By Malay Ojha | Published: 08 August 2026 | 09:19 PM
संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में देशभर में पहली रैंक हासिल करने वाले अनुज अग्निहोत्री की सफलता की कहानी में एक दिलचस्प किस्सा भी जुड़ा है। उन्होंने साक्षात्कार के लिए बाकायदा एक पुराना गाना तैयार किया था। अनुज को अंदेशा था कि अगर बोर्ड ने पसंदीदा गाने के बारे में पूछ लिया तो वह बिना अटके जवाब दे सकें। बाद में उन्होंने बताया कि उनका पसंदीदा गाना अदनान सामी का ‘मुझको भी तो लिफ्ट करा दे’ है।
यूपीएससी का व्यक्तित्व परीक्षण केवल किताबों में पढ़ी बातों को जांचने तक सीमित नहीं रहता। अभ्यर्थी की सोच, बातचीत का तरीका, आत्मविश्वास और अलग-अलग परिस्थितियों में प्रतिक्रिया को भी परखा जाता है। इसी वजह से अनुज अग्निहोत्री ने साक्षात्कार की तैयारी में एक ऐसा सवाल भी ध्यान में रखा, जो सामान्य तौर पर कोई अभ्यर्थी शायद ही पहले से सोचता हो।
उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने अपना पसंदीदा गाना पहले से तैयार कर लिया था। उनका मानना था कि अगर बोर्ड ने गाना सुनाने या उसके बारे में पूछ लिया, तो उनके पास तुरंत जवाब होना चाहिए। यही वजह थी कि उन्होंने अदनान सामी के चर्चित गाने ‘मुझको भी तो लिफ्ट करा दे’ को इंटरव्यू की तैयारी का हिस्सा बना लिया था।
तीसरे प्रयास में हासिल की देश में पहली रैंक
अनुज अग्निहोत्री के लिए यह सफलता पहली कोशिश में नहीं आई। उन्होंने तीसरे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा में देश में पहला स्थान हासिल किया। इससे पहले भी वह साक्षात्कार के चरण तक पहुंच चुके थे और परीक्षा की पूरी प्रक्रिया का अनुभव ले चुके थे। पहली कोशिश में उनका चयन दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सिविल सेवा में हुआ था। इसके बाद भी उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और अगले प्रयास में देश के सभी अभ्यर्थियों को पीछे छोड़ते हुए पहली रैंक हासिल की।
डॉक्टर बनने के बाद चुनी सिविल सेवा की राह
अनुज अग्निहोत्री की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी खास है। उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, जोधपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई की। डॉक्टर बनने के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा को अपना अगला लक्ष्य बनाया। उनके मुताबिक सिविल सेवा उन्हें बड़े स्तर पर लोगों के लिए काम करने और प्रशासन के माध्यम से बदलाव लाने का अवसर देती है।
पढ़ाई के साथ प्रशासनिक सेवा का सपना
अनुज की कहानी उन युवाओं के लिए भी खास है जो किसी पेशेवर पाठ्यक्रम या नौकरी के साथ सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हैं। चिकित्सा की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। उनकी सफलता यह दिखाती है कि किसी एक क्षेत्र में पढ़ाई या करियर बना लेने के बाद भी अगर लक्ष्य स्पष्ट हो तो व्यक्ति नई दिशा में आगे बढ़ सकता है।
अनुज के लिए परीक्षा की तैयारी केवल किताबें पढ़ने तक सीमित नहीं रही। उन्होंने पिछले अनुभवों से अपनी रणनीति में बदलाव किया और तीसरे प्रयास में अंतिम सफलता हासिल की। यही वजह है कि उनकी कहानी में असफलता से ज्यादा महत्वपूर्ण बात लगातार प्रयास करते रहना है।
पसंदीदा गाने को लेकर भी था खास अंदाज
अनुज ने जब अपने पसंदीदा गाने के बारे में बात की तो उन्होंने अदनान सामी के ‘मुझको भी तो लिफ्ट करा दे’ की कुछ पंक्तियां भी सुनाईं। यह किस्सा सामने आने के बाद उनकी सफलता की कहानी में यह हिस्सा सोशल मीडिया और शिक्षा से जुड़े मंचों पर भी चर्चा में आ गया।
दिलचस्प बात यह है कि यह गाना आज से करीब तीन दशक पुराना है, लेकिन अनुज ने इसे अपनी साक्षात्कार तैयारी के लिए चुना। उन्होंने पहले से सोच रखा था कि अगर उनसे उनके पसंदीदा गाने के बारे में सवाल किया गया तो वह इसी गाने का नाम बताएंगे और जरूरत पड़ने पर इसे गाकर भी सुना सकते हैं।
1997 में आया था अदनान सामी का चर्चित गाना
‘मुझको भी तो लिफ्ट करा दे’ अदनान सामी के शुरुआती चर्चित गानों में शामिल रहा है। यह गाना उनके प्रसिद्ध संगीत एलबम ‘कभी तो नजर मिलाओ’ से जुड़ा है और 1990 के दशक के अंत में श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था। इतने पुराने गाने को यूपीएससी जैसे गंभीर साक्षात्कार की तैयारी में शामिल करना ही इस पूरी कहानी को खास बनाता है।
अनुज की पसंद से यह भी पता चलता है कि सिविल सेवा की तैयारी करने वाला अभ्यर्थी केवल किताबों और करेंट अफेयर्स तक खुद को सीमित नहीं रखता। साक्षात्कार में अपने व्यक्तित्व और पसंद से जुड़े सवालों के लिए भी तैयार रहना जरूरी हो सकता है।
इंटरव्यू में क्या पूछा जाए, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं
यूपीएससी साक्षात्कार को लेकर अभ्यर्थियों के मन में सबसे ज्यादा उत्सुकता इसी बात को लेकर रहती है कि बोर्ड उनसे किस तरह के सवाल पूछेगा। आवेदन पत्र में दी गई जानकारी से लेकर पढ़ाई, परिवार, शौक, रुचि और समसामयिक घटनाओं तक कई तरह के सवाल सामने आ सकते हैं।
ऐसे में अनुज ने पसंदीदा गाने जैसे संभावित सवाल को भी हल्के अंदाज में गंभीरता से लिया। उन्होंने गाने को पहले से तैयार कर लिया ताकि अगर ऐसा सवाल सामने आए तो वह घबराएं नहीं। उनकी यह छोटी-सी तैयारी अब उनकी बड़ी सफलता की कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा बन गई है।
डॉक्टर से देश के नंबर वन अभ्यर्थी तक
अनुज अग्निहोत्री की पूरी यात्रा को देखें तो इसमें कई अलग-अलग पड़ाव दिखाई देते हैं। चिकित्सा की पढ़ाई, यूपीएससी के प्रयास, पहले प्रयास में सेवा के लिए चयन और फिर तीसरे प्रयास में देश में पहली रैंक—यह सफर बताता है कि सफलता किसी एक परीक्षा या एक दिन का परिणाम नहीं होती।
उन्होंने परीक्षा में सफलता पाने के साथ यह भी दिखाया कि तैयारी के दौरान अपने व्यक्तित्व के छोटे-छोटे पहलुओं पर ध्यान देना कितना उपयोगी हो सकता है। पसंदीदा गाने की तैयारी का उनका किस्सा भले ही सुनने में मजेदार लगे, लेकिन इसके पीछे साक्षात्कार को लेकर उनकी गंभीर तैयारी साफ दिखाई देती है।
एक गाना और तैयारी का अलग अंदाज
यूपीएससी टॉपर अनुज अग्निहोत्री की कहानी में ‘मुझको भी तो लिफ्ट करा दे’ अब सिर्फ एक पसंदीदा गाना नहीं रह गया है। यह उस तैयारी का उदाहरण बन गया है जिसमें अभ्यर्थी संभावित सवालों का पहले से अनुमान लगाकर खुद को तैयार करता है।
देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल यूपीएससी में पहली रैंक हासिल करने के बाद अनुज का यह किस्सा खास तौर पर उन अभ्यर्थियों के लिए दिलचस्प है जो साक्षात्कार की तैयारी कर रहे हैं। संदेश साफ है—बोर्ड के सामने केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि अपने व्यक्तित्व और अपनी पसंद को लेकर भी आत्मविश्वास जरूरी है। और अनुज ने इसी आत्मविश्वास को एक पुराने गाने के साथ अपनी तैयारी का हिस्सा बना लिया था।



