Saturday, October 24, 2026
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काशी विद्यापीठ में 6 से 13 अक्टूबर तक कई अहम आयोजन, कुश्ती टीम चयन और PhD प्रक्रिया पर नजर

By Malay Ojha | Published: 30 September 2026 | 06:55 PM

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में अक्टूबर की शुरुआत खेल और उच्च शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण आयोजनों के साथ होगी। विश्वविद्यालय परिसर में 6 अक्टूबर को महिला और पुरुष कुश्ती टीम का चयन किया जाएगा। वहीं विधि संकाय में पी-एच.डी. के प्रथम चरण में सफल अभ्यर्थियों के लिए 12 और 13 अक्टूबर को शोध प्रस्ताव प्रस्तुतीकरण होगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर छह दिवसीय संकाय संवर्धन कार्यक्रम भी पूरा हो गया।

विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद की सचिव डॉ. ऊर्जस्विता सिंह के अनुसार 6 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से कुश्ती टीम के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें विश्वविद्यालय परिसर के साथ एनटीपीसी, गंगापुर और भैरव तालाब परिसर के महिला और पुरुष खिलाड़ियों को मौका मिलेगा।

खिलाड़ियों को ये दस्तावेज लाने होंगे
चयन में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को संस्थागत छात्र अंतरमहाविद्यालयीय प्रतियोगिता 2026-27 से संबंधित पात्रता प्रोफार्मा, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की अंकतालिका व प्रमाण पत्र, फीस रसीद, आधार कार्ड, अपार आईडी की छायाप्रति और चार पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाने होंगे। कुश्ती टीम के चयन से जुड़ी जानकारी के लिए डॉ. राधेश्याम राय से संपर्क किया जा सकता है।

12 और 13 अक्टूबर को PhD शोध प्रस्ताव प्रस्तुतीकरण
विधि संकाय में सत्र 2024-25 के पी-एच.डी. (विधि) प्रवेश की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी। प्रथम चरण में सफल अभ्यर्थियों के लिए दूसरे चरण की परीक्षा और शोध प्रस्ताव प्रस्तुतीकरण 12 एवं 13 अक्टूबर को होगा। 12 अक्टूबर को जेआरएफ, नेट और पी-एच.डी. क्वालिफाइड अभ्यर्थियों का प्रस्तुतीकरण होगा, जबकि 13 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की आरईटी परीक्षा में सफल अभ्यर्थी शामिल होंगे।

शोधार्थियों को मूल प्रमाण पत्र साथ लाने होंगे
विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. रंजन कुमार ने बताया कि अभ्यर्थियों को तय तिथि पर सुबह 11 बजे विधि विभाग में उपस्थित होना होगा। उन्हें शोध प्रस्ताव की पांच हार्ड कॉपी, पीपीटी की सॉफ्ट कॉपी और सभी मूल प्रमाण पत्रों के साथ उनकी एक-एक छायाप्रति लानी होगी।

AI पर छह दिवसीय संकाय संवर्धन कार्यक्रम पूरा
दूसरी ओर मालवीय मिशन शिक्षण प्रशिक्षण केंद्र की ओर से आयोजित छह दिवसीय ‘उच्च शिक्षा में एआई की उपयोगिता’ विषयक संकाय संवर्धन कार्यक्रम भी संपन्न हुआ। समापन सत्र में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया की पूर्व कुलपति प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने कहा कि तकनीक शिक्षकों की मदद कर सकती है, लेकिन शिक्षक और विद्यार्थी के बीच मानवीय संबंधों की जगह नहीं ले सकती।

शोध में Zotero के इस्तेमाल पर भी चर्चा
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के डॉ. अभिषेक कुमार त्रिपाठी ने शोध कार्य में Zotero की उपयोगिता पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह फ्री और ओपन-सोर्स टूल शोधार्थियों को किताबों, शोध-पत्रों, वेबसाइटों और पीडीएफ जैसे स्रोतों को व्यवस्थित करने के साथ उद्धरण और संदर्भ सूची तैयार करने में मदद करता है।

शिक्षण में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर जोर
केंद्र निदेशक प्रो. रमाकान्त सिंह ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब शिक्षक यहां मिले ज्ञान और तकनीकी कौशल को अपने शिक्षण में इस्तेमाल करेंगे। कार्यक्रम में संचालन दीपशिखा श्रीवास्तव, स्वागत डॉ. विनय सिंह और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अभिषेक सिंह ने किया। तकनीकी सहयोग अनुपम मिश्रा और सूरज कुमार ने दिया।

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काशी विद्यापीठ में 6 से 13 अक्टूबर तक कई अहम आयोजन, कुश्ती टीम चयन और PhD प्रक्रिया पर नजर

By Malay Ojha | Published: 30 September 2026 | 06:55 PM

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में अक्टूबर की शुरुआत खेल और उच्च शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण आयोजनों के साथ होगी। विश्वविद्यालय परिसर में 6 अक्टूबर को महिला और पुरुष कुश्ती टीम का चयन किया जाएगा। वहीं विधि संकाय में पी-एच.डी. के प्रथम चरण में सफल अभ्यर्थियों के लिए 12 और 13 अक्टूबर को शोध प्रस्ताव प्रस्तुतीकरण होगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर छह दिवसीय संकाय संवर्धन कार्यक्रम भी पूरा हो गया।

विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद की सचिव डॉ. ऊर्जस्विता सिंह के अनुसार 6 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से कुश्ती टीम के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें विश्वविद्यालय परिसर के साथ एनटीपीसी, गंगापुर और भैरव तालाब परिसर के महिला और पुरुष खिलाड़ियों को मौका मिलेगा।

खिलाड़ियों को ये दस्तावेज लाने होंगे
चयन में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को संस्थागत छात्र अंतरमहाविद्यालयीय प्रतियोगिता 2026-27 से संबंधित पात्रता प्रोफार्मा, हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की अंकतालिका व प्रमाण पत्र, फीस रसीद, आधार कार्ड, अपार आईडी की छायाप्रति और चार पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाने होंगे। कुश्ती टीम के चयन से जुड़ी जानकारी के लिए डॉ. राधेश्याम राय से संपर्क किया जा सकता है।

12 और 13 अक्टूबर को PhD शोध प्रस्ताव प्रस्तुतीकरण
विधि संकाय में सत्र 2024-25 के पी-एच.डी. (विधि) प्रवेश की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी। प्रथम चरण में सफल अभ्यर्थियों के लिए दूसरे चरण की परीक्षा और शोध प्रस्ताव प्रस्तुतीकरण 12 एवं 13 अक्टूबर को होगा। 12 अक्टूबर को जेआरएफ, नेट और पी-एच.डी. क्वालिफाइड अभ्यर्थियों का प्रस्तुतीकरण होगा, जबकि 13 अक्टूबर को विश्वविद्यालय की आरईटी परीक्षा में सफल अभ्यर्थी शामिल होंगे।

शोधार्थियों को मूल प्रमाण पत्र साथ लाने होंगे
विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. रंजन कुमार ने बताया कि अभ्यर्थियों को तय तिथि पर सुबह 11 बजे विधि विभाग में उपस्थित होना होगा। उन्हें शोध प्रस्ताव की पांच हार्ड कॉपी, पीपीटी की सॉफ्ट कॉपी और सभी मूल प्रमाण पत्रों के साथ उनकी एक-एक छायाप्रति लानी होगी।

AI पर छह दिवसीय संकाय संवर्धन कार्यक्रम पूरा
दूसरी ओर मालवीय मिशन शिक्षण प्रशिक्षण केंद्र की ओर से आयोजित छह दिवसीय ‘उच्च शिक्षा में एआई की उपयोगिता’ विषयक संकाय संवर्धन कार्यक्रम भी संपन्न हुआ। समापन सत्र में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया की पूर्व कुलपति प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने कहा कि तकनीक शिक्षकों की मदद कर सकती है, लेकिन शिक्षक और विद्यार्थी के बीच मानवीय संबंधों की जगह नहीं ले सकती।

शोध में Zotero के इस्तेमाल पर भी चर्चा
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के डॉ. अभिषेक कुमार त्रिपाठी ने शोध कार्य में Zotero की उपयोगिता पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह फ्री और ओपन-सोर्स टूल शोधार्थियों को किताबों, शोध-पत्रों, वेबसाइटों और पीडीएफ जैसे स्रोतों को व्यवस्थित करने के साथ उद्धरण और संदर्भ सूची तैयार करने में मदद करता है।

शिक्षण में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर जोर
केंद्र निदेशक प्रो. रमाकान्त सिंह ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब शिक्षक यहां मिले ज्ञान और तकनीकी कौशल को अपने शिक्षण में इस्तेमाल करेंगे। कार्यक्रम में संचालन दीपशिखा श्रीवास्तव, स्वागत डॉ. विनय सिंह और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अभिषेक सिंह ने किया। तकनीकी सहयोग अनुपम मिश्रा और सूरज कुमार ने दिया।

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