By Malay Ojha | Published: 17 October 2026 | 12:27 PM
वाराणसी: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT BHU), वाराणसी में नए सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए ड्रग टेस्ट कराने की तैयारी की जा रही है। संस्थान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के निर्देशों के तहत इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए पहली बार नौ सदस्यीय समिति गठित की है। इसका उद्देश्य कैंपस में नशीले पदार्थों के सेवन पर रोक लगाने और छात्रों के लिए नशामुक्त माहौल तैयार करना है।
किन छात्रों का होगा ड्रग टेस्ट?
संस्थान की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, प्रस्तावित जांच के दायरे में विभिन्न कोर्स में नए दाखिले लेने वाले विद्यार्थी शामिल होंगे। इनमें बीटेक, इंटीग्रेटेड डुअल डिग्री, एमटेक, एम.फार्मा और पीएचडी के नए छात्र शामिल हैं। इस तरह संस्थान में अलग-अलग पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की जांच कराने की योजना है।
हर साल हजारों नए छात्र लेते हैं दाखिला
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, आईआईटी बीएचयू में हर साल बीटेक और डुअल डिग्री पाठ्यक्रमों में करीब 1,500, एमटेक में लगभग 400 और पीएचडी में करीब 300 नए शोधार्थी पंजीकरण कराते हैं। प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने पर इन पाठ्यक्रमों में नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी इसके दायरे में आएंगे।
नौ सदस्यीय समिति करेगी निगरानी
ड्रग टेस्ट की प्रक्रिया की निगरानी के लिए गठित समिति में आईआईटी बीएचयू के फैकल्टी सदस्यों के साथ बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ डॉक्टरों को भी शामिल किया गया है। समिति की अध्यक्षता कल्याण विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर राजेश कुमार करेंगे।
समिति के अन्य सदस्यों में प्रोफेसर देवेंद्र सिंह, प्रोफेसर मेधा झा, प्रोफेसर अभिषेक कुमार श्रीवास्तव, डॉ. अजीत कुमार मिश्रा, प्रोफेसर किरण गिरी, डॉ. दीपा रानी, प्रोफेसर कमलेश पलुंदरकर और तुषार कुमार शामिल हैं।
छात्रों की लिखित सहमति होगी जरूरी
ड्रग टेस्ट की प्रक्रिया में छात्रों की लिखित सहमति को अहम शर्त बताया गया है। किसी विद्यार्थी की जांच से पहले उसकी सहमति लेना अनिवार्य होगा। हालांकि, उपलब्ध अधिसूचना में सहमति लेने की विस्तृत प्रक्रिया और जांच की समय-सारणी को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
इसके अलावा, किसी छात्र की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर आगे क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी और क्या कार्रवाई होगी, इस बारे में भी विस्तृत दिशा-निर्देश सामने नहीं आए हैं।
छह तरह के नशीले पदार्थों की होगी जांच
प्रस्तावित यूरिन ड्रग टेस्ट में छह तरह के नशीले पदार्थों की जांच की जाएगी। इनमें गांजा, कोकीन, हेरोइन और अफीम जैसे पदार्थ शामिल बताए गए हैं। हालांकि, सभी छह पदार्थों की पूरी सूची और जांच से जुड़ी तकनीकी प्रक्रिया का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
कैंपस को नशामुक्त बनाने की पहल
उच्च शिक्षण संस्थानों में नशीले पदार्थों के सेवन पर रोक लगाने और छात्रों को सुरक्षित शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। आईआईटी बीएचयू में समिति का गठन इसी प्रयास से जुड़ा कदम है। अब जांच की समय-सारणी, सहमति की प्रक्रिया और पॉजिटिव रिपोर्ट मिलने की स्थिति में अपनाए जाने वाले नियमों पर आगे की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।



