Wednesday, August 26, 2026
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यूपी में MBBS-BDS इंटर्न डॉक्टरों को बड़ी राहत, स्टाइपेंड 12 हजार से बढ़कर 25 हजार

By Malay Ojha | Published: 26 August 2026 | 09:07 AM

उत्तर प्रदेश में MBBS और BDS इंटर्न डॉक्टरों के लिए बड़ी राहत की खबर है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों में रोटेटिंग इंटर्नशिप कर रहे छात्रों का मासिक स्टाइपेंड 12 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद इंटर्न डॉक्टरों को पहले की तुलना में हर महीने 13 हजार रुपये अधिक मिलेंगे। यानी मौजूदा 12 हजार रुपये के मुकाबले स्टाइपेंड अब दोगुने से भी ज्यादा हो गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इस फैसले से सरकारी चिकित्सा संस्थानों में रोटेटिंग इंटर्नशिप कर रहे करीब 3,928 छात्रों को लाभ मिलेगा।

2021 में भी बढ़ाया गया था स्टाइपेंड
सरकार ने इससे पहले 2021 में इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की थी। उस समय मासिक राशि 7,500 रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये की गई थी। अब करीब पांच साल बाद एक बार फिर इसमें बड़ा इजाफा किया गया है। इस बार बढ़ोतरी के बाद इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने 25 हजार रुपये मिलेंगे।

किसे मिलेगा बढ़े हुए स्टाइपेंड का लाभ?
यह बढ़ा हुआ स्टाइपेंड उन MBBS और BDS छात्रों पर लागू होगा, जिन्होंने अपनी परीक्षा पास कर ली है और सरकारी चिकित्सा संस्थानों में अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप कर रहे हैं। इसमें प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेज, चिकित्सा संस्थान और चिकित्सा विश्वविद्यालय शामिल हैं।

इंटर्नशिप में निभानी होती है अहम जिम्मेदारी
रोटेटिंग इंटर्नशिप केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं होती। इंटर्न डॉक्टर अस्पतालों में मरीजों की देखभाल में डॉक्टरों की मदद करते हैं। उन्हें ओपीडी, वार्ड और इमरजेंसी सेवाओं में काम करने के साथ रात्रि ड्यूटी भी करनी पड़ती है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की बड़ी संख्या को देखते हुए उनकी भूमिका काफी अहम रहती है।

सरकार के फैसले से आर्थिक राहत
इंटर्नशिप के दौरान लंबे समय तक अस्पताल की ड्यूटी और प्रशिक्षण के बीच छात्रों पर आर्थिक दबाव भी रहता है। ऐसे में स्टाइपेंड को 25 हजार रुपये किए जाने से उन्हें बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से इसे मेडिकल छात्रों को प्रोत्साहन देने और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी भूमिका को मजबूत करने वाला कदम बताया गया है।

ग्रामीण अस्पतालों में भी निभाते हैं जिम्मेदारी
इंटर्न डॉक्टरों की जरूरत सिर्फ बड़े शहरों के अस्पतालों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण और दूरदराज के सरकारी अस्पतालों में भी इंटर्न मरीजों की देखभाल और अस्पताल की रोजमर्रा की सेवाओं में सहयोग करते हैं। ऐसे क्षेत्रों में उनकी मौजूदगी स्वास्थ्य सेवाओं का काम संभालने में मदद करती है।

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यूपी में MBBS-BDS इंटर्न डॉक्टरों को बड़ी राहत, स्टाइपेंड 12 हजार से बढ़कर 25 हजार

By Malay Ojha | Published: 26 August 2026 | 09:07 AM

उत्तर प्रदेश में MBBS और BDS इंटर्न डॉक्टरों के लिए बड़ी राहत की खबर है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों और चिकित्सा विश्वविद्यालयों में रोटेटिंग इंटर्नशिप कर रहे छात्रों का मासिक स्टाइपेंड 12 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद इंटर्न डॉक्टरों को पहले की तुलना में हर महीने 13 हजार रुपये अधिक मिलेंगे। यानी मौजूदा 12 हजार रुपये के मुकाबले स्टाइपेंड अब दोगुने से भी ज्यादा हो गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इस फैसले से सरकारी चिकित्सा संस्थानों में रोटेटिंग इंटर्नशिप कर रहे करीब 3,928 छात्रों को लाभ मिलेगा।

2021 में भी बढ़ाया गया था स्टाइपेंड
सरकार ने इससे पहले 2021 में इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की थी। उस समय मासिक राशि 7,500 रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये की गई थी। अब करीब पांच साल बाद एक बार फिर इसमें बड़ा इजाफा किया गया है। इस बार बढ़ोतरी के बाद इंटर्न डॉक्टरों को हर महीने 25 हजार रुपये मिलेंगे।

किसे मिलेगा बढ़े हुए स्टाइपेंड का लाभ?
यह बढ़ा हुआ स्टाइपेंड उन MBBS और BDS छात्रों पर लागू होगा, जिन्होंने अपनी परीक्षा पास कर ली है और सरकारी चिकित्सा संस्थानों में अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप कर रहे हैं। इसमें प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेज, चिकित्सा संस्थान और चिकित्सा विश्वविद्यालय शामिल हैं।

इंटर्नशिप में निभानी होती है अहम जिम्मेदारी
रोटेटिंग इंटर्नशिप केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं होती। इंटर्न डॉक्टर अस्पतालों में मरीजों की देखभाल में डॉक्टरों की मदद करते हैं। उन्हें ओपीडी, वार्ड और इमरजेंसी सेवाओं में काम करने के साथ रात्रि ड्यूटी भी करनी पड़ती है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की बड़ी संख्या को देखते हुए उनकी भूमिका काफी अहम रहती है।

सरकार के फैसले से आर्थिक राहत
इंटर्नशिप के दौरान लंबे समय तक अस्पताल की ड्यूटी और प्रशिक्षण के बीच छात्रों पर आर्थिक दबाव भी रहता है। ऐसे में स्टाइपेंड को 25 हजार रुपये किए जाने से उन्हें बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से इसे मेडिकल छात्रों को प्रोत्साहन देने और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में उनकी भूमिका को मजबूत करने वाला कदम बताया गया है।

ग्रामीण अस्पतालों में भी निभाते हैं जिम्मेदारी
इंटर्न डॉक्टरों की जरूरत सिर्फ बड़े शहरों के अस्पतालों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण और दूरदराज के सरकारी अस्पतालों में भी इंटर्न मरीजों की देखभाल और अस्पताल की रोजमर्रा की सेवाओं में सहयोग करते हैं। ऐसे क्षेत्रों में उनकी मौजूदगी स्वास्थ्य सेवाओं का काम संभालने में मदद करती है।

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