Wednesday, July 15, 2026
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NEET UG 2026: एमबीबीएस की 8,064 सीटें बढ़ीं, रिजल्ट से पहले छात्रों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी

By Malay Ojha | Published: 15 July 2026 | 02:59 PM

नई दिल्ली। नीट यूजी 2026 का रिजल्ट आने से पहले मेडिकल की पढ़ाई का सपना देख रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस सीटों का नया आंकड़ा जारी कर दिया है। इस बार देशभर में 8,064 नई सीटें बढ़ाई गई हैं। अब कुल 1,36,939 सीटों पर दाखिला होगा। यानी पिछले साल की तुलना में इस बार हजारों अतिरिक्त छात्रों को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का मौका मिलेगा। वहीं, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी भी नीट यूजी 2026 का परिणाम जारी करने की अंतिम तैयारियों में जुटी हुई है।

इस साल कितनी बढ़ीं एमबीबीएस सीटें?
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की ओर से जारी सीट मैट्रिक्स के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 में देशभर के मेडिकल कॉलेजों में 1,36,939 एमबीबीएस सीटों पर दाखिला दिया जाएगा। पिछले सत्र में यह संख्या 1,28,875 थी। यानी एक ही साल में 8,064 सीटों की बढ़ोतरी की गई है। इससे मेडिकल में प्रवेश पाने वाले अभ्यर्थियों की संख्या भी पहले से अधिक होगी।

मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी बढ़ी
सीटों के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। इस वर्ष चार नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं। इसके बाद देश में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या बढ़कर 823 हो गई है। पिछले शैक्षणिक सत्र में यह संख्या 819 थी। सरकार लगातार चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर जोर दे रही है, जिसका असर सीटों और संस्थानों दोनों में दिखाई दे रहा है।

दो साल में 19 हजार से ज्यादा सीटों का इजाफा
अगर पिछले दो वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो एमबीबीएस सीटों में लगातार तेजी से वृद्धि हुई है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में देशभर में 1,17,750 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया हुई थी। इसके बाद संशोधित सीट मैट्रिक्स में 2025-26 के लिए 1,28,875 सीटें तय की गईं। अब 2026-27 में यह संख्या बढ़कर 1,36,939 हो गई है। यानी दो वर्षों में कुल 19 हजार से अधिक नई सीटें जोड़ी गई हैं।

पिछले साल दो बार जारी हुआ था सीट मैट्रिक्स
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने पिछले वर्ष सीटों का आंकड़ा दो चरणों में जारी किया था। पहले जारी सूची में सीटों की संख्या कम थी, लेकिन बाद में संशोधित मैट्रिक्स जारी कर अंतिम संख्या बढ़ा दी गई। इस बार भी आयोग ने समय रहते सीटों का विस्तृत ब्यौरा जारी कर दिया है ताकि काउंसलिंग की तैयारी समय पर शुरू की जा सके।

रिजल्ट की तैयारी अंतिम चरण में
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी अब नीट यूजी 2026 का परिणाम जारी करने की तैयारी पूरी कर चुकी है। हाल ही में पुनर्परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट जारी की गई थी और उस पर आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा 15 जुलाई तक रखी गई है। इसके बाद अंतिम उत्तर कुंजी जारी होने की संभावना है। माना जा रहा है कि अंतिम उत्तर कुंजी जारी होने के अगले ही दिन परिणाम भी घोषित किया जा सकता है।

कब आ सकता है रिजल्ट?
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी की कोशिश 20 जुलाई से पहले नीट यूजी 2026 का परिणाम जारी करने की है। यदि निर्धारित प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाती है तो लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। परिणाम घोषित होने के साथ ही प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू होने की उम्मीद है।

काउंसलिंग जल्द शुरू करने की तैयारी
इस वर्ष प्रश्नपत्र लीक और पुनर्परीक्षा की वजह से पूरा शैक्षणिक कैलेंडर काफी पीछे चला गया है। ऐसे में नए सत्र में ज्यादा देरी न हो, इसके लिए केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाएं तेजी से तैयारी कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग और काउंसलिंग से जुड़े अधिकारियों के बीच हाल ही में बैठक हुई। इसमें फैसला लिया गया कि परिणाम जारी होते ही काउंसलिंग शुरू कर दी जाएगी ताकि प्रवेश प्रक्रिया कम समय में पूरी की जा सके और नया शैक्षणिक सत्र जल्द शुरू हो।

छात्रों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
एमबीबीएस सीटों में बढ़ोतरी का सीधा फायदा उन छात्रों को मिलेगा जो अच्छे अंक लाने के बावजूद पिछले वर्षों में सीटों की कमी के कारण मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं पा सके थे। सीटें बढ़ने से सरकारी और निजी दोनों संस्थानों में दाखिले की संभावनाएं बेहतर होंगी। साथ ही काउंसलिंग समय पर पूरी होने से छात्रों का शैक्षणिक सत्र भी प्रभावित होने की संभावना कम रहेगी।

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NEET UG 2026: एमबीबीएस की 8,064 सीटें बढ़ीं, रिजल्ट से पहले छात्रों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी

By Malay Ojha | Published: 15 July 2026 | 02:59 PM

नई दिल्ली। नीट यूजी 2026 का रिजल्ट आने से पहले मेडिकल की पढ़ाई का सपना देख रहे लाखों छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एमबीबीएस सीटों का नया आंकड़ा जारी कर दिया है। इस बार देशभर में 8,064 नई सीटें बढ़ाई गई हैं। अब कुल 1,36,939 सीटों पर दाखिला होगा। यानी पिछले साल की तुलना में इस बार हजारों अतिरिक्त छात्रों को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का मौका मिलेगा। वहीं, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी भी नीट यूजी 2026 का परिणाम जारी करने की अंतिम तैयारियों में जुटी हुई है।

इस साल कितनी बढ़ीं एमबीबीएस सीटें?
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की ओर से जारी सीट मैट्रिक्स के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 में देशभर के मेडिकल कॉलेजों में 1,36,939 एमबीबीएस सीटों पर दाखिला दिया जाएगा। पिछले सत्र में यह संख्या 1,28,875 थी। यानी एक ही साल में 8,064 सीटों की बढ़ोतरी की गई है। इससे मेडिकल में प्रवेश पाने वाले अभ्यर्थियों की संख्या भी पहले से अधिक होगी।

मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी बढ़ी
सीटों के साथ-साथ मेडिकल कॉलेजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। इस वर्ष चार नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं। इसके बाद देश में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या बढ़कर 823 हो गई है। पिछले शैक्षणिक सत्र में यह संख्या 819 थी। सरकार लगातार चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर जोर दे रही है, जिसका असर सीटों और संस्थानों दोनों में दिखाई दे रहा है।

दो साल में 19 हजार से ज्यादा सीटों का इजाफा
अगर पिछले दो वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो एमबीबीएस सीटों में लगातार तेजी से वृद्धि हुई है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में देशभर में 1,17,750 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया हुई थी। इसके बाद संशोधित सीट मैट्रिक्स में 2025-26 के लिए 1,28,875 सीटें तय की गईं। अब 2026-27 में यह संख्या बढ़कर 1,36,939 हो गई है। यानी दो वर्षों में कुल 19 हजार से अधिक नई सीटें जोड़ी गई हैं।

पिछले साल दो बार जारी हुआ था सीट मैट्रिक्स
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने पिछले वर्ष सीटों का आंकड़ा दो चरणों में जारी किया था। पहले जारी सूची में सीटों की संख्या कम थी, लेकिन बाद में संशोधित मैट्रिक्स जारी कर अंतिम संख्या बढ़ा दी गई। इस बार भी आयोग ने समय रहते सीटों का विस्तृत ब्यौरा जारी कर दिया है ताकि काउंसलिंग की तैयारी समय पर शुरू की जा सके।

रिजल्ट की तैयारी अंतिम चरण में
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी अब नीट यूजी 2026 का परिणाम जारी करने की तैयारी पूरी कर चुकी है। हाल ही में पुनर्परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट जारी की गई थी और उस पर आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा 15 जुलाई तक रखी गई है। इसके बाद अंतिम उत्तर कुंजी जारी होने की संभावना है। माना जा रहा है कि अंतिम उत्तर कुंजी जारी होने के अगले ही दिन परिणाम भी घोषित किया जा सकता है।

कब आ सकता है रिजल्ट?
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी की कोशिश 20 जुलाई से पहले नीट यूजी 2026 का परिणाम जारी करने की है। यदि निर्धारित प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाती है तो लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। परिणाम घोषित होने के साथ ही प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू होने की उम्मीद है।

काउंसलिंग जल्द शुरू करने की तैयारी
इस वर्ष प्रश्नपत्र लीक और पुनर्परीक्षा की वजह से पूरा शैक्षणिक कैलेंडर काफी पीछे चला गया है। ऐसे में नए सत्र में ज्यादा देरी न हो, इसके लिए केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाएं तेजी से तैयारी कर रही हैं। जानकारी के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग और काउंसलिंग से जुड़े अधिकारियों के बीच हाल ही में बैठक हुई। इसमें फैसला लिया गया कि परिणाम जारी होते ही काउंसलिंग शुरू कर दी जाएगी ताकि प्रवेश प्रक्रिया कम समय में पूरी की जा सके और नया शैक्षणिक सत्र जल्द शुरू हो।

छात्रों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
एमबीबीएस सीटों में बढ़ोतरी का सीधा फायदा उन छात्रों को मिलेगा जो अच्छे अंक लाने के बावजूद पिछले वर्षों में सीटों की कमी के कारण मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं पा सके थे। सीटें बढ़ने से सरकारी और निजी दोनों संस्थानों में दाखिले की संभावनाएं बेहतर होंगी। साथ ही काउंसलिंग समय पर पूरी होने से छात्रों का शैक्षणिक सत्र भी प्रभावित होने की संभावना कम रहेगी।

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