By Malay Ojha | Published: 16 October 2026 | 01:01 PM
उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) 2026 के दौरान नकल रोकने के लिए इस बार सख्त निगरानी की तैयारी है। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और ब्लूटूथ डिवाइस के साथ AI चश्मों की भी जांच की जाएगी। प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो और पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराई जाए।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से आयोजित होने वाली PET 2026 में कुल 35,41,297 अभ्यर्थियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा से लेकर भीड़ प्रबंधन तक की तैयारियां तेज कर दी हैं।
60 जिलों में बनाए गए 1,372 परीक्षा केंद्र
PET 2026 की परीक्षा 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को आयोजित की जाएगी। इसके लिए प्रदेश के 60 जिलों में 1,372 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा दो पालियों में होगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को परेशानी न हो।
CCTV कैमरों से होगी लगातार निगरानी
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई साप्ताहिक समीक्षा बैठक में परीक्षा की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने और परीक्षा से जुड़े सभी काम तय समय पर पूरा करने को कहा। परीक्षा केंद्रों के अलावा कोषागारों में लगे CCTV कैमरों के जरिए भी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षा ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को मिलेगी ट्रेनिंग
परीक्षा में तैनात होने वाले कर्मचारियों को पहले से प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया है। इसका मकसद परीक्षा के दौरान होने वाली संभावित समस्याओं को रोकना और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों की पूरी जानकारी हो।
रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी रहेगी नजर
परीक्षा के दिनों में दूसरे जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, प्रमुख सड़कों और परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ नियंत्रित करने के इंतजाम किए जाएंगे। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए भी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला अभ्यर्थियों के लिए हेल्प डेस्क की व्यवस्था
परीक्षा देने आने वाली महिला अभ्यर्थियों की मदद के लिए जरूरत के अनुसार हेल्प डेस्क बनाई जाएंगी। इसके अलावा दूसरे जिलों से आने वाले परीक्षार्थियों के लिए होल्डिंग एरिया तैयार करने को कहा गया है, ताकि भीड़ को व्यवस्थित किया जा सके। प्रशासन का जोर है कि सुरक्षा और सुविधा, दोनों का ध्यान रखते हुए परीक्षा कराई जाए।



