Monday, May 25, 2026
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NEET-UG 2026 पेपर लीक का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, केमिस्ट्री लेक्चरर ने घर पर कराई ‘सीक्रेट क्लास’

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो को बड़ी सफलता मिली है. जांच एजेंसी ने इस पूरे नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड पी. वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है. सीबीआई का दावा है कि वही प्रश्न पत्र लीक का मुख्य स्रोत था और परीक्षा से पहले चुनिंदा छात्रों तक सवाल पहुंचाने का काम कर रहा था.

जांच में सामने आया है कि पी. वी. कुलकर्णी पुणे में केमिस्ट्री पढ़ाता था और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की परीक्षा प्रक्रिया से भी जुड़ा हुआ था. इसी वजह से उसे प्रश्न पत्रों तक पहुंच मिली थी. एजेंसी को शक है कि इसी पहुंच का फायदा उठाकर उसने पेपर लीक की साजिश रची.

छात्रों को घर बुलाकर कराई गई स्पेशल क्लास
सीबीआई के मुताबिक अप्रैल 2026 के आखिरी सप्ताह में कुलकर्णी ने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर कुछ छात्रों को इकट्ठा किया. इसके बाद पुणे स्थित अपने घर पर विशेष क्लास चलाई गई. इन क्लासेज में छात्रों को संभावित सवाल, विकल्प और सही जवाब बताए गए. छात्र उन्हें अपनी कॉपी में लिखते थे.

असली प्रश्न पत्र से मिले सवाल
जांच एजेंसी ने जब छात्रों से मिली जानकारी और नोट्स की जांच की तो पता चला कि वही सवाल 3 मई 2026 को आयोजित असली परीक्षा में पूछे गए थे. इसके बाद सीबीआई ने आरोपी से लंबी पूछताछ की और फिर उसे पुणे से गिरफ्तार कर लिया. बताया जा रहा है कि आरोपी मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है.

कई शहरों में सीबीआई की छापेमारी
मामले की जांच के दौरान पिछले 24 घंटों में कई राज्यों में छापेमारी की गई. इस दौरान मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं. अब इन सभी की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके.

शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
सीबीआई ने यह मामला 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर दर्ज किया था. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि NEET-UG 2026 परीक्षा का प्रश्न पत्र पहले ही लीक कर दिया गया था. केस दर्ज होते ही एजेंसी ने विशेष टीमें बनाकर अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई शुरू कर दी.

अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार
जांच एजेंसी अब तक जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें से कई आरोपियों को अदालत ने पुलिस रिमांड पर भेजा है, जबकि कुछ आरोपियों को दिल्ली लाया जा रहा है. सीबीआई का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही इस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है.

लाखों रुपये लेकर कराया गया पेपर लीक
सीबीआई की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इन विशेष क्लासेज में शामिल कराने के बदले छात्रों से लाखों रुपये वसूले गए थे. एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कितने छात्रों तक पेपर पहुंचाया गया.

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NEET-UG 2026 पेपर लीक का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, केमिस्ट्री लेक्चरर ने घर पर कराई ‘सीक्रेट क्लास’

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो को बड़ी सफलता मिली है. जांच एजेंसी ने इस पूरे नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड पी. वी. कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है. सीबीआई का दावा है कि वही प्रश्न पत्र लीक का मुख्य स्रोत था और परीक्षा से पहले चुनिंदा छात्रों तक सवाल पहुंचाने का काम कर रहा था.

जांच में सामने आया है कि पी. वी. कुलकर्णी पुणे में केमिस्ट्री पढ़ाता था और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की परीक्षा प्रक्रिया से भी जुड़ा हुआ था. इसी वजह से उसे प्रश्न पत्रों तक पहुंच मिली थी. एजेंसी को शक है कि इसी पहुंच का फायदा उठाकर उसने पेपर लीक की साजिश रची.

छात्रों को घर बुलाकर कराई गई स्पेशल क्लास
सीबीआई के मुताबिक अप्रैल 2026 के आखिरी सप्ताह में कुलकर्णी ने एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर कुछ छात्रों को इकट्ठा किया. इसके बाद पुणे स्थित अपने घर पर विशेष क्लास चलाई गई. इन क्लासेज में छात्रों को संभावित सवाल, विकल्प और सही जवाब बताए गए. छात्र उन्हें अपनी कॉपी में लिखते थे.

असली प्रश्न पत्र से मिले सवाल
जांच एजेंसी ने जब छात्रों से मिली जानकारी और नोट्स की जांच की तो पता चला कि वही सवाल 3 मई 2026 को आयोजित असली परीक्षा में पूछे गए थे. इसके बाद सीबीआई ने आरोपी से लंबी पूछताछ की और फिर उसे पुणे से गिरफ्तार कर लिया. बताया जा रहा है कि आरोपी मूल रूप से महाराष्ट्र के लातूर का रहने वाला है.

कई शहरों में सीबीआई की छापेमारी
मामले की जांच के दौरान पिछले 24 घंटों में कई राज्यों में छापेमारी की गई. इस दौरान मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं. अब इन सभी की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके.

शिक्षा मंत्रालय की शिकायत पर दर्ज हुआ केस
सीबीआई ने यह मामला 12 मई 2026 को शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर दर्ज किया था. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि NEET-UG 2026 परीक्षा का प्रश्न पत्र पहले ही लीक कर दिया गया था. केस दर्ज होते ही एजेंसी ने विशेष टीमें बनाकर अलग-अलग राज्यों में कार्रवाई शुरू कर दी.

अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार
जांच एजेंसी अब तक जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. इनमें से कई आरोपियों को अदालत ने पुलिस रिमांड पर भेजा है, जबकि कुछ आरोपियों को दिल्ली लाया जा रहा है. सीबीआई का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही इस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है.

लाखों रुपये लेकर कराया गया पेपर लीक
सीबीआई की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इन विशेष क्लासेज में शामिल कराने के बदले छात्रों से लाखों रुपये वसूले गए थे. एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कितने छात्रों तक पेपर पहुंचाया गया.

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