Friday, May 29, 2026
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CBSE रिजल्ट पर छात्रों का फूटा गुस्सा, लाखों ने मांगी कॉपी, बोर्ड की वेबसाइट हुई ठप

टैगोर एजुकेशन टाइम्स टीम | Published: 28 May 2026 | 01:39 PM

देशभर में सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन के 12वीं बोर्ड रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। सबसे ज्यादा सवाल बोर्ड की ऑन स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था को लेकर उठ रहे हैं। बड़ी संख्या में छात्र अपने प्राप्त अंकों से असंतुष्ट नजर आ रहे हैं और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच दोबारा कराने की मांग कर रहे हैं।

रिजल्ट जारी होने के बाद जैसे ही बोर्ड ने मार्क्स वेरिफिकेशन और स्कैन कॉपी डाउनलोड की सुविधा शुरू की, शुरुआती कुछ घंटों में ही रिकॉर्ड संख्या में आवेदन आने लगे। केवल तीन घंटे के भीतर एक लाख से ज्यादा छात्रों ने आवेदन कर दिया, जिससे बोर्ड की वेबसाइट पर भारी दबाव बन गया और सर्वर कई बार ठप हो गया।

हर चौथा छात्र रिजल्ट से असंतुष्ट
बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक अब तक चार लाख से ज्यादा छात्र उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी और रिचेकिंग के लिए आवेदन कर चुके हैं। यह संख्या कुल परीक्षार्थियों का लगभग 23 प्रतिशत बताई जा रही है। शिक्षा जगत में इसे अब तक का सबसे बड़ा रिचेकिंग संकट माना जा रहा है।

पिछले साल की तुलना में कई गुना बढ़े मामले
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आवेदन संख्या में भारी उछाल दर्ज किया गया है। वर्ष 2025 में जहां करीब 1.31 लाख छात्रों ने रिचेकिंग और वेरिफिकेशन के लिए आवेदन किया था, वहीं इस बार यह आंकड़ा चार लाख के पार पहुंच गया है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर बहस तेज हो गई है।

वेबसाइट पर लगातार आ रही तकनीकी दिक्कत
रिचेकिंग प्रक्रिया शुरू होने के बाद से बोर्ड का पोर्टल लगातार तकनीकी दबाव झेल रहा है। कई छात्रों ने शिकायत की कि वेबसाइट बार-बार बंद हो रही है और आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में काफी परेशानी हो रही है। कई मामलों में शुल्क कटने के बावजूद आवेदन जमा नहीं हो पाया।

तीन चरणों में चल रही जांच प्रक्रिया
इस बार छात्र तीन स्तर पर अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करवा रहे हैं। पहले चरण में अंक सत्यापन कराया जा रहा है। दूसरे चरण में छात्र स्कैन कॉपी मांगकर अपनी उत्तर पुस्तिका खुद देख रहे हैं। वहीं तीसरे चरण में छात्र सवालों के मूल्यांकन को चुनौती देकर दोबारा जांच की मांग कर रहे हैं।

शिक्षा मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
मामले को बढ़ता देख केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी संज्ञान लिया है। मंत्रालय की ओर से सीबीएसई से सर्वर क्रैश, गलत स्कैन कॉपी और तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। सूत्रों के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया में शामिल तकनीकी एजेंसियों की जवाबदेही भी तय की जा सकती है।

शिक्षा जगत में बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का रिचेकिंग के लिए आवेदन करना शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत है। कई शिक्षाविदों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और तकनीकी व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई है।

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CBSE रिजल्ट पर छात्रों का फूटा गुस्सा, लाखों ने मांगी कॉपी, बोर्ड की वेबसाइट हुई ठप

टैगोर एजुकेशन टाइम्स टीम | Published: 28 May 2026 | 01:39 PM

देशभर में सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन के 12वीं बोर्ड रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। सबसे ज्यादा सवाल बोर्ड की ऑन स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था को लेकर उठ रहे हैं। बड़ी संख्या में छात्र अपने प्राप्त अंकों से असंतुष्ट नजर आ रहे हैं और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच दोबारा कराने की मांग कर रहे हैं।

रिजल्ट जारी होने के बाद जैसे ही बोर्ड ने मार्क्स वेरिफिकेशन और स्कैन कॉपी डाउनलोड की सुविधा शुरू की, शुरुआती कुछ घंटों में ही रिकॉर्ड संख्या में आवेदन आने लगे। केवल तीन घंटे के भीतर एक लाख से ज्यादा छात्रों ने आवेदन कर दिया, जिससे बोर्ड की वेबसाइट पर भारी दबाव बन गया और सर्वर कई बार ठप हो गया।

हर चौथा छात्र रिजल्ट से असंतुष्ट
बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक अब तक चार लाख से ज्यादा छात्र उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी और रिचेकिंग के लिए आवेदन कर चुके हैं। यह संख्या कुल परीक्षार्थियों का लगभग 23 प्रतिशत बताई जा रही है। शिक्षा जगत में इसे अब तक का सबसे बड़ा रिचेकिंग संकट माना जा रहा है।

पिछले साल की तुलना में कई गुना बढ़े मामले
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आवेदन संख्या में भारी उछाल दर्ज किया गया है। वर्ष 2025 में जहां करीब 1.31 लाख छात्रों ने रिचेकिंग और वेरिफिकेशन के लिए आवेदन किया था, वहीं इस बार यह आंकड़ा चार लाख के पार पहुंच गया है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर बहस तेज हो गई है।

वेबसाइट पर लगातार आ रही तकनीकी दिक्कत
रिचेकिंग प्रक्रिया शुरू होने के बाद से बोर्ड का पोर्टल लगातार तकनीकी दबाव झेल रहा है। कई छात्रों ने शिकायत की कि वेबसाइट बार-बार बंद हो रही है और आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में काफी परेशानी हो रही है। कई मामलों में शुल्क कटने के बावजूद आवेदन जमा नहीं हो पाया।

तीन चरणों में चल रही जांच प्रक्रिया
इस बार छात्र तीन स्तर पर अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करवा रहे हैं। पहले चरण में अंक सत्यापन कराया जा रहा है। दूसरे चरण में छात्र स्कैन कॉपी मांगकर अपनी उत्तर पुस्तिका खुद देख रहे हैं। वहीं तीसरे चरण में छात्र सवालों के मूल्यांकन को चुनौती देकर दोबारा जांच की मांग कर रहे हैं।

शिक्षा मंत्रालय ने मांगी रिपोर्ट
मामले को बढ़ता देख केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी संज्ञान लिया है। मंत्रालय की ओर से सीबीएसई से सर्वर क्रैश, गलत स्कैन कॉपी और तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। सूत्रों के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया में शामिल तकनीकी एजेंसियों की जवाबदेही भी तय की जा सकती है।

शिक्षा जगत में बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में छात्रों का रिचेकिंग के लिए आवेदन करना शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत है। कई शिक्षाविदों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और तकनीकी व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत बताई है।

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