Monday, May 25, 2026
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कॉकरोच का ऐसा राज जानकर उड़ जाएंगे होश! सिर कटने के बाद भी जिंदा रहता है तिलचट्टा

इन दिनों सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम तेजी से चर्चा में है। इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे मंचों पर लोग इस नाम को लेकर मजेदार पोस्ट और मीम साझा कर रहे हैं। देखते ही देखते इस नाम से जुड़े कई सोशल मीडिया हैंडल भी वायरल हो गए हैं। हालांकि इंटरनेट पर पार्टी की चर्चा ज्यादा हो रही है, लेकिन इसी बहाने लोग कॉकरोच यानी तिलचट्टे के बारे में भी दिलचस्प बातें खोज रहे हैं।

तिलचट्टा ऐसा जीव है जिसे लगभग हर व्यक्ति ने अपने घर में देखा होगा। रसोईघर, बाथरूम और नमी वाली जगहों पर यह सबसे ज्यादा दिखाई देता है। कई लोग इसे देखकर डर जाते हैं, जबकि कुछ लोग इसे घर की सबसे बड़ी परेशानी मानते हैं क्योंकि यह खाने-पीने की चीजों और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाता है।

घरों में क्यों बढ़ जाते हैं कॉकरोच
कॉकरोच को खत्म करने के लिए बाजार में अलग-अलग तरह की दवाइयां और स्प्रे मिलते हैं। इसकी वजह यह है कि तिलचट्टे बेहद तेजी से फैलते हैं और गंदगी या नमी वाली जगहों में आसानी से पनप जाते हैं। ये दीवारों की दरारों, पाइपों और अंधेरी जगहों में छिपकर रहते हैं।

बिना सिर के भी कई दिन तक जिंदा रहता है कॉकरोच
तिलचट्टे से जुड़ा सबसे हैरान करने वाला तथ्य यह है कि सिर कटने के बाद भी यह कई दिनों तक जिंदा रह सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार कॉकरोच का शरीर इस तरह बना होता है कि वह शरीर के छोटे-छोटे छिद्रों से सांस लेता है। इसी वजह से सिर अलग होने के बाद भी कुछ समय तक उसका शरीर काम करता रहता है। एक सामान्य तिलचट्टे की उम्र करीब एक साल तक हो सकती है।

सांस रोकने में भी माहिर होता है तिलचट्टा
कॉकरोच लगभग 40 मिनट तक अपनी सांस रोक सकता है। यही नहीं, पानी में रहने के बाद भी कुछ समय तक जीवित बच सकता है। यही कारण है कि इसे बेहद मजबूत जीवों में गिना जाता है।

तेज रफ्तार से भागने वाला कीड़ा
तिलचट्टा अपनी रफ्तार के लिए भी जाना जाता है। यह करीब 4.8 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ सकता है। इसके पैरों में मौजूद बेहद संवेदनशील बाल हवा के दबाव को महसूस कर लेते हैं, जिससे यह पलभर में खतरे को पहचानकर भाग निकलता है।

अंधेरे और नमी वाली जगहों में रहता है सक्रिय
दिन के मुकाबले रात में कॉकरोच ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। अंधेरे, सीलन और गीली जगहें इन्हें सबसे ज्यादा पसंद होती हैं। यही वजह है कि घरों के बाथरूम और रसोईघर में इनकी संख्या अधिक दिखाई देती है।

खाने के मामले में बेहद खतरनाक
कॉकरोच लगभग हर तरह की चीज खा सकता है। गोंद, साबुन, ग्रीस, चमड़ा, किताबों के कवर, दीवार की पुताई और यहां तक कि इंसानों के बाल तक यह नुकसान पहुंचा सकता है। बिना खाना खाए यह करीब एक महीने तक जिंदा रह सकता है, लेकिन पानी के बिना एक हफ्ते से ज्यादा जीवित नहीं रह पाता।

दुनिया में हजारों प्रजातियां मौजूद
दुनिया भर में तिलचट्टों की चार हजार से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। हालांकि इनमें से केवल करीब 30 प्रजातियां ही इंसानों के घरों में दिखाई देती हैं। बाकी प्रजातियां जंगलों और प्राकृतिक वातावरण में रहती हैं।

International

कॉकरोच का ऐसा राज जानकर उड़ जाएंगे होश! सिर कटने के बाद भी जिंदा रहता है तिलचट्टा

इन दिनों सोशल मीडिया पर “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम तेजी से चर्चा में है। इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स जैसे मंचों पर लोग इस नाम को लेकर मजेदार पोस्ट और मीम साझा कर रहे हैं। देखते ही देखते इस नाम से जुड़े कई सोशल मीडिया हैंडल भी वायरल हो गए हैं। हालांकि इंटरनेट पर पार्टी की चर्चा ज्यादा हो रही है, लेकिन इसी बहाने लोग कॉकरोच यानी तिलचट्टे के बारे में भी दिलचस्प बातें खोज रहे हैं।

तिलचट्टा ऐसा जीव है जिसे लगभग हर व्यक्ति ने अपने घर में देखा होगा। रसोईघर, बाथरूम और नमी वाली जगहों पर यह सबसे ज्यादा दिखाई देता है। कई लोग इसे देखकर डर जाते हैं, जबकि कुछ लोग इसे घर की सबसे बड़ी परेशानी मानते हैं क्योंकि यह खाने-पीने की चीजों और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाता है।

घरों में क्यों बढ़ जाते हैं कॉकरोच
कॉकरोच को खत्म करने के लिए बाजार में अलग-अलग तरह की दवाइयां और स्प्रे मिलते हैं। इसकी वजह यह है कि तिलचट्टे बेहद तेजी से फैलते हैं और गंदगी या नमी वाली जगहों में आसानी से पनप जाते हैं। ये दीवारों की दरारों, पाइपों और अंधेरी जगहों में छिपकर रहते हैं।

बिना सिर के भी कई दिन तक जिंदा रहता है कॉकरोच
तिलचट्टे से जुड़ा सबसे हैरान करने वाला तथ्य यह है कि सिर कटने के बाद भी यह कई दिनों तक जिंदा रह सकता है। वैज्ञानिकों के अनुसार कॉकरोच का शरीर इस तरह बना होता है कि वह शरीर के छोटे-छोटे छिद्रों से सांस लेता है। इसी वजह से सिर अलग होने के बाद भी कुछ समय तक उसका शरीर काम करता रहता है। एक सामान्य तिलचट्टे की उम्र करीब एक साल तक हो सकती है।

सांस रोकने में भी माहिर होता है तिलचट्टा
कॉकरोच लगभग 40 मिनट तक अपनी सांस रोक सकता है। यही नहीं, पानी में रहने के बाद भी कुछ समय तक जीवित बच सकता है। यही कारण है कि इसे बेहद मजबूत जीवों में गिना जाता है।

तेज रफ्तार से भागने वाला कीड़ा
तिलचट्टा अपनी रफ्तार के लिए भी जाना जाता है। यह करीब 4.8 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ सकता है। इसके पैरों में मौजूद बेहद संवेदनशील बाल हवा के दबाव को महसूस कर लेते हैं, जिससे यह पलभर में खतरे को पहचानकर भाग निकलता है।

अंधेरे और नमी वाली जगहों में रहता है सक्रिय
दिन के मुकाबले रात में कॉकरोच ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। अंधेरे, सीलन और गीली जगहें इन्हें सबसे ज्यादा पसंद होती हैं। यही वजह है कि घरों के बाथरूम और रसोईघर में इनकी संख्या अधिक दिखाई देती है।

खाने के मामले में बेहद खतरनाक
कॉकरोच लगभग हर तरह की चीज खा सकता है। गोंद, साबुन, ग्रीस, चमड़ा, किताबों के कवर, दीवार की पुताई और यहां तक कि इंसानों के बाल तक यह नुकसान पहुंचा सकता है। बिना खाना खाए यह करीब एक महीने तक जिंदा रह सकता है, लेकिन पानी के बिना एक हफ्ते से ज्यादा जीवित नहीं रह पाता।

दुनिया में हजारों प्रजातियां मौजूद
दुनिया भर में तिलचट्टों की चार हजार से ज्यादा प्रजातियां पाई जाती हैं। हालांकि इनमें से केवल करीब 30 प्रजातियां ही इंसानों के घरों में दिखाई देती हैं। बाकी प्रजातियां जंगलों और प्राकृतिक वातावरण में रहती हैं।

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