By Malay Ojha | Published: 01 September 2026 | 11:11 AM
मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNNIT), प्रयागराज के छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। संस्थान की सीनेट ने ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन छात्रों के लिए 6.5 या उससे ज्यादा CPI को फर्स्ट डिवीजन के बराबर मानने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब ऐसे छात्रों को उन नौकरियों और भर्ती प्रक्रियाओं में परेशानी कम होगी, जहां आवेदन के लिए फर्स्ट डिवीजन जरूरी होती है।
तकनीकी संस्थानों में छात्रों के प्रदर्शन का आकलन अक्सर CPI के आधार पर किया जाता है। ऐसे में उनकी मार्कशीट में कई बार प्रतिशत या डिवीजन के बजाय CPI दर्ज होती है। फर्स्ट डिवीजन की शर्त वाले किसी पद के लिए आवेदन करते समय छात्रों को अपनी योग्यता साबित करने के लिए समकक्षता प्रमाण या अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत पड़ सकती थी।
6.5 CPI को माना जाएगा First Division
MNNIT की सीनेट के इस फैसले के बाद 6.5 या उससे अधिक CPI वाले छात्रों को फर्स्ट डिवीजन के बराबर माना जाएगा। इससे छात्रों के लिए अपनी शैक्षणिक योग्यता बताना आसान होगा। खासतौर पर उन सरकारी और निजी नौकरियों में इसका सीधा फायदा मिल सकता है, जहां फर्स्ट डिवीजन को पात्रता की शर्त बनाया जाता है।
छात्रों की पुरानी परेशानी होगी दूर
CPI और डिवीजन के बीच समानता को लेकर छात्रों को भर्ती के दौरान कई बार अतिरिक्त प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। संस्थान की ओर से समकक्षता तय किए जाने से इस तरह की दिक्कत कम होने की उम्मीद है। छात्रों को अपनी योग्यता के लिए अलग से यह साबित करने की जरूरत कम होगी कि उनकी CPI फर्स्ट डिवीजन के बराबर है।
MNNIT में Startup Pitching Session भी
इसी बीच MNNIT प्रयागराज में स्टार्टअप और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए दो दिवसीय पिचिंग कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है। MNNIT Innovation and Incubation Hub Foundation की ओर से 1 और 2 सितंबर को Cohort 5.0 के तहत Startup Pitching Session रखा गया है।
करीब 60 Startup पेश करेंगे Ideas
इस कार्यक्रम में करीब 60 स्टार्टअप और एंटरप्रेन्योर विशेषज्ञों के सामने अपने बिजनेस आइडिया और नए प्रोडक्ट पेश करेंगे। प्रतिभागियों को अपने प्रोडक्ट, तकनीक, बिजनेस मॉडल, बाजार की संभावनाओं और आगे की योजना के बारे में जानकारी देने का मौका मिलेगा।
चुने गए Startup को मिलेगी मदद
पिचिंग के बाद चुने गए स्टार्टअप को इन्क्यूबेशन प्रोग्राम से जोड़ा जाएगा। चयनित एंटरप्रेन्योर को तकनीकी मदद, विशेषज्ञों की सलाह और प्रोडक्ट डेवलपमेंट में सहयोग दिया जाएगा। इसके साथ ही फंडिंग और निवेशकों से जुड़ने के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
Patent और Legal Support भी
स्टार्टअप को पेटेंट और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में भी सहायता दी जाएगी। कानूनी मामलों में जरूरी मार्गदर्शन के साथ बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए विशेषज्ञों की मदद उपलब्ध कराई जाएगी। संस्थान के इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और युवा उद्यमियों के नए आइडिया को बाजार तक पहुंचाने के लिए बेहतर माहौल तैयार करना है।



