Monday, June 22, 2026
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NEET UG Re-Exam 2026: 21 जून की परीक्षा से पहले देशभर में सुरक्षा का बड़ा ट्रायल, 2.5 लाख जवान संभालेंगे मोर्चा

By Malay Ojha | Published: 19 June 2026 | 09:33 PM

21 जून को होने वाली नीट यूजी री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार और परीक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहती हैं। इसी वजह से शनिवार को पूरे देश में बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल कराई जाएगी। इस दौरान 2.5 लाख से ज्यादा सुरक्षा कर्मी परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्न पत्रों की निगरानी और एजेंसियों के बीच समन्वय का परीक्षण करेंगे।

अधिकारियों के मुताबिक मॉक ड्रिल सुबह 9 बजे शुरू होगी और देर शाम तक जारी रहेगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा वाले दिन किसी भी स्तर पर अव्यवस्था, तकनीकी दिक्कत या सुरक्षा में सेंध जैसी स्थिति पैदा न हो। परीक्षा केंद्रों से लेकर नियंत्रण कक्ष तक सभी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी।

5000 से ज्यादा केंद्रों पर रहेगी कड़ी निगरानी
नीट यूजी री-टेस्ट के लिए देशभर में पांच हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्र पहले ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को सौंपे जा चुके हैं। परीक्षा के दौरान हर केंद्र पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रहेगी और कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जाएगी।

तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू
इस बार परीक्षा को लेकर सुरक्षा का दायरा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत किया गया है। परीक्षा केंद्रों पर तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। प्रश्न पत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी अर्धसैनिक बलों को दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सकेगा।

हर कैमरे की लाइव फीड पर नजर
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को परीक्षा केंद्रों पर लगे सभी कैमरों की लाइव फीड उपलब्ध कराई जाएगी। इसके जरिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी। परीक्षा शुरू होने से पहले और परीक्षा के दौरान लगातार निगरानी जारी रहेगी।

सोशल मीडिया पर भी रहेगा विशेष पहरा
परीक्षा से जुड़ी अफवाहों, फर्जी सूचनाओं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक विशेष निगरानी केंद्र बनाया गया है। यह टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रखेगी ताकि परीक्षा से जुड़ी गलत जानकारी फैलाने वालों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

जिला प्रशासन से लेकर केंद्र तक अलर्ट
परीक्षा को देखते हुए सभी जांच एजेंसियों और सुरक्षा संस्थाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिला प्रशासन, राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के अधिकारी परीक्षा केंद्रों की तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दिन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

22 लाख छात्रों ने कराया पंजीकरण
इस बार नीट यूजी री-टेस्ट के लिए करीब 22 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से लगभग 18 लाख छात्र अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर चुके हैं। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को देखते हुए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है।

बायोमेट्रिक में दिक्कत होने पर नहीं रोका जाएगा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने छात्रों को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन तकनीकी खराबी, कमजोर फिंगरप्रिंट, पहचान प्रणाली की कनेक्टिविटी समस्या या किसी शारीरिक कारण से नहीं हो पाता है, तो उसे परीक्षा देने से नहीं रोका जाएगा। ऐसे मामलों के लिए वैकल्पिक सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

क्यों अहम है यह मॉक ड्रिल?
हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों और सुरक्षा चिंताओं के बाद इस बार एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। शनिवार को होने वाली मॉक ड्रिल को परीक्षा से पहले अंतिम सुरक्षा परीक्षण माना जा रहा है। इसके जरिए यह परखा जाएगा कि परीक्षा के दिन सभी व्यवस्थाएं बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से काम करें।

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NEET UG Re-Exam 2026: 21 जून की परीक्षा से पहले देशभर में सुरक्षा का बड़ा ट्रायल, 2.5 लाख जवान संभालेंगे मोर्चा

By Malay Ojha | Published: 19 June 2026 | 09:33 PM

21 जून को होने वाली नीट यूजी री-एग्जाम से पहले केंद्र सरकार और परीक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहती हैं। इसी वजह से शनिवार को पूरे देश में बड़े पैमाने पर मॉक ड्रिल कराई जाएगी। इस दौरान 2.5 लाख से ज्यादा सुरक्षा कर्मी परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्न पत्रों की निगरानी और एजेंसियों के बीच समन्वय का परीक्षण करेंगे।

अधिकारियों के मुताबिक मॉक ड्रिल सुबह 9 बजे शुरू होगी और देर शाम तक जारी रहेगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा वाले दिन किसी भी स्तर पर अव्यवस्था, तकनीकी दिक्कत या सुरक्षा में सेंध जैसी स्थिति पैदा न हो। परीक्षा केंद्रों से लेकर नियंत्रण कक्ष तक सभी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी।

5000 से ज्यादा केंद्रों पर रहेगी कड़ी निगरानी
नीट यूजी री-टेस्ट के लिए देशभर में पांच हजार से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्र पहले ही राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को सौंपे जा चुके हैं। परीक्षा के दौरान हर केंद्र पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रहेगी और कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जाएगी।

तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू
इस बार परीक्षा को लेकर सुरक्षा का दायरा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत किया गया है। परीक्षा केंद्रों पर तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। प्रश्न पत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी अर्धसैनिक बलों को दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सकेगा।

हर कैमरे की लाइव फीड पर नजर
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को परीक्षा केंद्रों पर लगे सभी कैमरों की लाइव फीड उपलब्ध कराई जाएगी। इसके जरिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी। परीक्षा शुरू होने से पहले और परीक्षा के दौरान लगातार निगरानी जारी रहेगी।

सोशल मीडिया पर भी रहेगा विशेष पहरा
परीक्षा से जुड़ी अफवाहों, फर्जी सूचनाओं और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक विशेष निगरानी केंद्र बनाया गया है। यह टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रखेगी ताकि परीक्षा से जुड़ी गलत जानकारी फैलाने वालों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

जिला प्रशासन से लेकर केंद्र तक अलर्ट
परीक्षा को देखते हुए सभी जांच एजेंसियों और सुरक्षा संस्थाओं को अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिला प्रशासन, राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के अधिकारी परीक्षा केंद्रों की तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दिन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

22 लाख छात्रों ने कराया पंजीकरण
इस बार नीट यूजी री-टेस्ट के लिए करीब 22 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से लगभग 18 लाख छात्र अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर चुके हैं। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को देखते हुए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है।

बायोमेट्रिक में दिक्कत होने पर नहीं रोका जाएगा
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने छात्रों को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि यदि किसी अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन तकनीकी खराबी, कमजोर फिंगरप्रिंट, पहचान प्रणाली की कनेक्टिविटी समस्या या किसी शारीरिक कारण से नहीं हो पाता है, तो उसे परीक्षा देने से नहीं रोका जाएगा। ऐसे मामलों के लिए वैकल्पिक सत्यापन प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

क्यों अहम है यह मॉक ड्रिल?
हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों और सुरक्षा चिंताओं के बाद इस बार एजेंसियां अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। शनिवार को होने वाली मॉक ड्रिल को परीक्षा से पहले अंतिम सुरक्षा परीक्षण माना जा रहा है। इसके जरिए यह परखा जाएगा कि परीक्षा के दिन सभी व्यवस्थाएं बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से काम करें।

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