By Malay Ojha | Published: 27 July 2026 | 07:54 AM
दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले का इंतजार कर रहे छात्रों के लिए अहम खबर है। विश्वविद्यालय ने सीएसएएस स्नातक प्रवेश 2026 के दूसरे राउंड की प्रक्रिया का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया है। इस राउंड में सीट पाने वाले उम्मीदवारों के पास उसे स्वीकार करने के लिए 27 जुलाई 2026 रात 11:59 बजे तक का समय है। तय समय में सीट स्वीकार नहीं करने पर आवंटित सीट पर संकट आ सकता है।
दूसरे राउंड में सीट पाने वाले उम्मीदवारों को अब विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल पर जाकर अपने खाते में लॉग इन करना होगा। यहां वे आवंटित पाठ्यक्रम और कॉलेज की जानकारी देख सकेंगे और सीट स्वीकार करने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। उम्मीदवार अपने लॉगिन विवरण की मदद से आवंटन की जानकारी जांचने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी करें।
कॉलेज जांच के बाद मिलेगा दाखिले का रास्ता साफ
सीट स्वीकार करने के बाद उम्मीदवारों के आवेदन और जरूरी दस्तावेजों की जांच संबंधित कॉलेज की ओर से की जाएगी। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार कॉलेजों को आवेदन की जांच और मंजूरी की प्रक्रिया 28 जुलाई 2026 रात 11:59 बजे तक पूरी करनी होगी। इसलिए छात्रों को सीट स्वीकार करने के बाद अपने आवेदन की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
फीस जमा करने के लिए भी तय है आखिरी तारीख
कॉलेज से आवेदन मंजूर होने के बाद उम्मीदवारों को दाखिले की फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी। दूसरे राउंड के लिए ऑनलाइन फीस जमा करने की अंतिम समयसीमा 29 जुलाई 2026 रात 11:59 बजे तय की गई है। यानी सीट स्वीकार करने के बाद भी दाखिला तभी पूरा माना जाएगा, जब उम्मीदवार जरूरी जांच पूरी होने के बाद तय समय के भीतर फीस जमा कर देगा।
28 जुलाई से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र
दिल्ली विश्वविद्यालय के नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत 28 जुलाई 2026 से होनी है। ऐसे में दूसरे राउंड में सीट पाने वाले छात्रों के लिए अगले कुछ दिन काफी महत्वपूर्ण हैं। सीट स्वीकार करने से लेकर कॉलेज की मंजूरी और फीस भुगतान तक हर चरण को तय समयसीमा में पूरा करना जरूरी होगा।
24,814 छात्रों को पहली बार मिली सीट
दूसरे राउंड के सीट आवंटन में 24,814 छात्रों को पहली बार सीट आवंटित की गई है। इन उम्मीदवारों के लिए यह राउंड दाखिले की दिशा में सबसे अहम मौका है। उन्हें आवंटित सीट स्वीकार करने के बाद आगे की सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। समयसीमा चूकने पर उम्मीदवार को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
30,682 छात्रों को मिला बेहतर विकल्प
दूसरे राउंड में सिर्फ नए उम्मीदवारों को ही सीट नहीं मिली है। कुल 30,682 छात्रों को उनकी पहले से आवंटित सीट की तुलना में बेहतर कॉलेज या पाठ्यक्रम में अपग्रेड किया गया है। ऐसे उम्मीदवारों को भी अपने नए आवंटन को ध्यान से जांचकर तय समय के भीतर सीट स्वीकार करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
पहले राउंड में 15,265 छात्रों ने सीट फ्रीज की
पहले राउंड के बाद 15,265 छात्रों ने अपनी आवंटित सीट को फ्रीज कर दिया था। इसका मतलब है कि इन उम्मीदवारों ने मौजूदा आवंटन को ही स्वीकार करते हुए आगे अपग्रेड की प्रक्रिया में नहीं जाने का फैसला किया। वहीं, बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने बेहतर विकल्प की उम्मीद में अपग्रेड का विकल्प चुना था, जिसके बाद दूसरे राउंड में कई छात्रों को नई सीट आवंटित की गई।
दाखिले की पूरी प्रक्रिया सीएसएएस के जरिए
दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक दाखिले की प्रक्रिया कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम के जरिए संचालित की जा रही है। उम्मीदवारों को पहले अपनी पसंद के पाठ्यक्रम और कॉलेज का विकल्प देना होता है। इसके बाद उपलब्ध सीटों, उम्मीदवार की पसंद और प्रवेश से जुड़े नियमों के आधार पर सीट आवंटित की जाती है। दूसरे राउंड में सीट मिलने या सीट अपग्रेड होने के बाद उम्मीदवार को पोर्टल पर जाकर अगला कदम उठाना होता है।
सीयूईटी के स्कोर के आधार पर दाखिला
इस साल दिल्ली विश्वविद्यालय के स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला साझा विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा के स्कोर के आधार पर किया जा रहा है। इसलिए परीक्षा में शामिल हुए और सीएसएएस प्रक्रिया में भाग लेने वाले उम्मीदवारों के लिए सीट आवंटन के हर चरण पर नजर रखना जरूरी है। सिर्फ सीट आवंटित होना ही दाखिले की अंतिम मंजूरी नहीं है; उम्मीदवार को स्वीकार करने, कॉलेज सत्यापन और फीस भुगतान की प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी।
67 कॉलेजों में हो रहा है दाखिला
दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े 67 कॉलेजों में इस शैक्षणिक सत्र के लिए स्नातक दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। विश्वविद्यालय के अलग-अलग पाठ्यक्रमों और विषय संयोजनों में बड़ी संख्या में सीटों के लिए उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। पहले राउंड के बाद दूसरे राउंड में भी बड़ी संख्या में छात्रों को नया या बेहतर आवंटन मिलने से दाखिले की प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच गई है।
छात्र इन तारीखों को बिल्कुल न भूलें
दूसरे राउंड में सीट पाने वाले छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तारीख 27 जुलाई है। इस दिन रात 11:59 बजे तक सीट स्वीकार करनी होगी। इसके बाद कॉलेजों की ओर से आवेदन की जांच और मंजूरी की प्रक्रिया 28 जुलाई रात 11:59 बजे तक चलेगी। फीस जमा करने की अंतिम तारीख 29 जुलाई रात 11:59 बजे है। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय समय रहते सभी जरूरी कदम पूरे कर लें।
सीट स्वीकार करने से पहले जानकारी जरूर जांचें
उम्मीदवारों को सीट स्वीकार करने से पहले अपने आवंटन की पूरी जानकारी ध्यान से देखनी चाहिए। कॉलेज, पाठ्यक्रम और अपग्रेड से जुड़ी जानकारी की जांच करने के बाद ही आगे की प्रक्रिया पूरी करें। साथ ही, आवेदन में दर्ज व्यक्तिगत जानकारी और जरूरी दस्तावेजों में किसी तरह की कमी होने पर कॉलेज सत्यापन के दौरान समस्या आ सकती है।
अंतिम समय का इंतजार करना पड़ सकता है भारी
दूसरे राउंड में सीट पाने वाले छात्रों के लिए सबसे बड़ी चुनौती समयसीमा का पालन करना है। विश्वविद्यालय ने संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया है, इसलिए उम्मीदवारों को अब किसी भी भ्रम की स्थिति में आधिकारिक प्रवेश पोर्टल पर उपलब्ध सूचना को ही अंतिम मानना चाहिए। सीट स्वीकार करने की प्रक्रिया पूरी नहीं करने या फीस जमा करने में देरी होने पर दाखिला प्रभावित हो सकता है।
अब छात्रों की नजर अगले चरण पर
दूसरे राउंड के बाद दाखिले की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और उम्मीदवारों की नजर अपने आवेदन की स्थिति पर रहेगी। जिन छात्रों को नई सीट मिली है, उन्हें तय समय में उसे स्वीकार करना होगा, जबकि अपग्रेड हुए उम्मीदवारों को नए आवंटन की जानकारी जांचनी होगी। ऐसे में दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले का सपना देख रहे छात्रों के लिए अगले कुछ दिन बेहद अहम हैं। खासकर दूसरे राउंड में सीट पाने वाले उम्मीदवारों को 27 जुलाई की अंतिम समयसीमा किसी भी हालत में नहीं भूलनी चाहिए।



