Friday, November 6, 2026
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UP Government Jobs: इन मामलों में सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी, योगी सरकार ने चरित्र सत्यापन के नियम किए सख्त

By Malay Ojha | Published: 29 October 2026 | 11:19 AM

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने के लिए अब चरित्र सत्यापन के नियमों को लेकर ज्यादा सतर्क रहना होगा। योगी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के चरित्र सत्यापन को लेकर दिशा-निर्देश स्पष्ट किए हैं। हत्या, बलात्कार, डकैती, भ्रष्टाचार, आतंकवादी गतिविधियों, पेपर लीक और सॉल्वर गैंग जैसे गंभीर मामलों में शामिल अभ्यर्थियों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता बंद हो सकता है। हिंसा के जरिए व्यवस्था बदलने के उद्देश्य से काम करने वाले संगठनों से जुड़े लोगों को भी अपात्र माना जाएगा।

UP Government Jobs: गंभीर अपराधों में शामिल अभ्यर्थियों पर सख्ती
नई व्यवस्था में गंभीर अपराधों और हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के मामलों को प्रमुखता से रखा गया है। हत्या, डकैती, बलात्कार, महिलाओं की लज्जा भंग, भ्रष्टाचार, आतंकवादी कृत्य, पेपर लीक और सॉल्वर गैंग से जुड़े मामलों में संलिप्तता सरकारी नौकरी के लिए बाधा बनेगी। इसके अलावा, ऐसे संगठनों की सदस्यता भी जांच के दायरे में आएगी, जिनका उद्देश्य हिंसा के जरिए मौजूदा व्यवस्था को बदलना है।

केवल FIR दर्ज होने पर नहीं जाएगी नौकरी की पात्रता
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी अभ्यर्थी के खिलाफ सिर्फ एफआईआर दर्ज होने या मामले की जांच लंबित रहने से उसे सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य नहीं माना जाएगा। इसी तरह, किसी व्यक्ति की राजनीतिक विचारधारा अपने आप में नौकरी से वंचित करने का आधार नहीं होगी। चरित्र सत्यापन के दौरान हिंसक गतिविधियों और शांतिपूर्ण राजनीतिक विचारों के बीच अंतर किया जाएगा।

21 साल की उम्र और पिछले तीन वर्षों की गतिविधियों पर नजर
चरित्र सत्यापन के नियमों में उम्र और गतिविधियों की समय-सीमा को लेकर भी प्रावधान किया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 21 साल की उम्र पूरी करने के बाद जांच की तारीख से पिछले तीन वर्षों के भीतर हिंसा के जरिए व्यवस्था परिवर्तन से जुड़ी गतिविधियों में भागीदारी को इस बात का संकेत माना जाएगा कि संबंधित व्यक्ति अब भी ऐसी गतिविधियों में सक्रिय हो सकता है। इस आधार पर अभ्यर्थी की पात्रता का आकलन किया जाएगा।

पुलिस को 30 दिन में देनी होगी सत्यापन रिपोर्ट
नियुक्ति विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत पुलिस को चरित्र सत्यापन की रिपोर्ट 30 दिन के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है। इससे भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों के सत्यापन को निर्धारित समय में पूरा करने पर जोर रहेगा।

पहले से सरकारी नौकरी कर रहे कर्मचारियों पर क्या होगा नियम?
नई व्यवस्था के तहत पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों का दोबारा चरित्र सत्यापन नहीं कराया जाएगा। हालांकि, जरूरत पड़ने पर उनके पिछले विभाग से संबंधित जानकारी मांगी जा सकती है। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश सरकार के सभी विभागों, आयोगों और भर्ती बोर्डों पर लागू होगी।

शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रदर्शन करने वालों को राहत
इन दिशा-निर्देशों में सामान्य और शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों को प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखा गया है। यानी किसी राजनीतिक विचारधारा का समर्थन करना या शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना अपने आप में सरकारी नौकरी के लिए अयोग्यता नहीं माना जाएगा। सरकार की ओर से स्पष्ट किए गए इन नियमों का उद्देश्य चरित्र सत्यापन के दौरान हिंसा और गंभीर आपराधिक गतिविधियों को आधार बनाना है, न कि किसी व्यक्ति की राजनीतिक सोच को।

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UP Government Jobs: इन मामलों में सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी, योगी सरकार ने चरित्र सत्यापन के नियम किए सख्त

By Malay Ojha | Published: 29 October 2026 | 11:19 AM

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने के लिए अब चरित्र सत्यापन के नियमों को लेकर ज्यादा सतर्क रहना होगा। योगी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के चरित्र सत्यापन को लेकर दिशा-निर्देश स्पष्ट किए हैं। हत्या, बलात्कार, डकैती, भ्रष्टाचार, आतंकवादी गतिविधियों, पेपर लीक और सॉल्वर गैंग जैसे गंभीर मामलों में शामिल अभ्यर्थियों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता बंद हो सकता है। हिंसा के जरिए व्यवस्था बदलने के उद्देश्य से काम करने वाले संगठनों से जुड़े लोगों को भी अपात्र माना जाएगा।

UP Government Jobs: गंभीर अपराधों में शामिल अभ्यर्थियों पर सख्ती
नई व्यवस्था में गंभीर अपराधों और हिंसक गतिविधियों में शामिल होने के मामलों को प्रमुखता से रखा गया है। हत्या, डकैती, बलात्कार, महिलाओं की लज्जा भंग, भ्रष्टाचार, आतंकवादी कृत्य, पेपर लीक और सॉल्वर गैंग से जुड़े मामलों में संलिप्तता सरकारी नौकरी के लिए बाधा बनेगी। इसके अलावा, ऐसे संगठनों की सदस्यता भी जांच के दायरे में आएगी, जिनका उद्देश्य हिंसा के जरिए मौजूदा व्यवस्था को बदलना है।

केवल FIR दर्ज होने पर नहीं जाएगी नौकरी की पात्रता
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी अभ्यर्थी के खिलाफ सिर्फ एफआईआर दर्ज होने या मामले की जांच लंबित रहने से उसे सरकारी नौकरी के लिए अयोग्य नहीं माना जाएगा। इसी तरह, किसी व्यक्ति की राजनीतिक विचारधारा अपने आप में नौकरी से वंचित करने का आधार नहीं होगी। चरित्र सत्यापन के दौरान हिंसक गतिविधियों और शांतिपूर्ण राजनीतिक विचारों के बीच अंतर किया जाएगा।

21 साल की उम्र और पिछले तीन वर्षों की गतिविधियों पर नजर
चरित्र सत्यापन के नियमों में उम्र और गतिविधियों की समय-सीमा को लेकर भी प्रावधान किया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 21 साल की उम्र पूरी करने के बाद जांच की तारीख से पिछले तीन वर्षों के भीतर हिंसा के जरिए व्यवस्था परिवर्तन से जुड़ी गतिविधियों में भागीदारी को इस बात का संकेत माना जाएगा कि संबंधित व्यक्ति अब भी ऐसी गतिविधियों में सक्रिय हो सकता है। इस आधार पर अभ्यर्थी की पात्रता का आकलन किया जाएगा।

पुलिस को 30 दिन में देनी होगी सत्यापन रिपोर्ट
नियुक्ति विभाग के प्रमुख सचिव एम. देवराज की ओर से इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत पुलिस को चरित्र सत्यापन की रिपोर्ट 30 दिन के भीतर उपलब्ध कराने को कहा गया है। इससे भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों के सत्यापन को निर्धारित समय में पूरा करने पर जोर रहेगा।

पहले से सरकारी नौकरी कर रहे कर्मचारियों पर क्या होगा नियम?
नई व्यवस्था के तहत पहले से सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों का दोबारा चरित्र सत्यापन नहीं कराया जाएगा। हालांकि, जरूरत पड़ने पर उनके पिछले विभाग से संबंधित जानकारी मांगी जा सकती है। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश सरकार के सभी विभागों, आयोगों और भर्ती बोर्डों पर लागू होगी।

शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रदर्शन करने वालों को राहत
इन दिशा-निर्देशों में सामान्य और शांतिपूर्ण राजनीतिक गतिविधियों को प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखा गया है। यानी किसी राजनीतिक विचारधारा का समर्थन करना या शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करना अपने आप में सरकारी नौकरी के लिए अयोग्यता नहीं माना जाएगा। सरकार की ओर से स्पष्ट किए गए इन नियमों का उद्देश्य चरित्र सत्यापन के दौरान हिंसा और गंभीर आपराधिक गतिविधियों को आधार बनाना है, न कि किसी व्यक्ति की राजनीतिक सोच को।

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