Wednesday, September 9, 2026
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BHU Ayurveda Admission 2026-27: NCISM ने दी मंजूरी, BAMS में 75 और PG में 57 सीटों पर दाखिला

By tagoreeducationtimes | Published: 08 September 2026 | 07:09 PM

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के आयुर्वेद संकाय में नए शैक्षणिक सत्र के लिए दाखिले का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM) ने सत्र 2026-27 के लिए संकाय को स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम चलाने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत BAMS में 60 सीटें, EWS को शामिल करने पर कुल 75 सीटें होंगी। वहीं PG के 14 विषयों में 45 सीटें और EWS सहित कुल 57 सीटें निर्धारित की गई हैं।

NCISM के चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड ने 8 सितंबर को इसकी औपचारिक मंजूरी जारी की। यानी इस साल भी बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में BAMS और PG पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। मौजूदा 2026-27 सत्र के लिए आयुष पाठ्यक्रमों की केंद्रीय काउंसलिंग AACCC के जरिए कराई जा रही है।

PG में 14 विषय, शल्य तंत्र में सबसे ज्यादा सीटें
स्नातकोत्तर स्तर पर आयुर्वेद संहिता एवं सिद्धांत, रचना शारीर, क्रिया शारीर, द्रव्यगुण विज्ञान, रस शास्त्र एवं भैषज्य कल्पना, रोग निदान एवं विकृति विज्ञान, स्वस्थवृत्त एवं योग, प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग, कौमारभृत्य-बाल रोग, कायचिकित्सा, कायचिकित्सा-मनोविज्ञान एवं मानस रोग, शल्य तंत्र, शालाक्य-नेत्र रोग चिकित्सा और शालाक्य-कर्ण, नासा एवं मुख रोग चिकित्सा में प्रवेश की अनुमति मिली है। इनमें शल्य तंत्र में सबसे ज्यादा 12 सीटें स्वीकृत हुई हैं।

मई में हुआ था संकाय का निरीक्षण
NCISM की टीम ने आयुर्वेद संकाय का वार्षिक निरीक्षण 22 और 23 मई को हाइब्रिड तरीके से किया था। निरीक्षण के बाद आयोग के सामने जरूरी दस्तावेज और स्पष्टीकरण रखे गए। इसके बाद बोर्ड की बैठकों में संकाय से जुड़े बिंदुओं पर विचार किया गया।

सुनवाई में संकाय प्रमुख ने रखा पक्ष
21 अगस्त को हुई सुनवाई में आयुर्वेद संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. एच.एच.वी.एस.एस. नरसिम्ह मूर्ति कनुपुरी ने संस्थान का पक्ष रखा। इसके बाद NCISM के बोर्ड की 175वीं बैठक में 2 सितंबर को संकाय को अनुमति देने का फैसला लिया गया। इसी फैसले के आधार पर 8 सितंबर को औपचारिक पत्र जारी किया गया।

13 सितंबर तक भर सकेंगे विकल्प
पहले चरण की काउंसलिंग में अभ्यर्थियों को बीएचयू के आयुर्वेद संकाय को अपनी पसंद के संस्थान के तौर पर चुनने का विकल्प मिलेगा। विकल्प भरने और लॉक करने की अंतिम तारीख 13 सितंबर निर्धारित की गई है। इसके बाद 14 और 15 सितंबर को सीट आवंटन होगा, जबकि 16 सितंबर को सीट आवंटन का परिणाम जारी किया जाएगा।

BHU Ayurveda की सीटों पर नजर
बीएचयू के आयुर्वेद संकाय को इससे पहले भी UG और PG पाठ्यक्रमों के लिए NCISM से अनुमति मिलती रही है। पुराने आधिकारिक दस्तावेजों में भी BAMS के लिए 60 सीटों और EWS को मिलाकर 75 सीटों की व्यवस्था दर्ज है।

2026-27 सत्र में भी BAMS के साथ PG के अलग-अलग विषयों में प्रवेश का विकल्प मिलने से आयुर्वेद की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बीएचयू एक अहम विकल्प बना हुआ है। AACCC की मौजूदा जानकारी के मुताबिक 2026-27 के UG और PG आयुष पाठ्यक्रमों के लिए केंद्रीय काउंसलिंग प्रक्रिया जारी है।

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BHU Ayurveda Admission 2026-27: NCISM ने दी मंजूरी, BAMS में 75 और PG में 57 सीटों पर दाखिला

By tagoreeducationtimes | Published: 08 September 2026 | 07:09 PM

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के आयुर्वेद संकाय में नए शैक्षणिक सत्र के लिए दाखिले का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM) ने सत्र 2026-27 के लिए संकाय को स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम चलाने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत BAMS में 60 सीटें, EWS को शामिल करने पर कुल 75 सीटें होंगी। वहीं PG के 14 विषयों में 45 सीटें और EWS सहित कुल 57 सीटें निर्धारित की गई हैं।

NCISM के चिकित्सा मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड ने 8 सितंबर को इसकी औपचारिक मंजूरी जारी की। यानी इस साल भी बीएचयू के आयुर्वेद संकाय में BAMS और PG पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। मौजूदा 2026-27 सत्र के लिए आयुष पाठ्यक्रमों की केंद्रीय काउंसलिंग AACCC के जरिए कराई जा रही है।

PG में 14 विषय, शल्य तंत्र में सबसे ज्यादा सीटें
स्नातकोत्तर स्तर पर आयुर्वेद संहिता एवं सिद्धांत, रचना शारीर, क्रिया शारीर, द्रव्यगुण विज्ञान, रस शास्त्र एवं भैषज्य कल्पना, रोग निदान एवं विकृति विज्ञान, स्वस्थवृत्त एवं योग, प्रसूति तंत्र एवं स्त्री रोग, कौमारभृत्य-बाल रोग, कायचिकित्सा, कायचिकित्सा-मनोविज्ञान एवं मानस रोग, शल्य तंत्र, शालाक्य-नेत्र रोग चिकित्सा और शालाक्य-कर्ण, नासा एवं मुख रोग चिकित्सा में प्रवेश की अनुमति मिली है। इनमें शल्य तंत्र में सबसे ज्यादा 12 सीटें स्वीकृत हुई हैं।

मई में हुआ था संकाय का निरीक्षण
NCISM की टीम ने आयुर्वेद संकाय का वार्षिक निरीक्षण 22 और 23 मई को हाइब्रिड तरीके से किया था। निरीक्षण के बाद आयोग के सामने जरूरी दस्तावेज और स्पष्टीकरण रखे गए। इसके बाद बोर्ड की बैठकों में संकाय से जुड़े बिंदुओं पर विचार किया गया।

सुनवाई में संकाय प्रमुख ने रखा पक्ष
21 अगस्त को हुई सुनवाई में आयुर्वेद संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. एच.एच.वी.एस.एस. नरसिम्ह मूर्ति कनुपुरी ने संस्थान का पक्ष रखा। इसके बाद NCISM के बोर्ड की 175वीं बैठक में 2 सितंबर को संकाय को अनुमति देने का फैसला लिया गया। इसी फैसले के आधार पर 8 सितंबर को औपचारिक पत्र जारी किया गया।

13 सितंबर तक भर सकेंगे विकल्प
पहले चरण की काउंसलिंग में अभ्यर्थियों को बीएचयू के आयुर्वेद संकाय को अपनी पसंद के संस्थान के तौर पर चुनने का विकल्प मिलेगा। विकल्प भरने और लॉक करने की अंतिम तारीख 13 सितंबर निर्धारित की गई है। इसके बाद 14 और 15 सितंबर को सीट आवंटन होगा, जबकि 16 सितंबर को सीट आवंटन का परिणाम जारी किया जाएगा।

BHU Ayurveda की सीटों पर नजर
बीएचयू के आयुर्वेद संकाय को इससे पहले भी UG और PG पाठ्यक्रमों के लिए NCISM से अनुमति मिलती रही है। पुराने आधिकारिक दस्तावेजों में भी BAMS के लिए 60 सीटों और EWS को मिलाकर 75 सीटों की व्यवस्था दर्ज है।

2026-27 सत्र में भी BAMS के साथ PG के अलग-अलग विषयों में प्रवेश का विकल्प मिलने से आयुर्वेद की पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए बीएचयू एक अहम विकल्प बना हुआ है। AACCC की मौजूदा जानकारी के मुताबिक 2026-27 के UG और PG आयुष पाठ्यक्रमों के लिए केंद्रीय काउंसलिंग प्रक्रिया जारी है।

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