Saturday, May 9, 2026
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दो बार फेल होने के बाद बनीं आईएएस! जानिए परी बिश्नोई की संघर्ष से सफलता तक की प्रेरणादायक कहानी

Pari Bishnoi की सफलता की कहानी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। दो बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया।

हाल ही में सिक्किम सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए परी बिश्नोई को नई जिम्मेदारी सौंपी है। अब उन्हें पाखयोंग जिले का जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह सिक्किम हाउस में डिप्टी रेजिडेंट कमिश्नर के पद पर कार्यरत थीं।

राजस्थान के बीकानेर से रखती हैं संबंध
परी बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली हैं। उनके पिता मणिराम बिश्नोई पेशे से वकील हैं, जबकि उनकी मां रेलवे सुरक्षा बल में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।

पढ़ाई में शुरुआत से थीं अव्वल
परी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई अजमेर के एक स्कूल से पूरी की थी। उन्होंने 10वीं और 12वीं में शानदार अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और फिर राजनीतिक विज्ञान में परास्नातक किया।

नेट-जेआरएफ भी कर चुकी हैं पास
यूपीएससी परीक्षा की तैयारी से पहले परी बिश्नोई ने नेट-जेआरएफ परीक्षा भी पास की थी। इससे उनकी पढ़ाई और विषयों पर पकड़ और मजबूत हुई।

दो असफलताओं के बाद नहीं मानी हार
परी बिश्नोई को यूपीएससी परीक्षा में सफलता तीसरे प्रयास में मिली। शुरुआती दो प्रयासों में असफल होने के बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी और आखिरकार वर्ष 2019 की परीक्षा में 30वीं रैंक हासिल की।

पढ़ाई के लिए खुद को रखा था पूरी तरह समर्पित
परी बताती हैं कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने खुद को पूरी तरह पढ़ाई में समर्पित कर दिया था। वह इंटरनेट का इस्तेमाल केवल पढ़ाई और जरूरी जानकारी के लिए करती थीं। उनका पूरा फोकस लक्ष्य हासिल करने पर था।

निजी जीवन भी रहा चर्चा में
आईएएस परी बिश्नोई ने वर्ष 2023 में Bhavya Bishnoi से शादी की थी। भव्य बिश्नोई राजनीतिक परिवार से संबंध रखते हैं। इस शादी के बाद परी बिश्नोई भी काफी चर्चा में रही थीं।

युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
परी बिश्नोई की कहानी यह बताती है कि लगातार मेहनत, अनुशासन और धैर्य से बड़ी से बड़ी परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है। आज कई छात्र उनकी रणनीति और संघर्ष से प्रेरणा ले रहे हैं।

International

दो बार फेल होने के बाद बनीं आईएएस! जानिए परी बिश्नोई की संघर्ष से सफलता तक की प्रेरणादायक कहानी

Pari Bishnoi की सफलता की कहानी आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है। दो बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बनने का सपना पूरा किया।

हाल ही में सिक्किम सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए परी बिश्नोई को नई जिम्मेदारी सौंपी है। अब उन्हें पाखयोंग जिले का जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह सिक्किम हाउस में डिप्टी रेजिडेंट कमिश्नर के पद पर कार्यरत थीं।

राजस्थान के बीकानेर से रखती हैं संबंध
परी बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली हैं। उनके पिता मणिराम बिश्नोई पेशे से वकील हैं, जबकि उनकी मां रेलवे सुरक्षा बल में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।

पढ़ाई में शुरुआत से थीं अव्वल
परी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई अजमेर के एक स्कूल से पूरी की थी। उन्होंने 10वीं और 12वीं में शानदार अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और फिर राजनीतिक विज्ञान में परास्नातक किया।

नेट-जेआरएफ भी कर चुकी हैं पास
यूपीएससी परीक्षा की तैयारी से पहले परी बिश्नोई ने नेट-जेआरएफ परीक्षा भी पास की थी। इससे उनकी पढ़ाई और विषयों पर पकड़ और मजबूत हुई।

दो असफलताओं के बाद नहीं मानी हार
परी बिश्नोई को यूपीएससी परीक्षा में सफलता तीसरे प्रयास में मिली। शुरुआती दो प्रयासों में असफल होने के बावजूद उन्होंने तैयारी जारी रखी और आखिरकार वर्ष 2019 की परीक्षा में 30वीं रैंक हासिल की।

पढ़ाई के लिए खुद को रखा था पूरी तरह समर्पित
परी बताती हैं कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने खुद को पूरी तरह पढ़ाई में समर्पित कर दिया था। वह इंटरनेट का इस्तेमाल केवल पढ़ाई और जरूरी जानकारी के लिए करती थीं। उनका पूरा फोकस लक्ष्य हासिल करने पर था।

निजी जीवन भी रहा चर्चा में
आईएएस परी बिश्नोई ने वर्ष 2023 में Bhavya Bishnoi से शादी की थी। भव्य बिश्नोई राजनीतिक परिवार से संबंध रखते हैं। इस शादी के बाद परी बिश्नोई भी काफी चर्चा में रही थीं।

युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
परी बिश्नोई की कहानी यह बताती है कि लगातार मेहनत, अनुशासन और धैर्य से बड़ी से बड़ी परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है। आज कई छात्र उनकी रणनीति और संघर्ष से प्रेरणा ले रहे हैं।

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