By Malay Ojha | Published: 26 October 2026 | 04:23 PM
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच देश में रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है। टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, क्लीन एनर्जी, ऑटोमोबाइल और टेलीकॉम जैसे सेक्टर आने वाले वर्षों में युवाओं के लिए नौकरी के बड़े मौके बन सकते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2030 तक इन क्षेत्रों में करोड़ों रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। इनमें सबसे बड़ा आंकड़ा टेक्सटाइल और अपैरल सेक्टर का है, जहां करीब 2 करोड़ नौकरियों की संभावना जताई गई है।
टेक्सटाइल सेक्टर में सबसे ज्यादा रोजगार का अनुमान
रिपोर्ट के अनुसार, टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग में करीब 2 करोड़ नए रोजगार के अवसर बन सकते हैं। कपड़ों के निर्माण, डिजाइनिंग, उत्पादन, गुणवत्ता जांच और सप्लाई चेन से जुड़े कामों में युवाओं के लिए मौके बढ़ने की उम्मीद है। इस क्षेत्र में नौकरी पाने के लिए तकनीकी जानकारी के साथ काम का व्यावहारिक अनुभव भी अहम हो सकता है।
लॉजिस्टिक्स और क्लीन एनर्जी में भी बढ़ेगी मांग
लॉजिस्टिक्स सेक्टर में लगभग 47 लाख नए रोजगार पैदा होने का अनुमान है। वहीं, क्लीन एनर्जी क्षेत्र में 44 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर बनने की संभावना जताई गई है। लॉजिस्टिक्स में वेयरहाउसिंग, माल की आवाजाही और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे काम शामिल हैं। क्लीन एनर्जी में सोलर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े कामों में अवसर बन सकते हैं।
ऑटोमोबाइल और EV सेक्टर में 25 लाख तक नौकरियां
ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) उद्योग भी रोजगार के लिहाज से अहम माना जा रहा है। रिपोर्ट में इस क्षेत्र में 20 से 25 लाख तक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने का अनुमान है। इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण, बैटरी तकनीक, मरम्मत, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सेवाओं से जुड़े काम युवाओं के लिए नए रास्ते खोल सकते हैं।
टेलीकॉम सेक्टर में भी बनेंगे नए मौके
टेलीकॉम सेक्टर में करीब 10 लाख नए जॉब रोल्स पैदा होने की संभावना जताई गई है। नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर, दूरसंचार सेवाओं और नई तकनीकों के विस्तार से इस क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं की जरूरत बढ़ सकती है। हालांकि, वास्तविक भर्ती की संख्या उद्योग की वृद्धि और कंपनियों की जरूरतों पर निर्भर करेगी।
सिर्फ डिग्री नहीं, स्किल्स भी होंगी जरूरी
बदलते जॉब मार्केट में केवल डिग्री हासिल करना नौकरी पाने के लिए पर्याप्त नहीं रह सकता। कंपनियां ऐसे युवाओं को प्राथमिकता दे सकती हैं, जिन्हें विषय की जानकारी के साथ काम करने का व्यावहारिक अनुभव भी हो। इसी वजह से स्किल डेवलपमेंट, इंटर्नशिप और इंडस्ट्री आधारित ट्रेनिंग की अहमियत बढ़ रही है।
कॉलेज चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान
करियर की तैयारी कर रहे युवाओं को कॉलेज या कोर्स चुनते समय सिर्फ डिग्री पर ध्यान नहीं देना चाहिए। यह भी देखना जरूरी है कि संस्थान में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स और कंपनियों के साथ काम करने के अवसर मिलते हैं या नहीं। ऐसी ट्रेनिंग से छात्रों को नौकरी की वास्तविक जरूरतों को समझने में मदद मिल सकती है।
AI और नई तकनीकों के साथ खुद को अपडेट रखें
AI और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल से कई क्षेत्रों में काम करने के तरीके बदल रहे हैं। ऐसे में युवाओं के लिए नई तकनीक सीखना, डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल समझना और अपनी स्किल्स को समय के साथ बेहतर बनाना जरूरी होगा। सही ट्रेनिंग और व्यावहारिक अनुभव के साथ युवा उभरते क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।



