Friday, May 29, 2026
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NEET 2027 को लेकर बड़ा यू-टर्न! क्या अब फिर पुराने तरीके से होगी परीक्षा? सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे ने बढ़ाई हलचल

टैगोर एजुकेशन टाइम्स टीम | Published: 29 May 2026 | 03:33 PM

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट पेपर लीक मामले में अब नया मोड़ आ गया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि नीट यूजी 2027 का आयोजन कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली में होगा या नहीं, इसका अंतिम फैसला अभी नहीं लिया गया है। यह निर्णय री-एग्जाम के बाद उच्च स्तरीय समिति की बैठक में लिया जाएगा।

पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की तरफ से संकेत दिए गए थे कि भविष्य में परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित किया जा सकता है। उसी दौरान यह माना जा रहा था कि वर्ष 2027 से परीक्षा ऑनलाइन मोड में कराई जाएगी, लेकिन अब एजेंसी के नए हलफनामे ने स्थिति बदल दी है।

री-एग्जाम के बाद होगी अहम बैठक
सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे के अनुसार, री-एग्जाम पूरा होने के बाद उच्च स्तरीय संचालन समिति दोबारा बैठक करेगी। इस दौरान स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से चर्चा के बाद तय किया जाएगा कि भविष्य की परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित होंगी या फिर पुरानी पेन-पेपर प्रणाली जारी रहेगी।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बड़ा खुलासा
हलफनामे में यह भी बताया गया कि तीन मई 2026 को आयोजित परीक्षा से पहले 17 अप्रैल को उच्च स्तरीय समिति की बैठक हुई थी। इस बैठक में परीक्षा सुरक्षा को लेकर कई अहम सुझाव दिए गए थे।

परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी को लेकर सख्त निर्देश
समिति ने सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी सिस्टम की अनिवार्य जांच कराने और कम से कम 90 दिनों तक फुटेज सुरक्षित रखने की सिफारिश की थी। इसके अलावा परीक्षा समाप्त होने के बाद सीसीटीवी फुटेज का फॉरेंसिक विश्लेषण कराने की भी सलाह दी गई थी।

पेपर लीक के बाद बढ़ा दबाव
नीट पेपर लीक मामले ने पूरे देश में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही सुनवाई और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी का यह हलफनामा भविष्य की परीक्षा प्रणाली पर बड़ा असर डाल सकता है।

क्या छात्रों को फिर मिलेगा नया सरप्राइज?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आने वाले वर्षों में लाखों छात्रों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा देनी होगी या फिर पारंपरिक पेन-पेपर मोड ही जारी रहेगा। री-एग्जाम और समिति की अगली बैठक के बाद ही इस पर अंतिम तस्वीर साफ हो पाएगी।

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NEET 2027 को लेकर बड़ा यू-टर्न! क्या अब फिर पुराने तरीके से होगी परीक्षा? सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे ने बढ़ाई हलचल

टैगोर एजुकेशन टाइम्स टीम | Published: 29 May 2026 | 03:33 PM

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी नीट पेपर लीक मामले में अब नया मोड़ आ गया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि नीट यूजी 2027 का आयोजन कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली में होगा या नहीं, इसका अंतिम फैसला अभी नहीं लिया गया है। यह निर्णय री-एग्जाम के बाद उच्च स्तरीय समिति की बैठक में लिया जाएगा।

पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की तरफ से संकेत दिए गए थे कि भविष्य में परीक्षा को पूरी तरह कंप्यूटर आधारित किया जा सकता है। उसी दौरान यह माना जा रहा था कि वर्ष 2027 से परीक्षा ऑनलाइन मोड में कराई जाएगी, लेकिन अब एजेंसी के नए हलफनामे ने स्थिति बदल दी है।

री-एग्जाम के बाद होगी अहम बैठक
सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे के अनुसार, री-एग्जाम पूरा होने के बाद उच्च स्तरीय संचालन समिति दोबारा बैठक करेगी। इस दौरान स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से चर्चा के बाद तय किया जाएगा कि भविष्य की परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित होंगी या फिर पुरानी पेन-पेपर प्रणाली जारी रहेगी।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बड़ा खुलासा
हलफनामे में यह भी बताया गया कि तीन मई 2026 को आयोजित परीक्षा से पहले 17 अप्रैल को उच्च स्तरीय समिति की बैठक हुई थी। इस बैठक में परीक्षा सुरक्षा को लेकर कई अहम सुझाव दिए गए थे।

परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी को लेकर सख्त निर्देश
समिति ने सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी सिस्टम की अनिवार्य जांच कराने और कम से कम 90 दिनों तक फुटेज सुरक्षित रखने की सिफारिश की थी। इसके अलावा परीक्षा समाप्त होने के बाद सीसीटीवी फुटेज का फॉरेंसिक विश्लेषण कराने की भी सलाह दी गई थी।

पेपर लीक के बाद बढ़ा दबाव
नीट पेपर लीक मामले ने पूरे देश में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही सुनवाई और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी का यह हलफनामा भविष्य की परीक्षा प्रणाली पर बड़ा असर डाल सकता है।

क्या छात्रों को फिर मिलेगा नया सरप्राइज?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आने वाले वर्षों में लाखों छात्रों को कंप्यूटर आधारित परीक्षा देनी होगी या फिर पारंपरिक पेन-पेपर मोड ही जारी रहेगा। री-एग्जाम और समिति की अगली बैठक के बाद ही इस पर अंतिम तस्वीर साफ हो पाएगी।

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