Monday, June 15, 2026
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इटली में पढ़ाई का सुनहरा मौका! भारतीय छात्रों को मिलेंगे 17 लाख रुपये, बस पूरी करनी होगी यह शर्त

By Malay Ojha | Published: 14 June 2026 | 12:44 PM

यूरोप में उच्च शिक्षा का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इटली की प्रतिष्ठित बरगामो यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को करीब 17.60 लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप देने का ऐलान किया है। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ भारतीय छात्र भी उठा सकते हैं, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करना होगा।

बरगामो यूनिवर्सिटी की ओर से शुरू की गई यह स्कॉलरशिप अंग्रेजी माध्यम में संचालित मास्टर डिग्री कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। यूनिवर्सिटी ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है और दुनिया भर के योग्य छात्र इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों के लिए यह आर्थिक सहायता बड़ी राहत साबित हो सकती है।

कितनी मिलेगी आर्थिक मदद?
इस योजना के तहत चयनित छात्रों को कुल 16 हजार यूरो की सहायता राशि दी जाएगी। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब 17.60 लाख रुपये बैठती है। हालांकि यह पूरी राशि एक साथ नहीं मिलेगी। यूनिवर्सिटी इसे दो वर्षों के दौरान चार अलग-अलग किस्तों में जारी करेगी।

फीस नहीं होगी माफ
स्कॉलरशिप मिलने के बावजूद छात्रों को अपनी ट्यूशन फीस खुद जमा करनी होगी। इसके अलावा रहने, खाने, यात्रा और अन्य व्यक्तिगत खर्च भी छात्र को स्वयं वहन करने होंगे। यानी यह योजना आर्थिक सहायता तो देती है, लेकिन पूरी पढ़ाई का खर्च नहीं उठाती।

टैक्स नियम भी होंगे लागू
स्कॉलरशिप की राशि इटली के कर नियमों के दायरे में आएगी। ऐसे में छात्रों को यह समझना होगा कि मिलने वाली रकम पर स्थानीय कर संबंधी नियम लागू हो सकते हैं। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को इन शर्तों को अच्छी तरह पढ़ लेना चाहिए।

स्कॉलरशिप जारी रखने के लिए क्या करना होगा?
सिर्फ चयन हो जाना ही काफी नहीं होगा। छात्रों को स्कॉलरशिप जारी रखने के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक शैक्षणिक क्रेडिट भी पूरे करने होंगे। अप्रैल 2027 तक कम से कम 15 क्रेडिट, सितंबर 2027 तक 40 क्रेडिट और अप्रैल 2028 तक 60 क्रेडिट हासिल करना अनिवार्य रहेगा।

किन छात्रों को मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ उन्हीं छात्रों को दिया जाएगा जिन्होंने अपनी पिछली डिग्री इटली के बाहर किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से प्राप्त की हो। भारतीय छात्रों के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण पात्रता शर्तों में से एक है। इसके अलावा आवेदन के समय उम्मीदवार की उम्र 30 वर्ष से कम होनी चाहिए।

जीआरई स्कोर होगा सबसे अहम
स्कॉलरशिप के चयन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका जीआरई परीक्षा का स्कोर निभाएगा। आवेदन करने वाले छात्रों के पास 31 मार्च 2023 के बाद प्राप्त किया गया वैध जीआरई स्कोर होना जरूरी है। यूनिवर्सिटी ने न्यूनतम स्कोर की कोई सीमा घोषित नहीं की है, लेकिन प्रतिस्पर्धा को देखते हुए बेहतर अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को अधिक फायदा मिल सकता है।

बराबर अंक होने पर किसे मिलेगी प्राथमिकता?
यदि दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं तो कम उम्र वाले छात्र को प्राथमिकता दी जाएगी। इसलिए आवेदन प्रक्रिया में उम्र भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इन मास्टर कोर्सों के लिए उपलब्ध है स्कॉलरशिप
यह स्कॉलरशिप लेखा एवं स्थिरता प्रबंधन, क्लिनिकल मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र एवं आंकड़ा विश्लेषण, अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन एवं विपणन, भाषा एवं साहित्य अध्ययन, प्रबंधन अभियांत्रिकी, स्मार्ट तकनीक अभियांत्रिकी, चिकित्सा अभियांत्रिकी, पर्यटन प्रणाली प्रबंधन, अर्थशास्त्र एवं वित्त तथा दार्शनिक अध्ययन जैसे कई मास्टर कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध है।

भारतीय छात्रों के लिए क्यों खास है यह अवसर?
यूरोप में पढ़ाई की बढ़ती लागत के बीच इतनी बड़ी आर्थिक सहायता भारतीय छात्रों के लिए बेहद आकर्षक अवसर बन सकती है। खासकर वे छात्र जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की डिग्री हासिल करना चाहते हैं लेकिन आर्थिक कारणों से विदेश जाने में कठिनाई महसूस करते हैं, उनके लिए यह योजना मददगार साबित हो सकती है।

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इटली में पढ़ाई का सुनहरा मौका! भारतीय छात्रों को मिलेंगे 17 लाख रुपये, बस पूरी करनी होगी यह शर्त

By Malay Ojha | Published: 14 June 2026 | 12:44 PM

यूरोप में उच्च शिक्षा का सपना देख रहे भारतीय छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। इटली की प्रतिष्ठित बरगामो यूनिवर्सिटी ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्रों को करीब 17.60 लाख रुपये तक की स्कॉलरशिप देने का ऐलान किया है। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ भारतीय छात्र भी उठा सकते हैं, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करना होगा।

बरगामो यूनिवर्सिटी की ओर से शुरू की गई यह स्कॉलरशिप अंग्रेजी माध्यम में संचालित मास्टर डिग्री कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। यूनिवर्सिटी ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है और दुनिया भर के योग्य छात्र इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले छात्रों के लिए यह आर्थिक सहायता बड़ी राहत साबित हो सकती है।

कितनी मिलेगी आर्थिक मदद?
इस योजना के तहत चयनित छात्रों को कुल 16 हजार यूरो की सहायता राशि दी जाएगी। भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब 17.60 लाख रुपये बैठती है। हालांकि यह पूरी राशि एक साथ नहीं मिलेगी। यूनिवर्सिटी इसे दो वर्षों के दौरान चार अलग-अलग किस्तों में जारी करेगी।

फीस नहीं होगी माफ
स्कॉलरशिप मिलने के बावजूद छात्रों को अपनी ट्यूशन फीस खुद जमा करनी होगी। इसके अलावा रहने, खाने, यात्रा और अन्य व्यक्तिगत खर्च भी छात्र को स्वयं वहन करने होंगे। यानी यह योजना आर्थिक सहायता तो देती है, लेकिन पूरी पढ़ाई का खर्च नहीं उठाती।

टैक्स नियम भी होंगे लागू
स्कॉलरशिप की राशि इटली के कर नियमों के दायरे में आएगी। ऐसे में छात्रों को यह समझना होगा कि मिलने वाली रकम पर स्थानीय कर संबंधी नियम लागू हो सकते हैं। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को इन शर्तों को अच्छी तरह पढ़ लेना चाहिए।

स्कॉलरशिप जारी रखने के लिए क्या करना होगा?
सिर्फ चयन हो जाना ही काफी नहीं होगा। छात्रों को स्कॉलरशिप जारी रखने के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक शैक्षणिक क्रेडिट भी पूरे करने होंगे। अप्रैल 2027 तक कम से कम 15 क्रेडिट, सितंबर 2027 तक 40 क्रेडिट और अप्रैल 2028 तक 60 क्रेडिट हासिल करना अनिवार्य रहेगा।

किन छात्रों को मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ उन्हीं छात्रों को दिया जाएगा जिन्होंने अपनी पिछली डिग्री इटली के बाहर किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से प्राप्त की हो। भारतीय छात्रों के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण पात्रता शर्तों में से एक है। इसके अलावा आवेदन के समय उम्मीदवार की उम्र 30 वर्ष से कम होनी चाहिए।

जीआरई स्कोर होगा सबसे अहम
स्कॉलरशिप के चयन में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका जीआरई परीक्षा का स्कोर निभाएगा। आवेदन करने वाले छात्रों के पास 31 मार्च 2023 के बाद प्राप्त किया गया वैध जीआरई स्कोर होना जरूरी है। यूनिवर्सिटी ने न्यूनतम स्कोर की कोई सीमा घोषित नहीं की है, लेकिन प्रतिस्पर्धा को देखते हुए बेहतर अंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को अधिक फायदा मिल सकता है।

बराबर अंक होने पर किसे मिलेगी प्राथमिकता?
यदि दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं तो कम उम्र वाले छात्र को प्राथमिकता दी जाएगी। इसलिए आवेदन प्रक्रिया में उम्र भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इन मास्टर कोर्सों के लिए उपलब्ध है स्कॉलरशिप
यह स्कॉलरशिप लेखा एवं स्थिरता प्रबंधन, क्लिनिकल मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र एवं आंकड़ा विश्लेषण, अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन एवं विपणन, भाषा एवं साहित्य अध्ययन, प्रबंधन अभियांत्रिकी, स्मार्ट तकनीक अभियांत्रिकी, चिकित्सा अभियांत्रिकी, पर्यटन प्रणाली प्रबंधन, अर्थशास्त्र एवं वित्त तथा दार्शनिक अध्ययन जैसे कई मास्टर कार्यक्रमों के लिए उपलब्ध है।

भारतीय छात्रों के लिए क्यों खास है यह अवसर?
यूरोप में पढ़ाई की बढ़ती लागत के बीच इतनी बड़ी आर्थिक सहायता भारतीय छात्रों के लिए बेहद आकर्षक अवसर बन सकती है। खासकर वे छात्र जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की डिग्री हासिल करना चाहते हैं लेकिन आर्थिक कारणों से विदेश जाने में कठिनाई महसूस करते हैं, उनके लिए यह योजना मददगार साबित हो सकती है।

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