Saturday, June 13, 2026
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सीबीएसई ने Re Evaluation के लिए शुरू किया आवेदन, लेकिन एक सवाल ने लाखों छात्रों की बढ़ा दी धड़कन!

By Malay Ojha | Published: 02 June 2026 | 05:36 PM

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। लंबे इंतजार के बाद पोर्टल खुलने से छात्रों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन इसके साथ ही एक नई चिंता भी सामने आ गई है। बोर्ड ने आवेदन की अंतिम तारीख तो घोषित कर दी है, लेकिन पुनर्मूल्यांकन का परिणाम कब जारी होगा, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। यही कारण है कि हजारों छात्र और उनके अभिभावक असमंजस की स्थिति में हैं।

कई दिनों से छात्र पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। अब बोर्ड ने आवेदन की सुविधा उपलब्ध करा दी है, जिससे जिन छात्रों को अपने अंकों पर संदेह है, वे दोबारा जांच की मांग कर सकते हैं। हालांकि कुछ विद्यार्थियों ने तकनीकी परेशानियों की शिकायत भी की है, फिर भी बड़ी संख्या में छात्रों ने इसे राहत भरा कदम माना है।

अंतिम तारीख तय, लेकिन परिणाम पर चुप्पी
बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि छात्र निर्धारित समय सीमा के भीतर ही आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुनर्मूल्यांकन का परिणाम कब घोषित किया जाएगा। इस संबंध में कोई समय-सारिणी जारी नहीं की गई है। यही अनिश्चितता छात्रों के भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर रही है।

इस बार परिणाम को लेकर अधिक बेचैनी क्यों?
इस वर्ष 12वीं कक्षा के परिणामों को लेकर काफी चर्चा रही है। विशेष रूप से विज्ञान वर्ग के कई छात्रों को अपेक्षा से कम अंक मिलने की शिकायत रही है। बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन बारहवीं में निर्धारित प्रतिशत नहीं मिलने के कारण उनकी पात्रता प्रभावित हुई है। ऐसे छात्र पुनर्मूल्यांकन से अपनी स्थिति बेहतर होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

प्रवेश प्रक्रिया के साथ बढ़ी मुश्किल
स्थिति इसलिए और गंभीर हो गई है क्योंकि देश के प्रमुख तकनीकी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। छात्र अपनी पसंद के संस्थान और पाठ्यक्रम का चयन कर रहे हैं। आने वाले दिनों में सीट आवंटन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी। ऐसे में यदि पुनर्मूल्यांकन का परिणाम समय पर नहीं आया तो कई छात्र महत्वपूर्ण अवसरों से वंचित हो सकते हैं।

छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता
पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने वाले अधिकांश छात्र यह जानना चाहते हैं कि परिणाम कब तक घोषित होगा। अभिभावकों का भी कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया और पुनर्मूल्यांकन के बीच तालमेल जरूरी है। यदि परिणाम देर से आता है तो विद्यार्थियों को प्रवेश संबंधी फैसले अधूरी जानकारी के आधार पर लेने पड़ सकते हैं।

पिछले अनुभवों ने भी बढ़ाई बेचैनी
बीते कुछ सप्ताहों में बोर्ड की कई सेवाओं को लेकर छात्रों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां प्राप्त करने में देरी, धुंधली प्रतियां मिलने, आवेदन प्रक्रिया में तकनीकी अड़चन और पोर्टल के समय पर सक्रिय नहीं होने जैसी समस्याओं ने विद्यार्थियों का भरोसा प्रभावित किया है। यही वजह है कि इस बार पुनर्मूल्यांकन परिणाम को लेकर भी आशंकाएं बनी हुई हैं।

समय पर परिणाम जारी होना क्यों जरूरी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बोर्ड जल्द से जल्द पुनर्मूल्यांकन का परिणाम जारी कर देता है तो हजारों छात्रों को राहत मिल सकती है। इससे वे प्रवेश प्रक्रिया में पूरी तैयारी और स्पष्टता के साथ हिस्सा ले सकेंगे। इसके विपरीत देरी होने पर छात्रों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है।

सभी की नजर अब बोर्ड के अगले कदम पर
फिलहाल आवेदन प्रक्रिया जारी है और छात्र बड़ी संख्या में इसमें हिस्सा ले रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बोर्ड पुनर्मूल्यांकन का परिणाम कब जारी करेगा। आने वाले दिनों में बोर्ड की घोषणा लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जब तक परिणाम की तारीख स्पष्ट नहीं होती, तब तक चिंता और इंतजार दोनों जारी रहने की संभावना है।

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सीबीएसई ने Re Evaluation के लिए शुरू किया आवेदन, लेकिन एक सवाल ने लाखों छात्रों की बढ़ा दी धड़कन!

By Malay Ojha | Published: 02 June 2026 | 05:36 PM

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। लंबे इंतजार के बाद पोर्टल खुलने से छात्रों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन इसके साथ ही एक नई चिंता भी सामने आ गई है। बोर्ड ने आवेदन की अंतिम तारीख तो घोषित कर दी है, लेकिन पुनर्मूल्यांकन का परिणाम कब जारी होगा, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। यही कारण है कि हजारों छात्र और उनके अभिभावक असमंजस की स्थिति में हैं।

कई दिनों से छात्र पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। अब बोर्ड ने आवेदन की सुविधा उपलब्ध करा दी है, जिससे जिन छात्रों को अपने अंकों पर संदेह है, वे दोबारा जांच की मांग कर सकते हैं। हालांकि कुछ विद्यार्थियों ने तकनीकी परेशानियों की शिकायत भी की है, फिर भी बड़ी संख्या में छात्रों ने इसे राहत भरा कदम माना है।

अंतिम तारीख तय, लेकिन परिणाम पर चुप्पी
बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि छात्र निर्धारित समय सीमा के भीतर ही आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद किसी भी प्रकार का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुनर्मूल्यांकन का परिणाम कब घोषित किया जाएगा। इस संबंध में कोई समय-सारिणी जारी नहीं की गई है। यही अनिश्चितता छात्रों के भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर रही है।

इस बार परिणाम को लेकर अधिक बेचैनी क्यों?
इस वर्ष 12वीं कक्षा के परिणामों को लेकर काफी चर्चा रही है। विशेष रूप से विज्ञान वर्ग के कई छात्रों को अपेक्षा से कम अंक मिलने की शिकायत रही है। बड़ी संख्या में ऐसे विद्यार्थी हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन बारहवीं में निर्धारित प्रतिशत नहीं मिलने के कारण उनकी पात्रता प्रभावित हुई है। ऐसे छात्र पुनर्मूल्यांकन से अपनी स्थिति बेहतर होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

प्रवेश प्रक्रिया के साथ बढ़ी मुश्किल
स्थिति इसलिए और गंभीर हो गई है क्योंकि देश के प्रमुख तकनीकी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। छात्र अपनी पसंद के संस्थान और पाठ्यक्रम का चयन कर रहे हैं। आने वाले दिनों में सीट आवंटन की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी। ऐसे में यदि पुनर्मूल्यांकन का परिणाम समय पर नहीं आया तो कई छात्र महत्वपूर्ण अवसरों से वंचित हो सकते हैं।

छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता
पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करने वाले अधिकांश छात्र यह जानना चाहते हैं कि परिणाम कब तक घोषित होगा। अभिभावकों का भी कहना है कि प्रवेश प्रक्रिया और पुनर्मूल्यांकन के बीच तालमेल जरूरी है। यदि परिणाम देर से आता है तो विद्यार्थियों को प्रवेश संबंधी फैसले अधूरी जानकारी के आधार पर लेने पड़ सकते हैं।

पिछले अनुभवों ने भी बढ़ाई बेचैनी
बीते कुछ सप्ताहों में बोर्ड की कई सेवाओं को लेकर छात्रों ने शिकायतें दर्ज कराई थीं। उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां प्राप्त करने में देरी, धुंधली प्रतियां मिलने, आवेदन प्रक्रिया में तकनीकी अड़चन और पोर्टल के समय पर सक्रिय नहीं होने जैसी समस्याओं ने विद्यार्थियों का भरोसा प्रभावित किया है। यही वजह है कि इस बार पुनर्मूल्यांकन परिणाम को लेकर भी आशंकाएं बनी हुई हैं।

समय पर परिणाम जारी होना क्यों जरूरी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बोर्ड जल्द से जल्द पुनर्मूल्यांकन का परिणाम जारी कर देता है तो हजारों छात्रों को राहत मिल सकती है। इससे वे प्रवेश प्रक्रिया में पूरी तैयारी और स्पष्टता के साथ हिस्सा ले सकेंगे। इसके विपरीत देरी होने पर छात्रों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है।

सभी की नजर अब बोर्ड के अगले कदम पर
फिलहाल आवेदन प्रक्रिया जारी है और छात्र बड़ी संख्या में इसमें हिस्सा ले रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि बोर्ड पुनर्मूल्यांकन का परिणाम कब जारी करेगा। आने वाले दिनों में बोर्ड की घोषणा लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। जब तक परिणाम की तारीख स्पष्ट नहीं होती, तब तक चिंता और इंतजार दोनों जारी रहने की संभावना है।

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