Monday, September 14, 2026
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CGPSC केस में ED का बड़ा एक्शन, पूर्व CMO OSD चेतन बोरघरिया गिरफ्तार; 6 दिन की रिमांड में खुलेंगे कई राज?

By Malay Ojha | Published: 14 September 2026 | 05:49 PM

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की 2020 और 2021 की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को 11 सितंबर को गिरफ्तार किया। वह 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में OSD रह चुके हैं। गिरफ्तारी के बाद विशेष PMLA कोर्ट ने उन्हें 6 दिन की ED हिरासत में भेजा है।

ED ने चेतन बोरघरिया को पूछताछ के बाद PMLA के तहत गिरफ्तार किया और विशेष अदालत में पेश किया। कोर्ट ने एजेंसी को 6 दिन की कस्टडी दी है। अब जांच एजेंसी कथित वित्तीय लेनदेन, डिजिटल चैट और दूसरे आरोपियों से उनके संपर्क को लेकर पूछताछ करेगी।

बैंक खाते में 66.64 लाख जमा होने का दावा
ED की जांच के मुताबिक चेतन बोरघरिया के बैंक खाते में संबंधित अवधि में करीब 66.64 लाख रुपये नकद जमा किए गए। एजेंसी ने चेतन और मामले में पहले गिरफ्तार उत्कर्ष चंद्राकर के बीच कथित वित्तीय लेनदेन मिलने का भी दावा किया है। हालांकि इन लेनदेन का पूरा संदर्भ जांच का विषय है।

WhatsApp चैट भी जांच के घेरे में
ED ने 1 सितंबर को चेतन बोरघरिया से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली थी। इस दौरान मोबाइल फोन और दूसरे डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। एजेंसी के मुताबिक फोरेंसिक जांच में उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बोरघरिया के बीच WhatsApp बातचीत सामने आई है। ED का दावा है कि चैट में पैसों के लेनदेन और रकम वापस करने से जुड़ी बातचीत के संकेत मिले हैं।

3 करोड़ से ज्यादा की रकम का आरोप
ED की जांच उस कथित नेटवर्क तक पहुंची है, जिसमें CGPSC-2021 परीक्षा में शामिल कुछ अभ्यर्थियों से नौकरी में चयन का भरोसा देकर बड़ी रकम लेने का आरोप है। एजेंसी के मुताबिक उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर से जुड़े मामले में 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित वसूली की जांच की जा रही है। कुछ रिपोर्टों में इस रकम को करीब 3.2 करोड़ रुपये बताया गया है।

पेपर पहले देने का भी आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था। ED के अनुसार प्रीलिम्स से पहले कुछ उम्मीदवारों को रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में जुटाया गया, जहां कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया। इसके बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए भी कथित तौर पर पहले से उपलब्ध प्रश्नपत्र का इस्तेमाल किए जाने की बात जांच में सामने आई है।

CBI के बाद ED कर रही मनी ट्रेल की जांच
CGPSC की 2020 और 2021 की परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर पहले EOW/ACB की FIR हुई थी। बाद में CBI ने जांच संभाली। इस मामले में तत्कालीन CGPSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और उत्कर्ष चंद्राकर समेत कई लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। ED अब इसी मामले में कथित अपराध से अर्जित रकम और उसके लेनदेन की जांच कर रही है।

1 सितंबर को भी ED की बड़ी कार्रवाई
ED ने 1 सितंबर को CGPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में रायपुर, दुर्ग और जशपुर के पांच ठिकानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी ने उस कार्रवाई में दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त किए थे और उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार किया था।

जांच अभी जारी
ED का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस, कथित चैट और PMLA के तहत दर्ज बयानों की जांच से मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी के बाद अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित परीक्षा घोटाले से जुड़े पैसों का लेनदेन किस तरह हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। मामले में ED की जांच जारी है।

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CGPSC केस में ED का बड़ा एक्शन, पूर्व CMO OSD चेतन बोरघरिया गिरफ्तार; 6 दिन की रिमांड में खुलेंगे कई राज?

By Malay Ojha | Published: 14 September 2026 | 05:49 PM

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की 2020 और 2021 की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को 11 सितंबर को गिरफ्तार किया। वह 2019 से 2022 के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में OSD रह चुके हैं। गिरफ्तारी के बाद विशेष PMLA कोर्ट ने उन्हें 6 दिन की ED हिरासत में भेजा है।

ED ने चेतन बोरघरिया को पूछताछ के बाद PMLA के तहत गिरफ्तार किया और विशेष अदालत में पेश किया। कोर्ट ने एजेंसी को 6 दिन की कस्टडी दी है। अब जांच एजेंसी कथित वित्तीय लेनदेन, डिजिटल चैट और दूसरे आरोपियों से उनके संपर्क को लेकर पूछताछ करेगी।

बैंक खाते में 66.64 लाख जमा होने का दावा
ED की जांच के मुताबिक चेतन बोरघरिया के बैंक खाते में संबंधित अवधि में करीब 66.64 लाख रुपये नकद जमा किए गए। एजेंसी ने चेतन और मामले में पहले गिरफ्तार उत्कर्ष चंद्राकर के बीच कथित वित्तीय लेनदेन मिलने का भी दावा किया है। हालांकि इन लेनदेन का पूरा संदर्भ जांच का विषय है।

WhatsApp चैट भी जांच के घेरे में
ED ने 1 सितंबर को चेतन बोरघरिया से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली थी। इस दौरान मोबाइल फोन और दूसरे डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। एजेंसी के मुताबिक फोरेंसिक जांच में उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बोरघरिया के बीच WhatsApp बातचीत सामने आई है। ED का दावा है कि चैट में पैसों के लेनदेन और रकम वापस करने से जुड़ी बातचीत के संकेत मिले हैं।

3 करोड़ से ज्यादा की रकम का आरोप
ED की जांच उस कथित नेटवर्क तक पहुंची है, जिसमें CGPSC-2021 परीक्षा में शामिल कुछ अभ्यर्थियों से नौकरी में चयन का भरोसा देकर बड़ी रकम लेने का आरोप है। एजेंसी के मुताबिक उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर से जुड़े मामले में 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की कथित वसूली की जांच की जा रही है। कुछ रिपोर्टों में इस रकम को करीब 3.2 करोड़ रुपये बताया गया है।

पेपर पहले देने का भी आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था। ED के अनुसार प्रीलिम्स से पहले कुछ उम्मीदवारों को रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में जुटाया गया, जहां कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया। इसके बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए भी कथित तौर पर पहले से उपलब्ध प्रश्नपत्र का इस्तेमाल किए जाने की बात जांच में सामने आई है।

CBI के बाद ED कर रही मनी ट्रेल की जांच
CGPSC की 2020 और 2021 की परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार, पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर पहले EOW/ACB की FIR हुई थी। बाद में CBI ने जांच संभाली। इस मामले में तत्कालीन CGPSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और उत्कर्ष चंद्राकर समेत कई लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। ED अब इसी मामले में कथित अपराध से अर्जित रकम और उसके लेनदेन की जांच कर रही है।

1 सितंबर को भी ED की बड़ी कार्रवाई
ED ने 1 सितंबर को CGPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक और भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में रायपुर, दुर्ग और जशपुर के पांच ठिकानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी ने उस कार्रवाई में दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, वित्तीय रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े कागजात जब्त किए थे और उत्कर्ष चंद्राकर को गिरफ्तार किया था।

जांच अभी जारी
ED का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस, कथित चैट और PMLA के तहत दर्ज बयानों की जांच से मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। चेतन बोरघरिया की गिरफ्तारी के बाद अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित परीक्षा घोटाले से जुड़े पैसों का लेनदेन किस तरह हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। मामले में ED की जांच जारी है।

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