Friday, October 23, 2026
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दिल्ली में 20 हजार गेस्ट टीचर्स की सैलरी दोगुनी करने की तैयारी, PGT-TGT को हर महीने मिलेंगे इतने रुपये

By Malay Ojha | Published: 20 October 2026 | 02:52 PM

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले 20 हजार से ज्यादा गेस्ट टीचर्स की सैलरी बढ़ाने की तैयारी है। शिक्षा निदेशालय ने इनके मानदेय में बढ़ोतरी और भुगतान की व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव तैयार कर दिल्ली सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है। अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो गेस्ट टीचर्स को हर महीने पहले से ज्यादा वेतन मिल सकेगा।

प्रस्ताव में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT), ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (TGT) और प्राइमरी टीचर (PRT) के लिए अलग-अलग मासिक मानदेय तय करने की बात कही गई है। इसके तहत PGT को 76,160 रुपये, TGT को 71,840 रुपये और PRT को 56,640 रुपये प्रतिमाह देने का प्रस्ताव है। हालांकि, बढ़ा हुआ मानदेय कब से लागू होगा, यह सरकार की मंजूरी और अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।

किस गेस्ट टीचर को कितनी मिलेगी सैलरी?शिक्षा निदेशालय की ओर से तैयार प्रस्ताव के मुताबिक, गेस्ट टीचर्स को रोजाना के हिसाब से भुगतान करने के बजाय मासिक मानदेय देने की व्यवस्था की जा सकती है। प्रस्ताव में अलग-अलग श्रेणियों के शिक्षकों के लिए ये रकम तय की गई है।

  • PGT: 76,160 रुपये प्रतिमाह
  • TGT: 71,840 रुपये प्रतिमाह
  • PRT: 56,640 रुपये प्रतिमाह

ये प्रस्तावित रकम हैं। इन्हें अंतिम वेतन नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि दिल्ली सरकार की मंजूरी के बाद ही नई व्यवस्था लागू होने का रास्ता साफ होगा।

अभी किस आधार पर मिलती है सैलरी?
फिलहाल दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कार्यरत गेस्ट टीचर्स को प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। मौजूदा व्यवस्था में एक दिन के लिए 1,000 रुपये भुगतान का प्रावधान है। महीने में जितने दिन शिक्षक ड्यूटी करते हैं, उसी के आधार पर उनका भुगतान तय होता है।

नई व्यवस्था लागू होने पर रोजाना की उपस्थिति के आधार पर भुगतान करने के बजाय हर महीने निश्चित मानदेय देने की तैयारी है। शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव में बेसिक वेतन और महंगाई भत्ते (DA) को आधार बनाया गया है। इसके तहत 60 फीसदी महंगाई भत्ता शामिल करने का प्रस्ताव है। महंगाई भत्ते में भविष्य में जरूरत के मुताबिक संशोधन भी किया जा सकेगा।

गर्मी और सर्दी की छुट्टियों में भी मिलेगा पैसा
प्रस्ताव में गेस्ट टीचर्स के लिए एक और अहम बदलाव की बात कही गई है। इसके तहत गर्मी और सर्दी की छुट्टियों के दौरान भी उन्हें निर्धारित मासिक मानदेय दिया जाएगा। इससे शिक्षकों को छुट्टियों के समय भुगतान को लेकर राहत मिल सकती है।

अगर किसी गेस्ट टीचर को छुट्टियों के दौरान प्रवेश प्रक्रिया, अतिरिक्त कक्षाओं या विभाग की ओर से तय दूसरे कामों के लिए बुलाया जाता है, तो प्रस्ताव के मुताबिक उसे अतिरिक्त भुगतान भी किया जाएगा।

साल में मिलेंगी 8 आकस्मिक छुट्टियां
शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव में गेस्ट टीचर्स को साल में आठ दिन की आकस्मिक छुट्टी (कैजुअल लीव) देने का प्रावधान भी शामिल है। हालांकि, इससे उनकी नौकरी की स्थिति में बदलाव नहीं होगा।

प्रस्ताव में साफ किया गया है कि गेस्ट टीचर्स संविदा पर ही काम करते रहेंगे। मानदेय बढ़ने से उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा या नियमित किए जाने का अधिकार नहीं मिलेगा। निर्धारित छुट्टियों से अधिक अनुपस्थित रहने पर मासिक मानदेय में प्रतिदिन के हिसाब से कटौती की जा सकेगी।

8-9 साल से सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे गेस्ट टीचर्स
गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी शोएब राणा ने प्रस्ताव का स्वागत किया है। उनका कहना है कि गेस्ट टीचर्स पिछले 8-9 वर्षों से मानदेय बढ़ाने और वेतन को तय करने की मांग कर रहे थे। इस दौरान महंगाई बढ़ती रही, लेकिन उनके भुगतान में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई। इससे शिक्षकों के लिए परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था।

शोएब राणा के मुताबिक, शिक्षा निदेशालय की ओर से मानदेय बढ़ाने और उसे निश्चित करने की दिशा में किया गया प्रयास सराहनीय है। उन्होंने इसके लिए शिक्षा विभाग का आभार जताया।

दिल्ली सरकार से जल्द मंजूरी देने की अपील
गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन ने दिल्ली सरकार से प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देने की अपील की है। शोएब राणा का कहना है कि सरकार को शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग पर फैसला लेकर उन्हें राहत देनी चाहिए, ताकि वे सम्मानजनक वेतन के साथ अपना जीवनयापन कर सकें।

अब सभी की निगाहें दिल्ली सरकार के फैसले पर हैं। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नई वेतन व्यवस्था कब से लागू होगी और गेस्ट टीचर्स को बढ़ा हुआ मासिक मानदेय किस महीने से मिलना शुरू होगा।

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दिल्ली में 20 हजार गेस्ट टीचर्स की सैलरी दोगुनी करने की तैयारी, PGT-TGT को हर महीने मिलेंगे इतने रुपये

By Malay Ojha | Published: 20 October 2026 | 02:52 PM

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले 20 हजार से ज्यादा गेस्ट टीचर्स की सैलरी बढ़ाने की तैयारी है। शिक्षा निदेशालय ने इनके मानदेय में बढ़ोतरी और भुगतान की व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव तैयार कर दिल्ली सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है। अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो गेस्ट टीचर्स को हर महीने पहले से ज्यादा वेतन मिल सकेगा।

प्रस्ताव में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (PGT), ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (TGT) और प्राइमरी टीचर (PRT) के लिए अलग-अलग मासिक मानदेय तय करने की बात कही गई है। इसके तहत PGT को 76,160 रुपये, TGT को 71,840 रुपये और PRT को 56,640 रुपये प्रतिमाह देने का प्रस्ताव है। हालांकि, बढ़ा हुआ मानदेय कब से लागू होगा, यह सरकार की मंजूरी और अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।

किस गेस्ट टीचर को कितनी मिलेगी सैलरी?शिक्षा निदेशालय की ओर से तैयार प्रस्ताव के मुताबिक, गेस्ट टीचर्स को रोजाना के हिसाब से भुगतान करने के बजाय मासिक मानदेय देने की व्यवस्था की जा सकती है। प्रस्ताव में अलग-अलग श्रेणियों के शिक्षकों के लिए ये रकम तय की गई है।

  • PGT: 76,160 रुपये प्रतिमाह
  • TGT: 71,840 रुपये प्रतिमाह
  • PRT: 56,640 रुपये प्रतिमाह

ये प्रस्तावित रकम हैं। इन्हें अंतिम वेतन नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि दिल्ली सरकार की मंजूरी के बाद ही नई व्यवस्था लागू होने का रास्ता साफ होगा।

अभी किस आधार पर मिलती है सैलरी?
फिलहाल दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कार्यरत गेस्ट टीचर्स को प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। मौजूदा व्यवस्था में एक दिन के लिए 1,000 रुपये भुगतान का प्रावधान है। महीने में जितने दिन शिक्षक ड्यूटी करते हैं, उसी के आधार पर उनका भुगतान तय होता है।

नई व्यवस्था लागू होने पर रोजाना की उपस्थिति के आधार पर भुगतान करने के बजाय हर महीने निश्चित मानदेय देने की तैयारी है। शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव में बेसिक वेतन और महंगाई भत्ते (DA) को आधार बनाया गया है। इसके तहत 60 फीसदी महंगाई भत्ता शामिल करने का प्रस्ताव है। महंगाई भत्ते में भविष्य में जरूरत के मुताबिक संशोधन भी किया जा सकेगा।

गर्मी और सर्दी की छुट्टियों में भी मिलेगा पैसा
प्रस्ताव में गेस्ट टीचर्स के लिए एक और अहम बदलाव की बात कही गई है। इसके तहत गर्मी और सर्दी की छुट्टियों के दौरान भी उन्हें निर्धारित मासिक मानदेय दिया जाएगा। इससे शिक्षकों को छुट्टियों के समय भुगतान को लेकर राहत मिल सकती है।

अगर किसी गेस्ट टीचर को छुट्टियों के दौरान प्रवेश प्रक्रिया, अतिरिक्त कक्षाओं या विभाग की ओर से तय दूसरे कामों के लिए बुलाया जाता है, तो प्रस्ताव के मुताबिक उसे अतिरिक्त भुगतान भी किया जाएगा।

साल में मिलेंगी 8 आकस्मिक छुट्टियां
शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव में गेस्ट टीचर्स को साल में आठ दिन की आकस्मिक छुट्टी (कैजुअल लीव) देने का प्रावधान भी शामिल है। हालांकि, इससे उनकी नौकरी की स्थिति में बदलाव नहीं होगा।

प्रस्ताव में साफ किया गया है कि गेस्ट टीचर्स संविदा पर ही काम करते रहेंगे। मानदेय बढ़ने से उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा या नियमित किए जाने का अधिकार नहीं मिलेगा। निर्धारित छुट्टियों से अधिक अनुपस्थित रहने पर मासिक मानदेय में प्रतिदिन के हिसाब से कटौती की जा सकेगी।

8-9 साल से सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे थे गेस्ट टीचर्स
गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी शोएब राणा ने प्रस्ताव का स्वागत किया है। उनका कहना है कि गेस्ट टीचर्स पिछले 8-9 वर्षों से मानदेय बढ़ाने और वेतन को तय करने की मांग कर रहे थे। इस दौरान महंगाई बढ़ती रही, लेकिन उनके भुगतान में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई। इससे शिक्षकों के लिए परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था।

शोएब राणा के मुताबिक, शिक्षा निदेशालय की ओर से मानदेय बढ़ाने और उसे निश्चित करने की दिशा में किया गया प्रयास सराहनीय है। उन्होंने इसके लिए शिक्षा विभाग का आभार जताया।

दिल्ली सरकार से जल्द मंजूरी देने की अपील
गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन ने दिल्ली सरकार से प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देने की अपील की है। शोएब राणा का कहना है कि सरकार को शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग पर फैसला लेकर उन्हें राहत देनी चाहिए, ताकि वे सम्मानजनक वेतन के साथ अपना जीवनयापन कर सकें।

अब सभी की निगाहें दिल्ली सरकार के फैसले पर हैं। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नई वेतन व्यवस्था कब से लागू होगी और गेस्ट टीचर्स को बढ़ा हुआ मासिक मानदेय किस महीने से मिलना शुरू होगा।

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