By Malay Ojha | Published: 01 June 2026 | 06:47 PM
जेईई एडवांस्ड 2026 का परिणाम घोषित होते ही बिहार के गया जिले के रहने वाले शुभम कुमार पूरे देश में चर्चा का विषय बन गए हैं। शुभम ने परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार और जिले का नाम रोशन किया है, बल्कि उन्हें तैयार करने वाले शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थान को भी गर्व का अवसर दिया है।
शुभम कुमार की सफलता अचानक हासिल हुई उपलब्धि नहीं है। इसके पीछे लगातार दो वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासित अध्ययन और सुव्यवस्थित मार्गदर्शन की बड़ी भूमिका रही है। शुभम ने अपनी तैयारी की शुरुआत एक छात्रवृत्ति परीक्षा के माध्यम से की थी, जिसमें उन्होंने राज्य स्तर पर तीसरा स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद उन्होंने मेंटर्स एडुसर्व संस्थान के द्विवर्षीय नियमित ऑनलाइन कक्षा कार्यक्रम में प्रवेश लिया और व्यवस्थित तैयारी शुरू की।
ऑनलाइन पढ़ाई के साथ मिला लगातार मार्गदर्शन
तैयारी के दौरान शुभम को अनुभवी शिक्षकों द्वारा नियमित लाइव इंटरैक्टिव कक्षाएं उपलब्ध कराई गईं। पढ़ाई को आसान और प्रभावी बनाने के लिए अध्ययन सामग्री, राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा श्रृंखला, विषयवार शंका समाधान और लगातार मूल्यांकन जैसी सुविधाएं भी दी गईं। इसके अलावा गया केंद्र पर उन्हें ऑफलाइन शैक्षणिक सहयोग भी मिलता रहा, जिससे उनकी तैयारी और मजबूत हुई।
कठिन परिश्रम और सही दिशा का मिला परिणाम
शुभम की सफलता पर मेंटर्स एडुसर्व संस्थान के निदेशक आनंद कुमार जायसवाल ने खुशी जताते हुए कहा कि किसी भी बड़ी उपलब्धि के पीछे विद्यार्थी की मेहनत, शिक्षकों का समर्पण और अभिभावकों का सहयोग समान रूप से महत्वपूर्ण होता है। उनके अनुसार जब ये तीनों पक्ष एक लक्ष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हैं, तभी राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे परिणाम सामने आते हैं।
गुणवत्ता आधारित परिणामों पर संस्थान का भरोसा
आनंद कुमार जायसवाल का कहना है कि संस्थान हमेशा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी परिणामों पर विश्वास करता है। उनका दावा है कि विद्यार्थियों की सफलता केवल विज्ञापन का विषय नहीं होती, बल्कि वर्षों की शैक्षणिक प्रतिबद्धता और लगातार किए गए प्रयासों का परिणाम होती है। यही कारण है कि संस्थान के परिणामों की विश्वसनीयता छात्रों और अभिभावकों के बीच लगातार मजबूत हुई है।
चयन नहीं हुआ तो निराश होने की जरूरत नहीं
उन्होंने उन विद्यार्थियों को भी संदेश दिया जिनका इस बार का परिणाम उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता और असफलता दोनों प्रक्रिया का हिस्सा हैं। यदि किसी छात्र का चयन नहीं हुआ है तो उसे निराश होने के बजाय अपनी कमियों का विश्लेषण कर नए उत्साह के साथ अगले प्रयास की तैयारी करनी चाहिए।
नए रीपीटर बैच जल्द होंगे शुरू
संस्थान की ओर से बताया गया है कि आगामी सत्र के लिए नए रीपीटर बैच जून महीने में शुरू किए जा रहे हैं। ऐसे विद्यार्थी जो अगले वर्ष की परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं, वे अपने शैक्षणिक प्रदर्शन या प्रतियोगी परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर छात्रवृत्ति का लाभ भी प्राप्त कर सकते हैं।
6th से 12th तक के विद्यार्थियों के लिए प्रवेश जारी
संस्थान में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छठी से बारहवीं कक्षा तथा बारहवीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया भी जारी है। योग्य विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के आधार पर छात्रवृत्ति और विशेष शैक्षणिक सहायता प्रदान की जा रही है। संस्थान के अनुसार नए बैच शीघ्र शुरू होंगे और इच्छुक विद्यार्थी अधिक जानकारी के लिए संपर्क कर सकते हैं।
सफलता की कहानी बन गया शुभम का सफर
जेईई एडवांस्ड 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर शुभम कुमार ने यह साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और मजबूत संकल्प के दम पर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में भी शीर्ष स्थान हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता आने वाले वर्षों में लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।



