 2026 | 03:05 PM

गूगल ने कॉलेज छात्रों के लिए एआई की मदद से पढ़ाई को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी पात्र कॉलेज छात्रों को एक साल के लिए गूगल एआई प्लस मुफ्त देने जा रही है। भारत में इस पेशकश के तहत छात्रों को जेमिनी के उन्नत फीचर, ज्यादा इस्तेमाल की सीमा और 400 जीबी स्टोरेज जैसी सुविधाएं मिलेंगी। यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब गूगल पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अपने सर्च, जेमिनी और लेंस जैसे प्लेटफॉर्म में लगातार नए एआई फीचर जोड़ रहा है।

भारत के पात्र कॉलेज छात्रों को मिलने वाला यह मुफ्त प्लान सामान्य तौर पर भुगतान वाला गूगल एआई प्लस प्लान है। मौजूदा जानकारी के मुताबिक भारत में इसकी सामान्य कीमत 399 रुपये प्रति माह है। यानी एक साल की अवधि में इस ऑफर का मूल्य करीब 4,800 रुपये बैठता है। हालांकि मुफ्त सदस्यता पाने के लिए छात्रों को अपनी पात्रता की जांच पूरी करनी होगी।

एक साल में करीब 4,800 रुपये की बचत
गूगल की नई पहल सिर्फ मुफ्त सदस्यता तक सीमित नहीं है। कंपनी ने छात्रों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए जेमिनी, गूगल सर्च और गूगल लेंस में कई ऐसे फीचर जोड़े हैं, जिनका इस्तेमाल कठिन विषय समझने, नोट्स तैयार करने, अभ्यास करने और परीक्षा की तैयारी में किया जा सकता है। इस बदलाव से एआई को केवल सवालों का जवाब देने वाले साधन के बजाय पढ़ाई के साथी के रूप में इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है।

पढ़ाई के लिए बनेगा अलग स्टूडेंट हब
जेमिनी में नया स्टूडेंट हब छात्रों के लिए पढ़ाई से जुड़ी कई चीजों को एक जगह व्यवस्थित करने में मदद करेगा। छात्र यहां अपने अध्ययन नोट्स व्यवस्थित कर सकते हैं, फ्लैशकार्ड बना सकते हैं, अभ्यास प्रश्न तैयार कर सकते हैं और पढ़ाई से जुड़े कामों को संभाल सकते हैं। स्टडी नोटबुक में ग्राफ और तस्वीरों जैसे दृश्य माध्यमों को भी शामिल किया गया है, जिससे कठिन विषयों को केवल लिखित जवाब के बजाय ज्यादा आसानी से समझने की कोशिश की जा सकेगी।

कठिन विषयों को समझने में एआई करेगा मदद
नई व्यवस्था में छात्र किसी मुश्किल विषय या सवाल को सीधे जेमिनी के सामने रखकर उसके बारे में चरण-दर-चरण जानकारी ले सकेंगे। इसका मकसद सिर्फ उत्तर देना नहीं, बल्कि छात्र को यह समझाना है कि किसी सवाल तक पहुंचने का तरीका क्या है। गूगल ने पहले ही जेमिनी में ऐसा मार्गदर्शित अध्ययन फीचर शुरू किया है, जो जटिल विषयों को छोटे-छोटे हिस्सों में समझाने और आगे के सवाल पूछने की सुविधा देता है।

नीट और जेईई की तैयारी में भी काम आएगा जेमिनी
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए यह बदलाव खास महत्व रखता है। गूगल ने भारत में जेमिनी के जरिए जेईई मेन के पूरे अभ्यास टेस्ट की सुविधा शुरू की है। इसके बाद नीट यूजी के लिए भी बिना शुल्क अभ्यास परीक्षा उपलब्ध कराई गई। इन अभ्यास परीक्षाओं में छात्र अपना प्रदर्शन देखने के साथ यह भी समझ सकते हैं कि किन विषयों में उनकी पकड़ अच्छी है और किन हिस्सों पर ज्यादा मेहनत की जरूरत है।

गलत जवाब के बाद सिर्फ नंबर नहीं, समझ भी मिलेगी
अभ्यास परीक्षा पूरी करने के बाद जेमिनी छात्र के प्रदर्शन का विश्लेषण कर सकता है। इससे उसे अपनी कमजोरियों को पहचानने में मदद मिलती है। किसी सवाल का जवाब गलत होने पर छात्र उसी सवाल की दोबारा व्याख्या मांग सकता है। इस तरह अभ्यास केवल प्रश्न हल करने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि गलतियों से सीखने और आगे की पढ़ाई की दिशा तय करने का माध्यम भी बन सकता है।

गूगल सर्च भी बनेगा पढ़ाई का नया साधन
गूगल सर्च में भी छात्रों के लिए पढ़ाई से जुड़े नए एआई फीचर जोड़े जा रहे हैं। छात्र अपने नोट्स या दूसरी सामग्री के आधार पर अध्ययन मार्गदर्शिका और अभ्यास प्रश्न तैयार कर सकते हैं। किसी कठिन अवधारणा को समझने के लिए इंटरैक्टिव दृश्य सामग्री बनाने की सुविधा भी दी जा रही है। गूगल के मुताबिक, सर्च में एआई की मदद से छात्र अपनी जरूरत के अनुसार सामग्री तैयार और उसमें बदलाव कर सकते हैं।

गूगल लेंस से तस्वीर खींचकर समझ सकेंगे सवाल
किताब, प्रश्नपत्र या नोट्स में मौजूद किसी कठिन सवाल को समझने के लिए छात्र गूगल लेंस का इस्तेमाल कर सकेंगे। तस्वीर लेने के बाद एआई उस सामग्री को समझने और उसके बारे में मार्गदर्शन देने में मदद करेगा। इसका फायदा खास तौर पर उन छात्रों को हो सकता है, जो पढ़ाई के दौरान किसी एक सवाल या अवधारणा पर अटक जाते हैं और तुरंत उसका संदर्भ समझना चाहते हैं।

डीप रिसर्च से बड़े विषय पर जुटेगी जानकारी
जेमिनी के डीप रिसर्च फीचर को भी पढ़ाई के काम के लिए ज्यादा उपयोगी बनाया जा रहा है। छात्र किसी बड़े विषय पर जानकारी जुटाने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। नया तरीका ऐसा है जिसमें शोध का काम शुरू करने के बाद छात्र दूसरे काम कर सकते हैं और रिपोर्ट तैयार होने पर उन्हें सूचना मिल सकती है। इससे प्रोजेक्ट, शोध और किसी विषय की गहराई से तैयारी करने वाले छात्रों को मदद मिलने की उम्मीद है।

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