टैगोर एजुकेशन टाइम्स टीम | Published: 28 May 2026 | 02:59 PM
केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय को और मजबूत बनाने के लिए बड़े स्तर पर पद बढ़ाने का फैसला किया है। वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग की ओर से जारी आदेश में जांच एजेंसी के कई विभागों में नई नियुक्तियों और अतिरिक्त पदों को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि बढ़ते आर्थिक अपराधों और जांच के मामलों को देखते हुए एजेंसी की क्षमता बढ़ाना जरूरी हो गया था।
सरकारी आदेश के अनुसार, ईडी के जांच विभाग में सबसे अधिक पद बढ़ाए गए हैं। एडिशनल डायरेक्टर के पद 10 से बढ़ाकर 24 कर दिए गए हैं। वहीं ज्वाइंट डायरेक्टर के पद 28 से बढ़कर 49 हो गए हैं। इसके अलावा डिप्टी डायरेक्टर के पद 148 से बढ़ाकर 267 और असिस्टेंट डायरेक्टर के पद 255 से बढ़ाकर 531 किए गए हैं। इससे साफ है कि सरकार जांच व्यवस्था को और अधिक मजबूत करना चाहती है।
एनफोर्समेंट ऑफिसर के पदों में भी बड़ी बढ़ोतरी
ईडी में एनफोर्समेंट ऑफिसर और असिस्टेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर के पदों में भी भारी इजाफा किया गया है। एनफोर्समेंट ऑफिसर के पद 355 से बढ़ाकर 606 कर दिए गए हैं, जबकि असिस्टेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर के पद 425 से बढ़कर 803 हो गए हैं। माना जा रहा है कि इससे आर्थिक अपराधों की जांच और छापेमारी की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
कानूनी और सुरक्षा विभाग को भी मिला विस्तार
सरकार ने केवल जांच विभाग ही नहीं, बल्कि कानूनी और सुरक्षा शाखा में भी नए पदों को मंजूरी दी है। कानूनी विभाग में पद बढ़ने से मामलों की सुनवाई और दस्तावेजी कार्रवाई तेजी से पूरी हो सकेगी। वहीं सुरक्षा विभाग में सीनियर सिपाही के पद 209 से बढ़ाकर 273 कर दिए गए हैं। इसके अलावा सिस्टम विभाग और मंत्रालयी स्टाफ में भी अतिरिक्त नियुक्तियों की मंजूरी दी गई है।
क्या होता है प्रवर्तन निदेशालय का काम
प्रवर्तन निदेशालय भारत सरकार की प्रमुख जांच एजेंसियों में शामिल है। यह एजेंसी मुख्य रूप से मनी लॉन्ड्रिंग, विदेशी मुद्रा कानून उल्लंघन और आर्थिक अपराधों की जांच करती है। यह वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत काम करती है और देशभर में बड़े आर्थिक मामलों की जांच संभालती है।
ईडी में नौकरी कैसे मिलती है
ईडी में सबसे चर्चित भर्ती असिस्टेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर के पद पर होती है। इसके लिए कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा के जरिए चयन किया जाता है। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना जरूरी है। उम्र सीमा सामान्य तौर पर 18 से 30 वर्ष के बीच रखी जाती है, जबकि आरक्षित वर्ग को नियमानुसार छूट मिलती है।
तीन चरणों में होती है चयन प्रक्रिया
इस भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों को तीन चरणों से गुजरना होता है। सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा, फिर मुख्य परीक्षा और उसके बाद दस्तावेज सत्यापन किया जाता है। इसके अलावा भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारियों को भी प्रतिनियुक्ति के आधार पर ईडी में तैनात किया जाता है। इन्हें असिस्टेंट डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर और ज्वाइंट डायरेक्टर जैसे पदों पर नियुक्त किया जाता है।



