केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने 12वीं के रिजल्ट के बाद छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है. बोर्ड ने कहा है कि रिजल्ट से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया को लेकर छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है. सीबीएसई ने साफ किया कि हर छात्र के शैक्षणिक हितों की रक्षा करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है.
सीबीएसई ने भरोसा दिलाया कि तकनीकी परेशानी या प्रक्रिया में आई किसी भी गड़बड़ी के कारण किसी भी छात्र को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा. बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया या अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें.
लाखों आंसर शीट्स की हुई डिजिटल जांच
बोर्ड के अनुसार इस साल करीब 98.6 लाख से ज्यादा आंसर शीट्स का मूल्यांकन ओएसएम प्रणाली के जरिए किया गया. छात्रों को अपनी स्कैन कॉपी देखने, अंकों के वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने का मौका भी दिया गया है.
विषय विशेषज्ञ दोबारा करते हैं जांच
सीबीएसई ने बताया कि जिन कॉपियों को समीक्षा के लिए चुना जाता है, उनकी जांच विषय विशेषज्ञों की टीम दोबारा करती है. बोर्ड का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाती है ताकि किसी छात्र के साथ अन्याय न हो.
पोर्टल पर बढ़े ट्रैफिक से आई तकनीकी दिक्कतें
रिजल्ट जारी होने के बाद पोर्टल पर अचानक बढ़े ट्रैफिक के कारण कई छात्रों को तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा. कुछ विद्यार्थियों ने शिकायत की कि पीक समय में वेबसाइट सही तरीके से काम नहीं कर रही थी. वहीं कई मामलों में भुगतान की पुष्टि होने में भी देरी हुई.
स्कैन कॉपी और मार्किंग को लेकर भी आई शिकायतें
कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें स्कैन कॉपी में धुंधले या गायब पेज दिखाई दिए. वहीं कई विद्यार्थियों ने बिना जांचे उत्तर, गलत मार्किंग और कॉपी जांच में लापरवाही जैसी शिकायतें भी दर्ज कराई हैं. बोर्ड ने कहा कि सभी शिकायतों की गंभीरता से समीक्षा की जाएगी.



