By Malay Ojha | Published: 30 October 2026 | 01:08 PM
राइटिंग, पत्रकारिता, रिसर्च और नए विषयों पर काम करने का शौक रखने वालों के लिए जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप एक अच्छा अवसर है। जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड की ओर से दी जाने वाली इस फेलोशिप में चयनित उम्मीदवारों को दो साल तक हर महीने एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। खास बात यह है कि इसके लिए केवल वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों को ही नहीं, बल्कि पत्रकारों, लेखकों, कलाकारों और सरकारी अधिकारियों को भी आवेदन का मौका मिलता है।
इस फेलोशिप के तहत उम्मीदवार भारत में अपनी पसंद की जगह रहकर रिसर्च या क्रिएटिव प्रोजेक्ट पर काम कर सकते हैं। इसके लिए किसी निर्धारित फॉर्म की जरूरत नहीं है। इच्छुक उम्मीदवारों को सादे कागज पर अपना आवेदन तैयार करके जरूरी दस्तावेजों के साथ जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड के पते पर भेजना होगा।
क्या है जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप?
जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप की शुरुआत वर्ष 1968 में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की स्मृति में की गई थी। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा, स्वतंत्र विचार और नए शोध को बढ़ावा देना है। इस योजना के जरिए प्रतिभाशाली लोगों को अपने चुने हुए क्षेत्र में नए विचारों और रचनात्मक प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर दिया जाता है।
किसे मिल सकती है यह फेलोशिप?
यह फेलोशिप भारतीय नागरिकों के लिए है। साइंस और ह्यूमैनिटीज के शोधकर्ताओं के अलावा लेखक, पत्रकार, कलाकार और सिविल सर्विस से जुड़े अधिकारी भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
उम्मीदवार के पास अपने क्षेत्र में बेहतर काम करने का प्रमाण होना चाहिए। साथ ही उसमें किसी नए विषय पर गंभीरता से काम करने और प्रस्तावित प्रोजेक्ट को पूरा करने की क्षमता भी होनी चाहिए। फेलोशिप के तहत चयनित व्यक्ति देश में अपनी पसंद की जगह से काम कर सकता है।
दो साल तक हर महीने मिलेंगे एक लाख रुपये
जवाहरलाल नेहरू फेलोशिप के तहत चयनित व्यक्ति को दो साल तक हर महीने एक लाख रुपये दिए जाते हैं। फंड की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इस राशि को आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10(17A) के तहत टैक्स से छूट प्राप्त है।
इसके अलावा प्रोजेक्ट से जुड़े यात्रा खर्च, सचिवीय सहायता और अन्य जरूरी खर्चों के लिए सालाना अधिकतम 75 हजार रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जाती है। यह राशि वास्तविक खर्चों के आधार पर निर्धारित सीमा के भीतर मिलती है।
कैसे होता है उम्मीदवारों का चयन?
उम्मीदवारों का चयन अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की समिति करती है। चयन के दौरान आवेदक के पिछले काम, उसकी उपलब्धियों, प्रतिभा और प्रस्तावित प्रोजेक्ट की उपयोगिता पर ध्यान दिया जाता है। समिति यह भी देखती है कि उम्मीदवार अपने प्रोजेक्ट को पूरा करने की कितनी क्षमता रखता है।
आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी?
इस फेलोशिप के लिए कोई निर्धारित आवेदन फॉर्म नहीं है। उम्मीदवारों को सादे कागज पर अपनी जानकारी लिखकर निम्नलिखित दस्तावेज साथ लगाने होंगे:
- बायोडाटा: शैक्षणिक योग्यता और अब तक किए गए मौलिक कार्यों का विवरण।
- कार्य अनुभव: अपने विशेषज्ञता वाले क्षेत्र में किए गए काम की जानकारी।
- प्रोजेक्ट का सारांश: प्रस्तावित रिसर्च या क्रिएटिव प्रोजेक्ट का अधिकतम 1,000 शब्दों में टाइप किया हुआ विवरण। इसे डबल स्पेसिंग में तैयार करना होगा।
- फोटो: हाल की पासपोर्ट साइज फोटो की एक कॉपी।
सरकारी सेवा में कार्यरत उम्मीदवारों को अपना आवेदन उचित माध्यम (प्रॉपर चैनल) से भेजना होगा।
कहां भेजना होगा आवेदन?
जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, यह फेलोशिप एक सतत योजना है और आवेदन जमा करने की कोई निश्चित अंतिम तारीख नहीं है। उम्मीदवार आवेदन भेजने से पहले वेबसाइट पर दिए गए दिशा-निर्देश जरूर देख लें।
आवेदन और जरूरी दस्तावेज इस पते पर भेजने होंगे:
सचिव,\
जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड,\
तीन मूर्ति हाउस,\
नई दिल्ली-110001।
अधिक जानकारी और आवेदन की शर्तों के लिए आधिकारिक वेबसाइट jnmf.in देख सकते हैं।



