By Malay Ojha | Published: 24 July 2026 | 01:40 PM
अंतरिक्ष विज्ञान और नई तकनीक के क्षेत्र में अपना करियर बनाने का सपना देख रहे छात्रों के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने इंटर्नशिप का अवसर दिया है। विज्ञान और तकनीक से जुड़े योग्य विद्यार्थी इस कार्यक्रम के तहत इसरो के अलग-अलग केंद्रों में काम करने और वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में शोध परियोजनाओं पर अनुभव हासिल कर सकेंगे। बीएससी इंटर्नशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन 14 अगस्त 2026 से शुरू होंगे, जबकि आवेदन की अंतिम तारीख 14 सितंबर 2026 तय की गई है।
इसरो की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, बीएससी इंटर्नशिप के लिए आवेदन प्रक्रिया 14 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे शुरू होगी। इच्छुक और योग्य विद्यार्थी 14 सितंबर 2026 की रात 11:59 बजे तक अपना आवेदन जमा कर सकेंगे। इंटर्नशिप का आयोजन 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 के बीच किया जाना प्रस्तावित है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में काम का मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि चयनित विद्यार्थियों को इसरो के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ काम करने का अवसर मिल सकता है। इंटर्नशिप के दौरान विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान, इंजीनियरिंग और तकनीक से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अनुभव मिलेगा। इससे छात्रों को किताबों और कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर वास्तविक शोध और प्रयोगशाला के काम को समझने में मदद मिलेगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
इसरो की इंटर्नशिप के लिए केवल भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने वाले विद्यार्थी का किसी मान्यता प्राप्त विज्ञान या तकनीक से जुड़े संस्थान में स्नातक, स्नातकोत्तर या शोध कार्यक्रम में अध्ययनरत होना जरूरी है। हाल ही में अपनी डिग्री पूरी कर चुके विद्यार्थी भी निर्धारित शर्तों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।
कम से कम 60 प्रतिशत अंक जरूरी
इंटर्नशिप के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के पास कम से कम 60 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। दस अंकों के सीजीपीए पैमाने पर न्यूनतम 6.32 सीजीपीए वाले विद्यार्थी भी पात्र माने जा सकते हैं। हालांकि, इसरो के अलग-अलग केंद्र अपनी जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यता और दूसरी शर्तें भी लागू कर सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित केंद्र की आधिकारिक जानकारी जरूर देखना जरूरी होगा।
विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र में भी अवसर
विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र की इंटर्नशिप के लिए कई तरह के पाठ्यक्रमों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। इनमें बीई, बीटेक, एमई, एमटेक, बीएससी, एमएससी, बीएस-एमएस, एकीकृत एमएससी, एकीकृत एमटेक और पीएचडी जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं।
विद्यार्थियों के लिए लागू होंगी अलग-अलग शर्तें
इंटर्नशिप के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को अपने पाठ्यक्रम के हिसाब से निर्धारित शैक्षणिक चरण पूरा करना जरूरी होगा। स्नातक विद्यार्थियों को संबंधित पाठ्यक्रम का निर्धारित सेमेस्टर पूरा करना होगा। वहीं एमई, एमटेक और एमएससी के विद्यार्थियों के लिए पहला सेमेस्टर पूरा होना जरूरी है। पीएचडी विद्यार्थियों को अपना पाठ्यक्रम कार्य पूरा करना होगा।
इंटर्नशिप 21 से 45 दिन तक चलेगी
इसरो की इंटर्नशिप की अवधि न्यूनतम 21 दिन और अधिकतम 45 दिन रखी गई है। इस दौरान विद्यार्थियों को इसरो की प्रयोगशालाओं में वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अलग-अलग परियोजनाओं पर काम करने का अवसर मिलेगा। यह कार्यक्रम मुख्य रूप से प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
इंटर्नशिप के बदले नहीं मिलेगा स्टाइपेंड
विद्यार्थियों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि यह इंटर्नशिप प्रशिक्षण आधारित है। चयनित उम्मीदवारों को किसी तरह का स्टाइपेंड या मानदेय नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा रहने और खाने की सुविधा भी इस कार्यक्रम के तहत उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। इसलिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को अपने रहने और अन्य खर्चों की व्यवस्था खुद करनी होगी।
सीटों की संख्या और संसाधनों के आधार पर होगा चयन
इंटर्नशिप में चयन केवल योग्यता के आधार पर ही नहीं, बल्कि संबंधित इसरो केंद्र में उपलब्ध सीटों, प्रयोगशाला और जरूरी संसाधनों पर भी निर्भर करेगा। यानी आवेदन करने वाले हर विद्यार्थी का चयन होना जरूरी नहीं है। चयनित उम्मीदवारों को इसकी सूचना ईमेल के माध्यम से दी जाएगी।
एक डिग्री के दौरान एक बार ही मौका
इसरो ने इंटर्नशिप को लेकर एक अहम शर्त भी रखी है। इसके मुताबिक, किसी विद्यार्थी को अपनी एक डिग्री के दौरान केवल एक बार इंटर्नशिप करने का अवसर मिलेगा। इसलिए विद्यार्थियों को आवेदन करते समय अपनी पसंद के केंद्र और इंटर्नशिप के समय का चुनाव सोच-समझकर करना होगा।
आवेदन के समय इन दस्तावेजों की जरूरत
ऑनलाइन आवेदन के दौरान विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक योग्यता से जुड़े जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इसमें मार्कशीट के साथ तकनीकी कौशल, परियोजना कार्य और पहले के काम के अनुभव से जुड़ी जानकारी शामिल हो सकती है। इसके अलावा कॉलेज या संस्थान की अनुमति से जुड़ा पत्र भी देना होगा। इन सभी जरूरी दस्तावेजों को एक पीडीएफ फाइल में तैयार करके आवेदन के दौरान अपलोड करना होगा।
इन इसरो केंद्रों में मिल सकता है अवसर
विद्यार्थी अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार इसरो के अलग-अलग केंद्रों में इंटर्नशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं। इनमें यूआर राव उपग्रह केंद्र, बेंगलुरु; अंतरिक्ष उपयोग केंद्र, अहमदाबाद; विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, तिरुअनंतपुरम; सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा; भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान, देहरादून; मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी और इसरो टेलीमेट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क जैसे केंद्र शामिल हैं। इसके अलावा दूसरे इसरो केंद्रों में भी उपलब्ध अवसरों के अनुसार आवेदन किया जा सकता है।
आवेदन से पहले आधिकारिक वेबसाइट जरूर देखें
इच्छुक विद्यार्थियों को आवेदन करने से पहले अपनी पसंद के इसरो केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पात्रता, उपलब्ध इंटर्नशिप, आवेदन की तारीख और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी पूरी जानकारी देखनी चाहिए। अलग-अलग केंद्रों की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया में अंतर हो सकता है। ऐसे में केवल सामान्य योग्यता पूरी होने के आधार पर आवेदन करने के बजाय संबंधित केंद्र की शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में करियर बनाने वालों के लिए अहम मौका
इसरो की इंटर्नशिप उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर हो सकती है, जो आगे चलकर अंतरिक्ष विज्ञान, इंजीनियरिंग, शोध या नई तकनीक के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। देश के प्रमुख अंतरिक्ष संस्थान के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के साथ काम करने का अनुभव विद्यार्थियों को अपने करियर की दिशा तय करने में मदद कर सकता है। हालांकि, आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को अपनी योग्यता और संबंधित केंद्र की शर्तों की अच्छी तरह जांच कर लेनी चाहिए।



