टैगोर एजुकेशन टाइम्स टीम | Published: 28 May 2026 | 02:28 PM
नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, भविष्य में परीक्षा प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई और संरक्षण की जिम्मेदारी सेना को सौंपी जा सकती है, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। सरकार का उद्देश्य छात्रों का भरोसा बहाल करना और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता मजबूत करना है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के विवादों के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि संवेदनशील परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने के लिए सैन्य स्तर की निगरानी और विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जा सकते हैं। इससे प्रश्नपत्रों की छपाई से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया अधिक सुरक्षित हो जाएगी।
रक्षा मंत्री के आवास पर हुई अहम बैठक
परीक्षा सुधार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों को हो रही परेशानियों को कम करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
छात्रों का भरोसा लौटाने पर सरकार का फोकस
सूत्रों के अनुसार, सरकार भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू कर सकती है। इसमें डिजिटल मॉनिटरिंग, सुरक्षित ट्रांसपोर्ट सिस्टम और सख्त निगरानी व्यवस्था जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। सरकार चाहती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच भरोसा दोबारा मजबूत हो सके।
परीक्षा प्रक्रिया में हो सकते हैं बड़े बदलाव
बैठक में परीक्षा संचालन से जुड़े कई अहम पहलुओं पर भी चर्चा हुई। माना जा रहा है कि आने वाले समय में प्रश्नपत्र वितरण, परीक्षा केंद्र प्रबंधन और निगरानी प्रणाली में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी भी परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल न उठे।



