By Malay Ojha | Published: 01 September 2026 | 07:27 PM
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में सत्र 2026-27 के प्रवेश को लेकर 3 सितंबर को एम.एड., पी.जी.डी.सी.ए. समेत 09 पाठ्यक्रमों की काउंसिलिंग होगी। एम.ए. अंग्रेजी, एम.एस.डब्ल्यू., एम.ए. समाजशास्त्र, पत्रकारिता एवं जनसंचार, इतिहास, मनोविज्ञान और एम.कॉम. भी इसमें शामिल हैं। काउंसिलिंग वाणिज्य एवं प्रबंध संकाय में होगी।
फीस जमा करने में देरी पड़ी भारी
कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय ने बताया कि काउंसिलिंग पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों को मौके पर बने काउंटर से ऑनलाइन फीस जमा करनी होगी। निर्धारित समय में फीस नहीं जमा करने पर अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जाएगा। इसके बाद दोबारा मौका नहीं मिलेगा। काउंसिलिंग में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को किसी तरह का यात्रा भत्ता भी नहीं दिया जाएगा।
रूसी भाषा के साथ संस्कृति से भी रूबरू हुए विद्यार्थी
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और रूस के कोज़मा निझनी नोवगोरोद स्टेट पेडागोजिकल विश्वविद्यालय के संयुक्त कार्यक्रम में विद्यार्थियों को रूसी भाषा और संस्कृति की जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम के दूसरे दिन रूसी शिक्षिकाओं ने रूस के प्रमुख शहरों, खान-पान और वहां की संस्कृति के बारे में बताया। विद्यार्थियों को चित्रों के जरिए रूस की खूबसूरती, मंदिरों और प्रसिद्ध पुलों से भी परिचित कराया गया।
करीब 200 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
कार्यक्रम में विद्यार्थियों से रूसी भाषा की किताबें पढ़वाई गईं। सर्टिफिकेट और अन्य पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को रूसी अक्षरों और अभिवादन के तरीके भी सिखाए गए। कक्षाएं दो पालियों में हुईं। पहली पाली सुबह 10 से दोपहर 12 बजे और दूसरी दोपहर 12 से 2 बजे तक चली। इसमें करीब 200 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
130 विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश
विश्वविद्यालय में मंगलवार को विभिन्न स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 130 विद्यार्थियों ने काउंसिलिंग पूरी कर ऑनलाइन फीस जमा की। प्रवेश सेल के उप समन्वयक प्रो. नलिनी श्याम कामिल ने बताया कि 2 सितंबर की काउंसिलिंग के लिए चयनित अभ्यर्थियों को गेट पास, मूल प्रमाण-पत्रों की फोटो कॉपी, चार स्टाम्प साइज फोटो और अद्यतन श्रेणी प्रमाण-पत्र के साथ उपस्थित होने को कहा गया था।
प्रवेश की जानकारी वेबसाइट पर मिलेगी
विश्वविद्यालय ने अभ्यर्थियों से प्रवेश प्रक्रिया से जुड़ी नई जानकारी के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट देखते रहने की अपील की है। काउंसिलिंग से जुड़ी सूचनाएं समय-समय पर वेबसाइट पर जारी की जा रही हैं।
नैक को सिर्फ ग्रेड तक सीमित न रखें: कुलपति
विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की ओर से संबद्ध महाविद्यालयों के लिए नैक और रैंकिंग जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने कहा कि नैक को केवल ग्रेड हासिल करने की प्रक्रिया नहीं समझना चाहिए। इसे संस्थान की गुणवत्ता लगातार बेहतर करने के माध्यम के रूप में देखा जाना चाहिए।
शिक्षण और शोध की गुणवत्ता पर जोर
मुख्य वक्ता प्रो. बंशीधर पाण्डेय ने नैक मूल्यांकन के अलग-अलग पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षण, शोध, विद्यार्थियों के लिए सुविधाओं और संस्थागत उपलब्धियों से जुड़े रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने पर जोर दिया। प्रो. हंसा जैन ने रैंकिंग और एक्रीडिटेशन के लिए शोध, प्रकाशन, पेटेंट, नवाचार, अकादमिक सहयोग और विद्यार्थियों की उपलब्धियों को मजबूत करने की जरूरत बताई।



