By Malay Ojha | Published: 19 October 2026 | 10:51 PM
नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत लागू की जा रही थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को लेकर शिक्षकों की कमी दूर करने की तैयारी शुरू हो गई है। नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ऐसा कोर्स शुरू करने की योजना बना रहा है, जिसके जरिए शिक्षकों को एक से अधिक भाषाएं पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित किया जा सकेगा। इससे स्कूलों में तीन भाषाओं की पढ़ाई को व्यवस्थित तरीके से लागू करने में मदद मिल सकती है।
बहुभाषी शिक्षा के लिए शिक्षकों को मिलेगी ट्रेनिंग
NCERT के प्रस्तावित कोर्स का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को बहुभाषी शिक्षण पद्धति (Multilingual Pedagogy) और व्यावहारिक भाषा विज्ञान (Applied Linguistics) की जानकारी देना है। फिलहाल इस कोर्स की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसके अंतिम स्वरूप और लागू होने से जुड़ी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
व्याकरण से लेकर भाषा सिखाने के तरीके तक की पढ़ाई
प्रस्तावित कोर्स में शिक्षकों को अलग-अलग भाषाओं के व्याकरण, उनकी संरचना और भाषा सीखने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा सकती है। इसके साथ ही उन्हें यह भी सिखाया जाएगा कि अलग-अलग भाषाओं को छात्रों के लिए आसान और प्रभावी तरीके से कैसे पढ़ाया जाए।
इस ट्रेनिंग का मकसद ऐसे शिक्षक तैयार करना है, जो बच्चों को केवल भाषा के नियम याद कराने के बजाय उन्हें बोलने, लिखने और समझने में भी सक्षम बना सकें।
मास्टर्स प्रोग्राम के रूप में शुरू हो सकता है कोर्स
NCERT इस पहल को बहुभाषी शिक्षा में मास्टर्स प्रोग्राम के रूप में शुरू करने पर विचार कर सकता है। इसके जरिए शिक्षकों का ऐसा वर्ग तैयार करने की योजना है, जिसे कई भाषाओं को पढ़ाने और भाषा सीखने की प्रक्रिया की बेहतर समझ हो।
हालांकि, कोर्स का अंतिम स्वरूप क्या होगा और इसमें दाखिला लेने वाले शिक्षकों को किस स्तर तक ट्रेनिंग दी जाएगी, इस पर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं के साथ विदेशी भाषाएं भी हो सकती हैं शामिल
प्रस्तावित कोर्स में भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं के साथ विदेशी भाषाओं को भी शामिल किया जा सकता है। इसके लिए यह तय करना जरूरी होगा कि एक शिक्षक को कितनी भाषाएं पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित किया जाए और प्रत्येक भाषा में उसकी दक्षता का स्तर क्या हो।
कोर्स की रूपरेखा तय करते समय इन पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। इससे स्कूलों में अलग-अलग भाषाओं के लिए शिक्षकों की उपलब्धता से जुड़ी चुनौती को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
क्या है NEP की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी?
नई शिक्षा नीति के तहत थ्री लैंग्वेज पॉलिसी में छात्रों को तीन भाषाएं सीखने का अवसर देने पर जोर दिया गया है। इसमें भारतीय भाषाओं, अंग्रेजी और अन्य भाषाओं को पढ़ने के विकल्प शामिल हो सकते हैं। भाषाओं के चयन और पढ़ाई से जुड़े नियम संबंधित नीति और बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार तय होते हैं।
इस व्यवस्था को लागू करने में स्कूलों के सामने एक बड़ी चुनौती अलग-अलग भाषाओं के योग्य शिक्षकों की उपलब्धता है। NCERT का प्रस्तावित कोर्स इसी जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। हालांकि, इसे कब शुरू किया जाएगा और स्कूलों में इसका लाभ कब तक मिलने लगेगा, इस बारे में आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।



