Saturday, May 9, 2026
spot_img

National

Delhi Private School Rules: अब किताब-ड्रेस कहीं से भी खरीदें, स्कूल की मनमानी पर टेकओवर की चेतावनी

दिल्ली के निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब अभिभावकों को किताबें, ड्रेस और स्टेशनरी खरीदने की पूरी आजादी होगी। कोई भी स्कूल उन्हें किसी खास दुकान या अपने स्टोर से सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेगा।

अभिभावकों को मिली खरीदारी की आजादी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट कहा है कि माता-पिता अपनी सुविधा और बजट के अनुसार किसी भी विक्रेता से स्कूल ड्रेस, किताबें और स्टेशनरी खरीद सकते हैं। स्कूल केवल सुझाव दे सकता है, दबाव नहीं बना सकता।

स्कूलों को जारी हुए सख्त निर्देश
सरकार ने सभी निजी स्कूलों को आदेश दिया है कि वे अपने नोटिस बोर्ड, वेबसाइट और यदि स्कूल स्टोर है तो वहां साफ लिखें कि अभिभावक सामान कहीं से भी खरीद सकते हैं। यह जानकारी खुले तौर पर देना जरूरी होगा।

तय दुकान से खरीदने की मजबूरी खत्म
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी एक दुकान या विक्रेता से सामान खरीदने की अनिवार्यता पूरी तरह गलत है। अगर स्कूल सुविधा के लिए कुछ दुकानों के नाम बताना चाहता है तो पांच या छह विकल्प लिखित रूप में दे सकता है, लेकिन कोई बाध्यता नहीं होगी।

नियम तोड़ा तो होगी कड़ी कार्रवाई
सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि किसी स्कूल ने आदेश का उल्लंघन किया या अभिभावकों पर दबाव बनाया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर स्कूल का टेकओवर भी किया जा सकता है।

अचानक निरीक्षण करेंगी मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह किसी भी स्कूल में अचानक जांच के लिए पहुंच सकती हैं। यह केवल घोषणा नहीं बल्कि वास्तविक कार्रवाई है, जो अभिभावकों की शिकायतों के आधार पर की जाएगी।

शिकायतों पर सीधे होगी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि कई अभिभावकों ने लिखकर बताया है कि किन स्कूलों में गड़बड़ी हो रही है। जहां भी शिकायतें मिलेंगी, वहां सरकार जांच करेगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।

निजी स्कूलों के लिए बड़ा संदेश
सरकार ने साफ कर दिया है कि शिक्षा के नाम पर अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दिल्ली में स्कूल व्यवस्था को पारदर्शी और जिम्मेदार बनाने के लिए आगे भी ऐसे कदम उठाए जाएंगे।

International

Delhi Private School Rules: अब किताब-ड्रेस कहीं से भी खरीदें, स्कूल की मनमानी पर टेकओवर की चेतावनी

दिल्ली के निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब अभिभावकों को किताबें, ड्रेस और स्टेशनरी खरीदने की पूरी आजादी होगी। कोई भी स्कूल उन्हें किसी खास दुकान या अपने स्टोर से सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेगा।

अभिभावकों को मिली खरीदारी की आजादी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट कहा है कि माता-पिता अपनी सुविधा और बजट के अनुसार किसी भी विक्रेता से स्कूल ड्रेस, किताबें और स्टेशनरी खरीद सकते हैं। स्कूल केवल सुझाव दे सकता है, दबाव नहीं बना सकता।

स्कूलों को जारी हुए सख्त निर्देश
सरकार ने सभी निजी स्कूलों को आदेश दिया है कि वे अपने नोटिस बोर्ड, वेबसाइट और यदि स्कूल स्टोर है तो वहां साफ लिखें कि अभिभावक सामान कहीं से भी खरीद सकते हैं। यह जानकारी खुले तौर पर देना जरूरी होगा।

तय दुकान से खरीदने की मजबूरी खत्म
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी एक दुकान या विक्रेता से सामान खरीदने की अनिवार्यता पूरी तरह गलत है। अगर स्कूल सुविधा के लिए कुछ दुकानों के नाम बताना चाहता है तो पांच या छह विकल्प लिखित रूप में दे सकता है, लेकिन कोई बाध्यता नहीं होगी।

नियम तोड़ा तो होगी कड़ी कार्रवाई
सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि किसी स्कूल ने आदेश का उल्लंघन किया या अभिभावकों पर दबाव बनाया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर स्कूल का टेकओवर भी किया जा सकता है।

अचानक निरीक्षण करेंगी मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह किसी भी स्कूल में अचानक जांच के लिए पहुंच सकती हैं। यह केवल घोषणा नहीं बल्कि वास्तविक कार्रवाई है, जो अभिभावकों की शिकायतों के आधार पर की जाएगी।

शिकायतों पर सीधे होगी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि कई अभिभावकों ने लिखकर बताया है कि किन स्कूलों में गड़बड़ी हो रही है। जहां भी शिकायतें मिलेंगी, वहां सरकार जांच करेगी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।

निजी स्कूलों के लिए बड़ा संदेश
सरकार ने साफ कर दिया है कि शिक्षा के नाम पर अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दिल्ली में स्कूल व्यवस्था को पारदर्शी और जिम्मेदार बनाने के लिए आगे भी ऐसे कदम उठाए जाएंगे।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES