उत्तर प्रदेश की राज्यपाल Anandiben Patel ने राज्य की यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में छात्रों के लिए यूनिफॉर्म अनिवार्य करने का निर्देश दिया है। यह फैसला बुधवार को जन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया। राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाए रखने के लिए ड्रेस कोड जरूरी है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह नियम Jananayak Chandrashekhar University से संबद्ध सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों में भी लागू किया जाएगा। इस फैसले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री Suresh Kumar Khanna ने राज्यपाल के प्रयासों की सराहना की और कहा कि शिक्षा संस्थानों में अनुशासन छात्रों के भविष्य के लिए जरूरी है।
शिक्षकों को समय पर क्लास लेने के निर्देश
राज्यपाल ने शिक्षकों को भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक ऐसा कोई काम न करें जिससे इस पेशे की गरिमा प्रभावित हो। साथ ही सभी शिक्षकों को समय पर कक्षा में पहुंचने और छात्रों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
महिला छात्रावासों की सुरक्षा पर जोर
बैठक में महिला छात्रावासों की स्थिति सुधारने पर भी विशेष चर्चा हुई। राज्यपाल ने निर्देश दिया कि छात्रावासों का वातावरण सुरक्षित और अनुशासित होना चाहिए तथा उन्हें असामाजिक गतिविधियों से दूर रखा जाए।
छात्राओं के लिए स्किल और रोजगार आधारित कोर्स
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्किल आधारित कोर्स शुरू करने की सलाह दी। उन्होंने ब्यूटी प्रशिक्षण, मेहंदी कला, जीएसटी, अकाउंटेंसी, बिंदी निर्माण और बाजरा आधारित खाद्य उत्पादों से जुड़े कोर्स शुरू करने का सुझाव दिया।
जैविक खेती से कमाई बढ़ाने की सलाह
उन्होंने छात्रों को जैविक खेती अपनाने के लिए भी प्रेरित किया। राज्यपाल का कहना है कि छात्र अपनी जमीन पर ऑर्गेनिक खेती कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। इसके जरिए युवाओं को पढ़ाई के साथ रोजगार से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
मल्टी टास्क लर्निंग और नए विषयों पर फोकस
राज्यपाल ने संस्थानों को छात्रों को विषय चुनने की स्वतंत्रता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को मुख्य विषयों के साथ योग, चित्रकला और अन्य कौशल भी सीखने चाहिए ताकि उनकी रोजगार क्षमता बढ़ सके।
खाली पद भरने और ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर
जहां शिक्षकों की कमी है वहां ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था करने और दूसरे संस्थानों से सहयोग लेने की बात कही गई। साथ ही खाली पदों को जल्द भरने और शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने के निर्देश भी दिए गए।
साफ पेयजल और रिसर्च पर विशेष निर्देश
राज्यपाल ने आंगनवाड़ी केंद्रों, प्राथमिक स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और कॉलेजों में साफ पीने का पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय किताबों व रिसर्च मैटेरियल तक पहुंच देने के लिए ‘वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन’ और ‘इन्फ्लिबनेट’ जैसी योजनाओं का ज्यादा इस्तेमाल करने को कहा गया।
शिक्षकों को हर साल रिसर्च पेपर प्रकाशित करने की सलाह
राज्यपाल ने उच्च शिक्षा संस्थानों में रिसर्च और अकादमिक लेखन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक हर साल कम से कम दो बुक चैप्टर या रिसर्च पेपर प्रकाशित करें, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर हो सके।



