By Malay Ojha | Published: 23 October 2026 | 01:05 PM
भारत में कॉलेज के छात्र अब नौकरी के साथ-साथ अपना बिजनेस शुरू करने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। IIT मंडी की GUESSS India 2025 रिपोर्ट में सामने आया है कि देश के 22% कॉलेज स्टूडेंट्स अपना कारोबार शुरू कर चुके हैं, जबकि 43% छात्र एंटरप्रेन्योर बनना चाहते हैं। रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि युवाओं के बीच स्टार्टअप और खुद का बिजनेस शुरू करने को लेकर दिलचस्पी बढ़ रही है।
कॉलेज से ही बिजनेस की शुरुआत कर रहे छात्र
IIT मंडी और बेंगलुरु के रेवा विश्वविद्यालय के सहयोग से तैयार इस रिपोर्ट में देश के 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1,200 से अधिक हायर एजुकेशन संस्थानों के 25,783 छात्रों को शामिल किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, कारोबार शुरू कर चुके छात्रों का अनुपात 22% है, जो 23% के ग्लोबल औसत के करीब है।
छात्रों के बिजनेस से होने लगी कमाई
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि छात्र उद्यमियों के लिए बिजनेस अब केवल एक आइडिया तक सीमित नहीं है। नियमित रूप से बिक्री करने वाले 35.5% छात्र उद्यमियों ने बताया कि उनके कारोबार से लगातार कमाई हो रही है। इससे संकेत मिलता है कि कॉलेज में पढ़ाई के साथ शुरू किए गए कई बिजनेस अब वास्तविक कारोबार का रूप ले रहे हैं।
सरकारी और कॉरपोरेट नौकरी के प्रति घटा रुझान
GUESSS India 2025 के आंकड़ों के मुताबिक, पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद अपना बिजनेस शुरू करने की इच्छा रखने वाले छात्रों का अनुपात 2023 में 14% था। 2025 में यह बढ़कर 16.2% हो गया। दूसरी ओर, सरकारी नौकरी को प्राथमिकता देने वाले छात्रों का अनुपात 12.7% से घटकर 10.1% रह गया।
बड़ी कंपनियों में नौकरी करने की इच्छा रखने वाले छात्रों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई। 2023 में 31.3% छात्र बड़ी कंपनियों में काम करना चाहते थे, जबकि 2025 में यह आंकड़ा घटकर 27.4% रह गया। ये आंकड़े बताते हैं कि युवाओं के करियर से जुड़े विकल्पों में बदलाव आ रहा है।
IT और AI जैसे सेक्टर में तलाश रहे मौके
छात्र उद्यमी सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में कारोबार के अवसर तलाश रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नियमित बिक्री करने वाले छात्र व्यवसायों में 31% की शुरुआत साल 2025 में हुई थी।
खास बात यह है कि इनमें से करीब 42% छात्र दो या उससे अधिक बिजनेस चला रहे थे। वहीं, लगभग 41% सफल छात्र उद्यमियों ने नया कारोबार शुरू करने से पहले अपना कोई पुराना बिजनेस बंद किया था। इससे पता चलता है कि कारोबार में चुनौतियों का सामना करने के बाद भी कई युवा नए प्रयोग करने और दोबारा शुरुआत करने से पीछे नहीं हटते।
परिवार और दोस्तों का साथ मिलने से बढ़ती है संभावना
रिपोर्ट में छात्र उद्यमिता के पीछे सामाजिक माहौल की अहम भूमिका भी सामने आई है। जिन छात्रों के परिवार, दोस्तों, क्लासमेट्स या शिक्षकों में कोई उद्यमी है, उनके बिजनेस शुरू करने की संभावना तीन गुना अधिक पाई गई।
हालांकि, करीब आधे भारतीय छात्रों ने बताया कि वे अपने माता-पिता के अलावा किसी दूसरे उद्यमी को नहीं जानते। इससे पता चलता है कि युवाओं में बिजनेस करने की इच्छा होने के बावजूद उन्हें सही मार्गदर्शन और अनुभवी लोगों से जुड़ने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।
बिजनेस शुरू करने में पुरुष छात्रों से पीछे महिलाएं
रिपोर्ट में महिला और पुरुष छात्रों के बीच भी अंतर सामने आया। बिजनेस शुरू करने की इच्छा रखने वाली महिलाओं में से 45% ने अपना कारोबार शुरू किया। पुरुषों में यह अनुपात 53% रहा। यह अंतर बताता है कि महिला छात्रों को बिजनेस शुरू करने के लिए अतिरिक्त सहयोग, मार्गदर्शन और संसाधनों की जरूरत हो सकती है।
विश्वविद्यालयों और सरकार के लिए क्या है सुझाव?
रिपोर्ट में विश्वविद्यालयों, इनक्यूबेटर और सरकार से छात्रों को अनुभवी उद्यमियों के साथ जोड़ने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही, छात्रों को अपने बिजनेस आइडिया को वास्तविक कारोबार में बदलने के लिए पहली बिक्री हासिल करने, प्रोटोटाइप तैयार करने और बिजनेस का रजिस्ट्रेशन कराने पर ध्यान देना चाहिए।
रिपोर्ट का संकेत साफ है कि कॉलेज के छात्रों के बीच अपना कारोबार शुरू करने की इच्छा बढ़ रही है। अब चुनौती इस इच्छा को सफल और टिकाऊ बिजनेस में बदलने की है।



