Friday, November 6, 2026
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अग्निवीरों को 4 साल बाद भी सेना में रहने का मिलेगा मौका? पहले बैच की विदाई से पहले केंद्र सरकार कर रही बड़ा विचार

By Malay Ojha | Published: 04 November 2026 | 12:38 AM

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार अग्निवीरों की चार साल की सेवा अवधि को दो साल और बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो कुछ अग्निवीरों को कुल छह साल तक सेना में सेवा करने का मौका मिल सकता है।

हालांकि, दो साल के सेवा विस्तार की चर्चा अभी प्रस्ताव के स्तर पर है। सरकार ने न तो इसकी अवधि की आधिकारिक पुष्टि की है और न ही यह बताया है कि तीनों सेनाओं में कितने अग्निवीरों को इसका लाभ दिया जाएगा।

21 नवंबर से शुरू होगी पहले बैच की विदाई
अग्निपथ योजना के तहत तीनों सेनाओं में भर्ती हुए पहले बैच की सेवा समाप्त होने की तारीख अलग-अलग है। भारतीय नौसेना के पहले बैच का चार साल का कार्यकाल 21 नवंबर 2026 को पूरा हो रहा है। इसके बाद वायुसेना के पहले बैच की सेवा 21 दिसंबर और थल सेना के पहले बैच की सेवा 31 दिसंबर 2026 को पूरी होगी।

ऐसे में सेवा विस्तार को लेकर सरकार की ओर से होने वाले फैसले पर अग्निवीरों और उनके परिवारों की नजर है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 21 नवंबर से पहले इस संबंध में घोषणा हो सकती है। हालांकि, इसे अभी संभावित फैसला ही माना जाना चाहिए।

25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही नियमित सैनिक बनने का मौका
अग्निपथ योजना के मौजूदा नियमों के मुताबिक, चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से अधिकतम 25 प्रतिशत को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। इसके लिए उनकी सेवा के दौरान प्रदर्शन, योग्यता और संबंधित सेना की जरूरतों को आधार बनाया जाता है।

नियमित कैडर में शामिल होने वाले अग्निवीर आगे सामान्य सैनिकों की तरह सेना में अपनी सेवाएं जारी रखते हैं। वहीं, बाकी अग्निवीरों को चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर सेवा से मुक्त किया जाता है। प्रस्तावित सेवा विस्तार इसी नियमित भर्ती प्रक्रिया से अलग विकल्प होगा।

वायुसेना ने 2,850 में से 712 अग्निवीरों को चुना
पहले बैच के अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल करने की प्रक्रिया के तहत भारतीय वायुसेना ने अपने पहले अग्निवीर वायु बैच के 2,850 जवानों में से 712 को नियमित कैडर में बनाए रखने का फैसला किया है। यह संख्या कुल बैच का करीब 25 प्रतिशत है।

इस चयन के बाद बाकी अग्निवीरों के सामने चार साल की सेवा पूरी होने पर सेना से बाहर निकलने का विकल्प है। ऐसे में सेवा विस्तार का प्रस्ताव उन अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, जिन्हें नियमित कैडर में जगह नहीं मिलती। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्ताव मंजूर होने पर वायुसेना, नौसेना और थल सेना में इसका लाभ किस अनुपात में दिया जाएगा।

14 जून 2022 को शुरू हुई थी अग्निपथ योजना
केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत 17.5 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के लिए अग्निवीर के तौर पर भर्ती किया जाता है। इस चार साल की अवधि में ट्रेनिंग का समय भी शामिल होता है।

अग्निवीरों को सेवा के दौरान हर महीने वेतन और लागू भत्ते दिए जाते हैं। चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर सेवा से मुक्त होने वाले अग्निवीरों को करीब 11.71 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज मिलता है। इसमें अग्निवीर और सरकार, दोनों का योगदान शामिल होता है।

हालांकि, नियमित कैडर में शामिल नहीं होने वाले अग्निवीरों को सेना की सामान्य पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलता। उन्हें आगे रोजगार के अवसरों के लिए स्किल सर्टिफिकेट और अन्य सरकारी व्यवस्थाओं के जरिए सहायता देने का प्रावधान है।

सेवा विस्तार पर अभी अंतिम फैसला बाकी
अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव लागू होता है तो सेना में तीन तरह के जवानों की व्यवस्था बन सकती है। पहली श्रेणी में चार साल के लिए भर्ती होने वाले नए अग्निवीर होंगे। दूसरी श्रेणी में सेवा विस्तार पाने वाले अग्निवीर और तीसरी श्रेणी में नियमित कैडर में शामिल किए गए सैनिक होंगे।

फिलहाल यह साफ नहीं है कि सेवा विस्तार सभी अग्निवीरों को मिलेगा या केवल कुछ खास ट्रेड और श्रेणियों के जवानों को इसका लाभ दिया जाएगा। विस्तार की अवधि, चयन के मानक और तीनों सेनाओं में लागू होने वाली प्रक्रिया पर भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

इसलिए अग्निवीरों को फिलहाल सरकार की औपचारिक घोषणा का इंतजार करना होगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पहले बैच के कितने जवानों को चार साल के बाद भी वर्दी में सेवा जारी रखने का मौका मिलेगा।

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अग्निवीरों को 4 साल बाद भी सेना में रहने का मिलेगा मौका? पहले बैच की विदाई से पहले केंद्र सरकार कर रही बड़ा विचार

By Malay Ojha | Published: 04 November 2026 | 12:38 AM

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार अग्निवीरों की चार साल की सेवा अवधि को दो साल और बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो कुछ अग्निवीरों को कुल छह साल तक सेना में सेवा करने का मौका मिल सकता है।

हालांकि, दो साल के सेवा विस्तार की चर्चा अभी प्रस्ताव के स्तर पर है। सरकार ने न तो इसकी अवधि की आधिकारिक पुष्टि की है और न ही यह बताया है कि तीनों सेनाओं में कितने अग्निवीरों को इसका लाभ दिया जाएगा।

21 नवंबर से शुरू होगी पहले बैच की विदाई
अग्निपथ योजना के तहत तीनों सेनाओं में भर्ती हुए पहले बैच की सेवा समाप्त होने की तारीख अलग-अलग है। भारतीय नौसेना के पहले बैच का चार साल का कार्यकाल 21 नवंबर 2026 को पूरा हो रहा है। इसके बाद वायुसेना के पहले बैच की सेवा 21 दिसंबर और थल सेना के पहले बैच की सेवा 31 दिसंबर 2026 को पूरी होगी।

ऐसे में सेवा विस्तार को लेकर सरकार की ओर से होने वाले फैसले पर अग्निवीरों और उनके परिवारों की नजर है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 21 नवंबर से पहले इस संबंध में घोषणा हो सकती है। हालांकि, इसे अभी संभावित फैसला ही माना जाना चाहिए।

25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही नियमित सैनिक बनने का मौका
अग्निपथ योजना के मौजूदा नियमों के मुताबिक, चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से अधिकतम 25 प्रतिशत को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। इसके लिए उनकी सेवा के दौरान प्रदर्शन, योग्यता और संबंधित सेना की जरूरतों को आधार बनाया जाता है।

नियमित कैडर में शामिल होने वाले अग्निवीर आगे सामान्य सैनिकों की तरह सेना में अपनी सेवाएं जारी रखते हैं। वहीं, बाकी अग्निवीरों को चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर सेवा से मुक्त किया जाता है। प्रस्तावित सेवा विस्तार इसी नियमित भर्ती प्रक्रिया से अलग विकल्प होगा।

वायुसेना ने 2,850 में से 712 अग्निवीरों को चुना
पहले बैच के अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल करने की प्रक्रिया के तहत भारतीय वायुसेना ने अपने पहले अग्निवीर वायु बैच के 2,850 जवानों में से 712 को नियमित कैडर में बनाए रखने का फैसला किया है। यह संख्या कुल बैच का करीब 25 प्रतिशत है।

इस चयन के बाद बाकी अग्निवीरों के सामने चार साल की सेवा पूरी होने पर सेना से बाहर निकलने का विकल्प है। ऐसे में सेवा विस्तार का प्रस्ताव उन अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, जिन्हें नियमित कैडर में जगह नहीं मिलती। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि प्रस्ताव मंजूर होने पर वायुसेना, नौसेना और थल सेना में इसका लाभ किस अनुपात में दिया जाएगा।

14 जून 2022 को शुरू हुई थी अग्निपथ योजना
केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत 17.5 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के लिए अग्निवीर के तौर पर भर्ती किया जाता है। इस चार साल की अवधि में ट्रेनिंग का समय भी शामिल होता है।

अग्निवीरों को सेवा के दौरान हर महीने वेतन और लागू भत्ते दिए जाते हैं। चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर सेवा से मुक्त होने वाले अग्निवीरों को करीब 11.71 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज मिलता है। इसमें अग्निवीर और सरकार, दोनों का योगदान शामिल होता है।

हालांकि, नियमित कैडर में शामिल नहीं होने वाले अग्निवीरों को सेना की सामान्य पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ नहीं मिलता। उन्हें आगे रोजगार के अवसरों के लिए स्किल सर्टिफिकेट और अन्य सरकारी व्यवस्थाओं के जरिए सहायता देने का प्रावधान है।

सेवा विस्तार पर अभी अंतिम फैसला बाकी
अग्निवीरों की सेवा अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव लागू होता है तो सेना में तीन तरह के जवानों की व्यवस्था बन सकती है। पहली श्रेणी में चार साल के लिए भर्ती होने वाले नए अग्निवीर होंगे। दूसरी श्रेणी में सेवा विस्तार पाने वाले अग्निवीर और तीसरी श्रेणी में नियमित कैडर में शामिल किए गए सैनिक होंगे।

फिलहाल यह साफ नहीं है कि सेवा विस्तार सभी अग्निवीरों को मिलेगा या केवल कुछ खास ट्रेड और श्रेणियों के जवानों को इसका लाभ दिया जाएगा। विस्तार की अवधि, चयन के मानक और तीनों सेनाओं में लागू होने वाली प्रक्रिया पर भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

इसलिए अग्निवीरों को फिलहाल सरकार की औपचारिक घोषणा का इंतजार करना होगा। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पहले बैच के कितने जवानों को चार साल के बाद भी वर्दी में सेवा जारी रखने का मौका मिलेगा।

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