नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट यानी नीट यूजी पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो को बड़ी सफलता मिली है. एजेंसी ने महाराष्ट्र के लातूर से आरसीसी कोचिंग संस्थान के संचालक शिवराज मोटेगावकर को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियां इस गिरफ्तारी को अब तक की सबसे अहम कार्रवाई मान रही हैं.
जांच के दौरान एक वीडियो सामने आया था, जिसमें शिवराज मोटेगावकर अपने संस्थान के छात्रों से पूछते दिखाई दिए थे कि मॉक टेस्ट में पूछे गए कितने सवाल असली नीट परीक्षा में आए. जांच में यह बात सामने आई कि केमिस्ट्री के 42 सवाल परीक्षा में लगभग हूबहू पूछे गए थे. इसी के बाद से सीबीआई की नजर उन पर टिकी हुई थी.
कौन हैं शिवराज मोटेगावकर?
शिवराज मोटेगावकर महाराष्ट्र की कोचिंग इंडस्ट्री का बड़ा नाम माने जाते हैं. छात्र और शिक्षक उन्हें ‘एम सर’ के नाम से जानते हैं. वह लातूर और आसपास के इलाकों में आरसीसी यानी रेणुकाई करियर सेंटर नाम से कोचिंग संस्थान चलाते थे.
दो दशक पहले छोटे कमरे से हुई थी शुरुआत
शिवराज मोटेगावकर का जन्म लातूर के एक किसान परिवार में हुआ था. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत साइंस के ट्यूशन टीचर के रूप में की थी. शुरुआती दिनों में वह साइकिल से छात्रों के घर जाकर पढ़ाई करवाते थे.
10 छात्रों से शुरू हुआ था सफर
साल 1999 में शिवराज ने किराए के एक छोटे कमरे में सिर्फ 10 छात्रों के साथ कोचिंग क्लास शुरू की थी. वह ग्यारहवीं, बारहवीं और मेडिकल-इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करवाते थे. धीरे-धीरे उनके बैच बढ़ते गए और संस्थान का विस्तार होता चला गया.
आज 100 करोड़ रुपये का कोचिंग नेटवर्क
दो दशक से ज्यादा समय में आरसीसी ने लातूर के अलावा पुणे, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़, सोलापुर और कोल्हापुर जैसे शहरों तक अपना नेटवर्क फैला लिया. दावा किया जाता है कि मौजूदा समय में संस्थान में 40 हजार से ज्यादा छात्र पढ़ाई कर रहे हैं. कोचिंग संस्थान का सालाना कारोबार करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है.
री-एग्जाम की तैयारी भी करवा रहा था संस्थान
पेपर लीक विवाद के बाद भी आरसीसी संस्थान नीट री-एग्जाम की तैयारी करवाने में जुटा हुआ था. संस्थान के सोशल मीडिया पेज पर लगातार सफल छात्रों की जानकारी और नई बैचों के प्रचार से जुड़ी पोस्ट साझा की जा रही थीं.
केमिस्ट्री के शिक्षक के रूप में बनाई पहचान
संस्थान की वेबसाइट के मुताबिक शिवराज मोटेगावकर ने केमिस्ट्री विषय से एमएससी की पढ़ाई की है और वह गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं. छात्रों के बीच उनकी पहचान कठिन विषयों को आसान तरीके से समझाने वाले शिक्षक के रूप में बनाई गई थी.



