By Malay Ojha | Published: 06 October 2026 | 11:40 AM
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) ने 10वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर बड़ा बदलाव किया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार होगी। बोर्ड के नए नियम के तहत पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में होगी, जबकि दूसरी परीक्षा मई-जून में आयोजित की जाएगी। नई व्यवस्था का मकसद विद्यार्थियों पर बोर्ड परीक्षा का दबाव कम करना और उन्हें प्रदर्शन सुधारने का एक और मौका देना है।
नई व्यवस्था में पहली बोर्ड परीक्षा सभी पंजीकृत विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य होगी। इसके बाद पात्र विद्यार्थियों को दूसरी परीक्षा में शामिल होकर अपने अंक सुधारने का मौका मिलेगा। दूसरी परीक्षा में अधिकतम तीन विषयों में अंक सुधार की सुविधा दी जाएगी।
दूसरी परीक्षा कब होगी?
RBSE की पहली 10वीं बोर्ड परीक्षा फरवरी-मार्च में होगी। इसके बाद दूसरी परीक्षा मई-जून में आयोजित की जाएगी। दोनों परीक्षाओं में पाठ्यक्रम के स्तर पर बदलाव नहीं होगा। दूसरी परीक्षा मुख्य रूप से अंक सुधार और निर्धारित शर्तों के तहत दोबारा परीक्षा का अवसर देने के लिए होगी।
Best of Two से तैयार होगा रिजल्ट
नई व्यवस्था की सबसे खास बात Best of Two नियम है। किसी विषय में विद्यार्थी को पहली परीक्षा में अधिक अंक मिलते हैं और दूसरी में कम, तो बेहतर अंक ही अंतिम परिणाम में शामिल किए जाएंगे। वहीं दूसरी परीक्षा में अंक ज्यादा आते हैं तो उन्हीं अंकों को परिणाम में लिया जाएगा। यानी दूसरी परीक्षा देने से पहली परीक्षा के बेहतर अंक पर असर नहीं पड़ेगा।
Supplementary परीक्षा होगी खत्म
RBSE की नई व्यवस्था के साथ 10वीं की Supplementary परीक्षा खत्म की जा रही है। अब मुख्य परीक्षा के बाद दूसरी परीक्षा के जरिए विद्यार्थियों को अंक सुधार या नियमों के तहत दोबारा परीक्षा का अवसर मिलेगा। इससे अलग Supplementary परीक्षा की जरूरत नहीं रहेगी।
छात्रों को मिलेगा अतिरिक्त मौका
बोर्ड का यह बदलाव एक ही परीक्षा के प्रदर्शन से विद्यार्थियों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने की दिशा में है। पहली परीक्षा के बाद जिन विद्यार्थियों को अपने अंकों में सुधार की जरूरत महसूस होगी, वे तय नियमों के तहत दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इससे विद्यार्थियों को उसी शैक्षणिक सत्र में बेहतर प्रदर्शन का मौका मिलेगा।



