Wednesday, September 23, 2026
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NEET SS 2025: क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल 50 से घटकर 30, 6000 डॉक्टरों को मिलेगा काउंसलिंग का मौका

By Malay Ojha | Published: 23 September 2026 | 12:16 PM

नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने NEET SS 2025 का क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल 50 से घटाकर 30 कर दिया है। अब संबंधित क्वेश्चन पेपर ग्रुप में 30वें पर्सेंटाइल या उससे ऊपर रहने वाले उम्मीदवारों को क्वालिफाइड माना जाएगा। संशोधित रिजल्ट मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के साथ साझा कर दिया गया है।

क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल घटाने का सीधा असर आगे होने वाली काउंसलिंग पर पड़ेगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 6000 अतिरिक्त उम्मीदवार स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड में शामिल होने के योग्य हो सकते हैं। यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि दूसरे राउंड के बाद सुपर स्पेशियलिटी की 1,857 सीटें खाली रह गई थीं।

15 ग्रुप के लिए नया कटऑफ जारी
NBEMS ने 30वें पर्सेंटाइल के आधार पर अलग-अलग क्वेश्चन पेपर ग्रुप के संशोधित क्वालिफाइंग स्कोर जारी किए हैं। एनेस्थिसियोलॉजी में कटऑफ 249, क्रिटिकल केयर मेडिसिन में 254 और ENT में 247 अंक है।

मेडिकल ग्रुप में सबसे कम कटऑफ
मेडिकल ग्रुप के लिए नया कटऑफ 175 अंक, जबकि मेडिकल ऑन्कोलॉजी के लिए 180 अंक रखा गया है। माइक्रोबायोलॉजी में 306 अंक, ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में 325 अंक और ऑर्थोपेडिक्स में 256 अंक कटऑफ है।

बाकी ग्रुप का कटऑफ भी जारी
पीडियाट्रिक का कटऑफ 231, पैथोलॉजी का 238, फार्माकोलॉजी का 213 और साइकियाट्री का 302 अंक है। वहीं, रेडियोडायग्नोसिस के लिए 315, रेस्पिरेटरी मेडिसिन के लिए 285 और सर्जिकल ग्रुप के लिए 243 अंक का कटऑफ तय किया गया है।

रैंक में कोई बदलाव नहीं होगा
NBEMS ने साफ किया है कि पर्सेंटाइल कम होने के बावजूद 23 जनवरी 2026 को घोषित क्वेश्चन पेपर ग्रुप-स्पेसिफिक रैंक में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों के लिए नया स्कोरकार्ड भी जारी नहीं किया जाएगा। यानी नए उम्मीदवार क्वालिफाइंग मानदंड के आधार पर काउंसलिंग में शामिल हो सकेंगे, लेकिन पहले घोषित रैंक अपनी जगह रहेगी।

MBBS के अंकों की होगी जांच
NBEMS ने आवेदन में दिए गए सभी MBBS प्रोफेशनल एग्जाम के कुल अंकों को लेकर भी उम्मीदवारों को सावधान किया है। एडमिशन के समय काउंसलिंग या संबंधित प्रवेश प्राधिकारी इन अंकों का मिलान मूल दस्तावेजों से करेगा। अगर टाई तोड़ने में इस्तेमाल की गई जानकारी गलत पाई जाती है तो संबंधित उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।

गलत साधन इस्तेमाल करने पर कार्रवाई
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा या प्रवेश प्रक्रिया के किसी भी स्तर पर अनुचित साधनों का इस्तेमाल पाए जाने पर NBEMS, MCC या संबंधित काउंसलिंग अथॉरिटी कार्रवाई कर सकती है। ऐसे उम्मीदवार का रिजल्ट या कैंडिडेचर रद्द किया जा सकता है। किसी तरह की परेशानी होने पर उम्मीदवार NBEMS की हेल्पलाइन 011-45593000 पर संपर्क कर सकते हैं।

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NEET SS 2025: क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल 50 से घटकर 30, 6000 डॉक्टरों को मिलेगा काउंसलिंग का मौका

By Malay Ojha | Published: 23 September 2026 | 12:16 PM

नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने NEET SS 2025 का क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल 50 से घटाकर 30 कर दिया है। अब संबंधित क्वेश्चन पेपर ग्रुप में 30वें पर्सेंटाइल या उससे ऊपर रहने वाले उम्मीदवारों को क्वालिफाइड माना जाएगा। संशोधित रिजल्ट मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) के साथ साझा कर दिया गया है।

क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल घटाने का सीधा असर आगे होने वाली काउंसलिंग पर पड़ेगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 6000 अतिरिक्त उम्मीदवार स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड में शामिल होने के योग्य हो सकते हैं। यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि दूसरे राउंड के बाद सुपर स्पेशियलिटी की 1,857 सीटें खाली रह गई थीं।

15 ग्रुप के लिए नया कटऑफ जारी
NBEMS ने 30वें पर्सेंटाइल के आधार पर अलग-अलग क्वेश्चन पेपर ग्रुप के संशोधित क्वालिफाइंग स्कोर जारी किए हैं। एनेस्थिसियोलॉजी में कटऑफ 249, क्रिटिकल केयर मेडिसिन में 254 और ENT में 247 अंक है।

मेडिकल ग्रुप में सबसे कम कटऑफ
मेडिकल ग्रुप के लिए नया कटऑफ 175 अंक, जबकि मेडिकल ऑन्कोलॉजी के लिए 180 अंक रखा गया है। माइक्रोबायोलॉजी में 306 अंक, ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी में 325 अंक और ऑर्थोपेडिक्स में 256 अंक कटऑफ है।

बाकी ग्रुप का कटऑफ भी जारी
पीडियाट्रिक का कटऑफ 231, पैथोलॉजी का 238, फार्माकोलॉजी का 213 और साइकियाट्री का 302 अंक है। वहीं, रेडियोडायग्नोसिस के लिए 315, रेस्पिरेटरी मेडिसिन के लिए 285 और सर्जिकल ग्रुप के लिए 243 अंक का कटऑफ तय किया गया है।

रैंक में कोई बदलाव नहीं होगा
NBEMS ने साफ किया है कि पर्सेंटाइल कम होने के बावजूद 23 जनवरी 2026 को घोषित क्वेश्चन पेपर ग्रुप-स्पेसिफिक रैंक में कोई बदलाव नहीं होगा। उम्मीदवारों के लिए नया स्कोरकार्ड भी जारी नहीं किया जाएगा। यानी नए उम्मीदवार क्वालिफाइंग मानदंड के आधार पर काउंसलिंग में शामिल हो सकेंगे, लेकिन पहले घोषित रैंक अपनी जगह रहेगी।

MBBS के अंकों की होगी जांच
NBEMS ने आवेदन में दिए गए सभी MBBS प्रोफेशनल एग्जाम के कुल अंकों को लेकर भी उम्मीदवारों को सावधान किया है। एडमिशन के समय काउंसलिंग या संबंधित प्रवेश प्राधिकारी इन अंकों का मिलान मूल दस्तावेजों से करेगा। अगर टाई तोड़ने में इस्तेमाल की गई जानकारी गलत पाई जाती है तो संबंधित उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।

गलत साधन इस्तेमाल करने पर कार्रवाई
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा या प्रवेश प्रक्रिया के किसी भी स्तर पर अनुचित साधनों का इस्तेमाल पाए जाने पर NBEMS, MCC या संबंधित काउंसलिंग अथॉरिटी कार्रवाई कर सकती है। ऐसे उम्मीदवार का रिजल्ट या कैंडिडेचर रद्द किया जा सकता है। किसी तरह की परेशानी होने पर उम्मीदवार NBEMS की हेल्पलाइन 011-45593000 पर संपर्क कर सकते हैं।

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