नीट पेपर लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी को नए सिरे से मजबूत करने में जुट गई है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई बड़े प्रशासनिक और तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी में चार वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की है। इनमें दो संयुक्त सचिव स्तर और दो निदेशक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी एजेंसी की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना होगी।
तकनीकी और वित्तीय पदों पर भी होगी भर्ती
शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर एनटीए ने मुख्य तकनीकी अधिकारी, मुख्य वित्त अधिकारी और मानव संसाधन महाप्रबंधक जैसे अहम पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इसके लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर आवेदन मांगे गए हैं।
परीक्षा सुरक्षा के लिए बनेगा नया तकनीकी ढांचा
एनटीए अब परीक्षा सुरक्षा को पहले से ज्यादा मजबूत बनाने की तैयारी में है। मुख्य तकनीकी अधिकारी की नियुक्ति के बाद परीक्षा प्रणाली के पूरे डिजिटल सुरक्षा ढांचे की निगरानी की जाएगी।
एआई और फेस पहचान तकनीक का होगा इस्तेमाल
नई व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, चेहरे की पहचान और साइबर सुरक्षा तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर छपाई और परिवहन तक हर स्तर पर तकनीकी सुरक्षा लागू की जाएगी।
संदिग्ध गतिविधियों पर रखी जाएगी नजर
सरकार के मुताबिक अब डेटा एनालिटिक्स और एआई तकनीक की मदद से परीक्षा प्रक्रिया के दौरान संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान प्रणाली को भी पहले से ज्यादा मजबूत बनाया जाएगा।
हर साल करोड़ों छात्र देते हैं परीक्षा
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी हर वर्ष देशभर में एक करोड़ से अधिक छात्रों के लिए विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं का आयोजन करती है। ऐसे में हाल के विवादों के बाद एजेंसी की विश्वसनीयता पर सवाल उठे थे।
सरकार बोली- परीक्षा प्रक्रिया बनेगी पूरी तरह भरोसेमंद
सरकार और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी या पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।



