By Malay Ojha | Published: 11 June 2026 | 04:07 PM
उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बेसिक शिक्षा विभाग में करीब 60 हजार शिक्षकों की भर्ती की तैयारी तेजी से आगे बढ़ रही है। विभागीय स्तर पर रिक्त पदों का ब्योरा जुटाने और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी औपचारिकताओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि शासन की मंजूरी मिलते ही भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी किया जा सकता है।
इस बार की शिक्षक भर्ती कई मायनों में खास रहने वाली है। पहली बार उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया का संचालन करेगा। इससे पहले यह जिम्मेदारी परीक्षा नियामक प्राधिकारी के पास होती थी। नए आयोग के जिम्मा संभालने के बाद भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा पद खाली
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार भर्ती का सबसे बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में होगा। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक ग्रामीण कैडर में 48 हजार से अधिक पद खाली बताए जा रहे हैं। वहीं शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों में लगभग 11,500 शिक्षकों की नियुक्ति की संभावना है। दोनों कैडरों को मिलाकर कुल पदों की संख्या करीब 60 हजार तक पहुंच सकती है।
खाली पदों का विवरण जुटाने का काम जारी
भर्ती प्रक्रिया शुरू करने से पहले विभाग सभी जिलों से रिक्त पदों का अद्यतन विवरण एकत्र कर रहा है। शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों में खाली पदों की जानकारी आयोग को उपलब्ध कराई जा चुकी है। दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत विद्यालयों से रिक्त पदों का पूरा विवरण ऑनलाइन माध्यम से भेजने की तैयारी चल रही है।
भर्ती से जुड़ा ऑनलाइन पोर्टल को किया गया सक्रिय
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को गति देने के लिए आयोग ने ई-अधियाचन पोर्टल (भर्ती से जुड़ा ऑनलाइन पोर्टल) को सक्रिय कर दिया है। इसके जरिए विभिन्न जिलों और विभागों से रिक्त पदों का डेटा ऑनलाइन प्राप्त किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हो सकेगी।
नियमावली में भी हो रहा संशोधन
भर्ती शुरू करने से पहले विभाग कुछ आवश्यक नियमों और प्रक्रियाओं में संशोधन कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार भर्ती नियमावली को अद्यतन किया जा रहा है ताकि नई व्यवस्था के तहत चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा न आए। नियमावली तैयार होने के बाद इसे शासन के पास अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
मंजूरी मिलते ही जारी हो सकता है विज्ञापन
विभागीय सूत्रों का कहना है कि रिक्त पदों का अंतिम ब्योरा और संशोधित नियमावली तैयार होने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। यदि वहां से जल्द मंजूरी मिल जाती है तो भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। ऐसे में लाखों अभ्यर्थियों को लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत मिल सकती है।
कई वर्षों बाद होने जा रही बड़ी भर्ती
बेसिक शिक्षा विभाग में ग्रामीण कैडर के विद्यालयों के लिए आखिरी बड़ी शिक्षक भर्ती वर्ष 2018 में आयोजित की गई थी। इसके बाद लंबे समय तक नई भर्ती नहीं हो सकी। वहीं शहरी कैडर में तो काफी समय से कोई बड़ी भर्ती प्रक्रिया नहीं हुई है। यही कारण है कि इस बार आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
प्रतियोगिता रहने की उम्मीद
लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के अलावा शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके उम्मीदवार भी इस भर्ती का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पदों की संख्या भले बड़ी हो, लेकिन आवेदन करने वालों की संख्या भी काफी अधिक रहेगी। ऐसे में चयन प्रक्रिया में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।
अभ्यर्थियों को क्या करना चाहिए
भर्ती विज्ञापन जारी होने से पहले अभ्यर्थियों को अपनी शैक्षणिक और अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। साथ ही विभाग और आयोग की आधिकारिक घोषणाओं पर लगातार नजर बनाए रखना जरूरी होगा। नोटिफिकेशन जारी होते ही पात्रता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और आवेदन तिथियों की स्पष्ट जानकारी सामने आ जाएगी।



