Wednesday, June 24, 2026
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कम अंकों में भी मिल सकता है दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला! ये कॉलेज बन सकते हैं बड़ा मौका

By tagoreeducationtimes | Published: 24 June 2026 | 10:08 PM

संयुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा स्नातक का परिणाम जारी होने के बाद अब लाखों विद्यार्थियों की नजर दिल्ली विश्वविद्यालय की दाखिला प्रक्रिया पर टिक गई है। कई छात्र कम अंक आने की वजह से परेशान हैं और उन्हें लग रहा है कि अब अच्छे कॉलेज में प्रवेश मिलना मुश्किल होगा। लेकिन हकीकत यह है कि सही रणनीति और समझदारी से बनाई गई पसंद सूची कई नए रास्ते खोल सकती है।

हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी केवल नामी कॉलेजों को ही अपनी पहली पसंद बनाते हैं। यही वजह है कि कई बार अच्छे अंक होने के बावजूद सीट नहीं मिल पाती। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार भी छात्रों को अपने अंकों और विषयों के हिसाब से व्यावहारिक विकल्प चुनने होंगे।

कम अंकों वाले छात्रों के लिए राहत की खबर
दिल्ली विश्वविद्यालय में ऐसे कई कॉलेज हैं जहां अपेक्षाकृत कम अंकों पर भी दाखिले की संभावना बन सकती है। खास बात यह है कि इन कॉलेजों में पढ़ाई का स्तर लगातार बेहतर हुआ है और कई कोर्स में अच्छी मांग देखी जा रही है।

राम लाल आनंद कॉलेज बना मजबूत विकल्प
दक्षिण परिसर में स्थित राम लाल आनंद कॉलेज पिछले कुछ वर्षों में तेजी से छात्रों की पसंद बना है। यहां कला, जीवन विज्ञान और अन्य कई विषयों में पढ़ाई का अवसर मिलता है। जिन छात्रों के अंक लगभग छह सौ पचास से सात सौ बीस के बीच हैं, उनके लिए यह कॉलेज अच्छा विकल्प बन सकता है।

देशबंधु कॉलेज में कई कोर्स की सुविधा
ऑफ-कैंपस क्षेत्र में स्थित देशबंधु कॉलेज लंबे समय से छात्रों के बीच भरोसेमंद नाम रहा है। यहां कला, विज्ञान और वाणिज्य के कई पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। छह सौ तीस से सात सौ के बीच अंक लाने वाले विद्यार्थियों की यहां संभावना बन सकती है।

पीजीडीएवी कॉलेज पर भी रखें नजर
वाणिज्य और कला वर्ग के छात्रों के लिए पीजीडीएवी कॉलेज लगातार आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां का शैक्षणिक माहौल बेहतर माना जाता है। जिन छात्रों के अंक छह सौ से छह सौ अस्सी के बीच हैं, वे इसे अपनी पसंद सूची में जरूर शामिल कर सकते हैं।

सत्यवती कॉलेज में भी बन सकती है बात
उत्तर परिसर के पास स्थित सत्यवती कॉलेज मानविकी विषयों के लिए जाना जाता है। यहां कला, वाणिज्य और विज्ञान तीनों वर्गों के छात्रों के लिए विकल्प मौजूद हैं। छह सौ बीस से छह सौ नब्बे अंक वाले छात्रों के लिए यह मजबूत विकल्प हो सकता है।

जाकिर हुसैन कॉलेज पुराने और भरोसेमंद विकल्पों में शामिल
दिल्ली विश्वविद्यालय के पुराने कॉलेजों में गिने जाने वाला जाकिर हुसैन कॉलेज आज भी विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय है। खासकर मानविकी और वाणिज्य के छात्रों के लिए यह बेहतर माना जाता है। छह सौ बीस से सात सौ अंक के बीच वाले छात्र यहां अपनी किस्मत आजमा सकते हैं।

विज्ञान वर्ग के लिए ये कॉलेज खास
द्वारका स्थित भास्कराचार्य कॉलेज अनुप्रयुक्त विज्ञान के लिए जाना जाता है। यहां संगणक विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स और खाद्य तकनीक जैसे विषयों में पढ़ाई होती है। वहीं आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज विज्ञान और शोध आधारित पढ़ाई के लिए मजबूत पहचान रखता है। छह सौ से सात सौ बीस अंक वाले विज्ञान वर्ग के छात्रों के लिए ये दोनों कॉलेज अच्छे अवसर दे सकते हैं।

पसंद सूची बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को केवल चर्चित कॉलेजों के पीछे भागने के बजाय पिछले वर्षों की कटऑफ, विषय की मांग और अपनी रुचि को ध्यान में रखना चाहिए। सही क्रम में भरी गई पसंद सूची ही दाखिले की सबसे बड़ी कुंजी साबित हो सकती है।

इस बार रणनीति से मिलेगा फायदा
कम अंक आने का मतलब यह नहीं कि दिल्ली विश्वविद्यालय का सपना खत्म हो गया। सही जानकारी और सही फैसले के साथ विद्यार्थी अच्छे कॉलेज और बेहतर कोर्स हासिल कर सकते हैं। इस बार दाखिले की दौड़ में समझदारी ही सबसे बड़ा हथियार होगी।

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कम अंकों में भी मिल सकता है दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला! ये कॉलेज बन सकते हैं बड़ा मौका

By tagoreeducationtimes | Published: 24 June 2026 | 10:08 PM

संयुक्त विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा स्नातक का परिणाम जारी होने के बाद अब लाखों विद्यार्थियों की नजर दिल्ली विश्वविद्यालय की दाखिला प्रक्रिया पर टिक गई है। कई छात्र कम अंक आने की वजह से परेशान हैं और उन्हें लग रहा है कि अब अच्छे कॉलेज में प्रवेश मिलना मुश्किल होगा। लेकिन हकीकत यह है कि सही रणनीति और समझदारी से बनाई गई पसंद सूची कई नए रास्ते खोल सकती है।

हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थी केवल नामी कॉलेजों को ही अपनी पहली पसंद बनाते हैं। यही वजह है कि कई बार अच्छे अंक होने के बावजूद सीट नहीं मिल पाती। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार भी छात्रों को अपने अंकों और विषयों के हिसाब से व्यावहारिक विकल्प चुनने होंगे।

कम अंकों वाले छात्रों के लिए राहत की खबर
दिल्ली विश्वविद्यालय में ऐसे कई कॉलेज हैं जहां अपेक्षाकृत कम अंकों पर भी दाखिले की संभावना बन सकती है। खास बात यह है कि इन कॉलेजों में पढ़ाई का स्तर लगातार बेहतर हुआ है और कई कोर्स में अच्छी मांग देखी जा रही है।

राम लाल आनंद कॉलेज बना मजबूत विकल्प
दक्षिण परिसर में स्थित राम लाल आनंद कॉलेज पिछले कुछ वर्षों में तेजी से छात्रों की पसंद बना है। यहां कला, जीवन विज्ञान और अन्य कई विषयों में पढ़ाई का अवसर मिलता है। जिन छात्रों के अंक लगभग छह सौ पचास से सात सौ बीस के बीच हैं, उनके लिए यह कॉलेज अच्छा विकल्प बन सकता है।

देशबंधु कॉलेज में कई कोर्स की सुविधा
ऑफ-कैंपस क्षेत्र में स्थित देशबंधु कॉलेज लंबे समय से छात्रों के बीच भरोसेमंद नाम रहा है। यहां कला, विज्ञान और वाणिज्य के कई पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। छह सौ तीस से सात सौ के बीच अंक लाने वाले विद्यार्थियों की यहां संभावना बन सकती है।

पीजीडीएवी कॉलेज पर भी रखें नजर
वाणिज्य और कला वर्ग के छात्रों के लिए पीजीडीएवी कॉलेज लगातार आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां का शैक्षणिक माहौल बेहतर माना जाता है। जिन छात्रों के अंक छह सौ से छह सौ अस्सी के बीच हैं, वे इसे अपनी पसंद सूची में जरूर शामिल कर सकते हैं।

सत्यवती कॉलेज में भी बन सकती है बात
उत्तर परिसर के पास स्थित सत्यवती कॉलेज मानविकी विषयों के लिए जाना जाता है। यहां कला, वाणिज्य और विज्ञान तीनों वर्गों के छात्रों के लिए विकल्प मौजूद हैं। छह सौ बीस से छह सौ नब्बे अंक वाले छात्रों के लिए यह मजबूत विकल्प हो सकता है।

जाकिर हुसैन कॉलेज पुराने और भरोसेमंद विकल्पों में शामिल
दिल्ली विश्वविद्यालय के पुराने कॉलेजों में गिने जाने वाला जाकिर हुसैन कॉलेज आज भी विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय है। खासकर मानविकी और वाणिज्य के छात्रों के लिए यह बेहतर माना जाता है। छह सौ बीस से सात सौ अंक के बीच वाले छात्र यहां अपनी किस्मत आजमा सकते हैं।

विज्ञान वर्ग के लिए ये कॉलेज खास
द्वारका स्थित भास्कराचार्य कॉलेज अनुप्रयुक्त विज्ञान के लिए जाना जाता है। यहां संगणक विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स और खाद्य तकनीक जैसे विषयों में पढ़ाई होती है। वहीं आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज विज्ञान और शोध आधारित पढ़ाई के लिए मजबूत पहचान रखता है। छह सौ से सात सौ बीस अंक वाले विज्ञान वर्ग के छात्रों के लिए ये दोनों कॉलेज अच्छे अवसर दे सकते हैं।

पसंद सूची बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को केवल चर्चित कॉलेजों के पीछे भागने के बजाय पिछले वर्षों की कटऑफ, विषय की मांग और अपनी रुचि को ध्यान में रखना चाहिए। सही क्रम में भरी गई पसंद सूची ही दाखिले की सबसे बड़ी कुंजी साबित हो सकती है।

इस बार रणनीति से मिलेगा फायदा
कम अंक आने का मतलब यह नहीं कि दिल्ली विश्वविद्यालय का सपना खत्म हो गया। सही जानकारी और सही फैसले के साथ विद्यार्थी अच्छे कॉलेज और बेहतर कोर्स हासिल कर सकते हैं। इस बार दाखिले की दौड़ में समझदारी ही सबसे बड़ा हथियार होगी।

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