टैगोर एजुकेशन टाइम्स टीम | Published: 27 May 2026 | 01:44 PM
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें लातूर के एक डॉक्टर डॉ. मनोज शिरुरे शामिल हैं। आरोप है कि उन्होंने तीन छात्रों को रसायन विज्ञान के लीक प्रश्नपत्र तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
जांच एजेंसी के अनुसार, लीक पेपर पी. वी. कुलकर्णी से प्राप्त किए गए थे और इसके बाद इसे अलग-अलग लोगों तक पहुंचाया गया। इस पूरे नेटवर्क में कई लोग शामिल पाए गए हैं, जिनकी भूमिका की जांच जारी है।
कोचिंग सेंटर से जुड़ा दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार
इस मामले में दूसरा आरोपी तेजस हर्षदकुमार शाह को भी गिरफ्तार किया गया है। वह पुणे स्थित एक मेडिकल अकादमी में भौतिक विज्ञान का शिक्षक है।
पेपर लीक से जुड़ी कड़ी
आरोप है कि तेजस ने एक अन्य आरोपी मनीषा हवालदार से भौतिक विज्ञान के लीक प्रश्न प्राप्त किए थे और उन्हें आगे साझा किया। जांच में इस पूरे नेटवर्क की परतें धीरे-धीरे सामने आ रही हैं।
कोर्ट ने आरोपी को भेजा हिरासत में, जांच तेज
दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने मनीषा हवालदार को छह दिन की केंद्रीय जांच ब्यूरो हिरासत में भेज दिया है। वह 30 मई तक हिरासत में रहेंगी।
आमना-सामना कराने की तैयारी
जांच एजेंसी ने अदालत से आग्रह किया है कि सह-आरोपियों का आमना-सामना कराया जाए ताकि पूरे गिरोह की पहचान की जा सके। अदालत ने यह अनुमति दे दी है और जांच को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, एजेंसी पर सवाल
नीट यूजी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा एजेंसी को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि पिछली गलतियों से कोई सीख नहीं ली गई।
केंद्र और जांच एजेंसी से जवाब तलब
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, परीक्षा एजेंसी और जांच ब्यूरो को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 29 मई को होगी, जिसमें आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
पुनः परीक्षा 21 जून को, छात्रों को राहत सुविधा
नीट यूजी 2026 की पुनः परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। इसमें करीब 22 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे।
छात्रों के लिए मुफ्त यात्रा सुविधा
परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए कई राज्यों में सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है। इससे छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है।



