Monday, May 25, 2026
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योगी सरकार का बड़ा फैसला! पशु चिकित्सा छात्रों का स्टाइपेंड 3 गुना बढ़ा, अब हर महीने मिलेंगे 12 हजार रुपये

उत्तर प्रदेश सरकार ने पशु चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे छात्रों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पशु चिकित्सा छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते में तीन गुना बढ़ोतरी का फैसला लिया गया। अब छात्रों को 4 हजार रुपये की जगह 12 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा।

सरकार के इस फैसले को पशु चिकित्सा के छात्रों के लिए बड़ी आर्थिक मदद माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा और पढ़ाई के साथ-साथ प्रशिक्षण के प्रति उनका उत्साह भी मजबूत होगा।

कैबिनेट बैठक में लिया गया अहम फैसला
इस फैसले की जानकारी प्रदेश के दुग्ध विकास एवं पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पशुधन की संख्या काफी अधिक है और राज्य की अर्थव्यवस्था में पशुपालन की अहम भूमिका है। ऐसे में पशुओं के स्वास्थ्य, बीमारियों की रोकथाम और बेहतर नस्ल विकास में पशु चिकित्सकों की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

तीन विश्वविद्यालयों के छात्रों को मिलेगा लाभ
सरकार के फैसले के तहत प्रदेश के तीन प्रमुख कृषि एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को बढ़ा हुआ स्टाइपेंड मिलेगा। इनमें पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय शामिल हैं।

300 छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा
प्रदेश सरकार के अनुसार फिलहाल इन विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों को 4 हजार रुपये प्रतिमाह इंटर्नशिप भत्ता दिया जा रहा था। अब इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से लगभग 300 छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।

दूसरे राज्यों का अध्ययन करने के बाद लिया फैसला
पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि हरियाणा, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में दिए जा रहे इंटर्नशिप भत्ते का अध्ययन करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य छात्रों को बेहतर आर्थिक सहयोग देना और उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करना है।

सरकार पर बढ़ेगा अतिरिक्त आर्थिक भार
सरकार के अनुसार इस प्रस्ताव को लागू करने से करीब 4.20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। यह राशि विश्वविद्यालयों को दिए जाने वाले सरकारी अनुदान के गैर-वेतन मद से उपलब्ध कराई जाएगी।

छात्रों के उत्साह और शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि स्टाइपेंड बढ़ने से छात्रों की शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ेगी और प्रशिक्षण के दौरान उनका आत्मविश्वास मजबूत होगा। इसे समानता और छात्र हित में उठाया गया अहम कदम बताया जा रहा है।

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योगी सरकार का बड़ा फैसला! पशु चिकित्सा छात्रों का स्टाइपेंड 3 गुना बढ़ा, अब हर महीने मिलेंगे 12 हजार रुपये

उत्तर प्रदेश सरकार ने पशु चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे छात्रों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पशु चिकित्सा छात्रों के इंटर्नशिप भत्ते में तीन गुना बढ़ोतरी का फैसला लिया गया। अब छात्रों को 4 हजार रुपये की जगह 12 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा।

सरकार के इस फैसले को पशु चिकित्सा के छात्रों के लिए बड़ी आर्थिक मदद माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे छात्रों का मनोबल बढ़ेगा और पढ़ाई के साथ-साथ प्रशिक्षण के प्रति उनका उत्साह भी मजबूत होगा।

कैबिनेट बैठक में लिया गया अहम फैसला
इस फैसले की जानकारी प्रदेश के दुग्ध विकास एवं पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पशुधन की संख्या काफी अधिक है और राज्य की अर्थव्यवस्था में पशुपालन की अहम भूमिका है। ऐसे में पशुओं के स्वास्थ्य, बीमारियों की रोकथाम और बेहतर नस्ल विकास में पशु चिकित्सकों की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

तीन विश्वविद्यालयों के छात्रों को मिलेगा लाभ
सरकार के फैसले के तहत प्रदेश के तीन प्रमुख कृषि एवं पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को बढ़ा हुआ स्टाइपेंड मिलेगा। इनमें पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय शामिल हैं।

300 छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा
प्रदेश सरकार के अनुसार फिलहाल इन विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे छात्रों को 4 हजार रुपये प्रतिमाह इंटर्नशिप भत्ता दिया जा रहा था। अब इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से लगभग 300 छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।

दूसरे राज्यों का अध्ययन करने के बाद लिया फैसला
पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि हरियाणा, कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में दिए जा रहे इंटर्नशिप भत्ते का अध्ययन करने के बाद यह निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य छात्रों को बेहतर आर्थिक सहयोग देना और उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित करना है।

सरकार पर बढ़ेगा अतिरिक्त आर्थिक भार
सरकार के अनुसार इस प्रस्ताव को लागू करने से करीब 4.20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा। यह राशि विश्वविद्यालयों को दिए जाने वाले सरकारी अनुदान के गैर-वेतन मद से उपलब्ध कराई जाएगी।

छात्रों के उत्साह और शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि स्टाइपेंड बढ़ने से छात्रों की शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ेगी और प्रशिक्षण के दौरान उनका आत्मविश्वास मजबूत होगा। इसे समानता और छात्र हित में उठाया गया अहम कदम बताया जा रहा है।

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