By Malay Ojha | Published: 04 July 2026 | 12:50 PM
देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और प्रश्नपत्र चोरी के मामलों के बीच अब भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय भी गंभीर विवाद में घिर गया है। यहां परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले नौ विषयों के गोपनीय प्रश्नपत्र गायब मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन को अंतिम समय में परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। इस घटना ने न सिर्फ छात्रों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में पुलिस जांच शुरू हो चुकी है और विश्वविद्यालय ने आंतरिक जांच समिति भी बना दी है।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे होने वाली परीक्षा से पहले छात्रों को अचानक सूचना दी गई कि संबंधित विषयों के प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं हैं। इसके बाद परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इस परीक्षा में करीब 200 छात्र शामिल होने वाले थे। अचानक परीक्षा टलने से छात्रों में नाराजगी और असमंजस का माहौल बन गया।
नौ विषयों के प्रश्नपत्र गायब, बीटेक चौथा सेमेस्टर भी प्रभावित
विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी की परीक्षा शाखा से नौ विषयों के प्रश्नपत्र गायब पाए गए हैं। इनमें बीटेक चौथे सेमेस्टर के कई महत्वपूर्ण विषयों के प्रश्नपत्र भी शामिल बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह मामला केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली परीक्षाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है।
सिर्फ एक अलमारी खुली मिली, बढ़ा शक
जांच के शुरुआती चरण में सामने आया कि परीक्षा शाखा की कई अलमारियों में से केवल एक अलमारी खुली हुई थी और गायब प्रश्नपत्र उसी में रखे गए थे। सबसे हैरानी वाली बात यह है कि अलमारी का ताला टूटा हुआ नहीं मिला। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि घटना में किसी ऐसे व्यक्ति की भूमिका हो सकती है जिसे अंदर की व्यवस्था की जानकारी थी।
बाथरूम की टूटी खिड़की ने बढ़ाई जांच की दिशा
घटना स्थल की जांच के दौरान मुख्य प्रवेश द्वार पूरी तरह सुरक्षित मिला, लेकिन एक बाथरूम की खिड़की टूटी हुई पाई गई। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इसी रास्ते से कोई अंदर आया या फिर यह जांच को भटकाने की कोशिश है। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
स्ट्रॉन्ग रूम में नहीं थे सीसीटीवी कैमरे
पूरे मामले में सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि जिस स्ट्रॉन्ग रूम में गोपनीय प्रश्नपत्र रखे गए थे, वहां सीसीटीवी कैमरे ही नहीं लगे थे। ऐसे संवेदनशील दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए निगरानी की व्यवस्था नहीं होना विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। छात्रों का कहना है कि यदि सुरक्षा के उचित इंतजाम होते तो शायद यह स्थिति पैदा ही नहीं होती।
छात्रों ने उठाए सवाल, विरोध प्रदर्शन शुरू
घटना के बाद छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं का सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ता है। परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को अंतिम समय पर मिली इस सूचना से मानसिक तनाव भी बढ़ा है। छात्रों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम की मांग की है।
एबीवीपी का प्रदर्शन, एफआईआर दर्ज
घटना के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई। इसके साथ ही पूरे मामले की जांच तेज कर दी गई है।
परीक्षा नियंत्रक को नोटिस, पांच दिन में मांगा जवाब
विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. आलोक शर्मा ने परीक्षा नियंत्रक डॉ. अर्चना तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पांच दिनों के भीतर जवाब मांगा है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पेपर सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
हाल के वर्षों में देश के अलग-अलग राज्यों से पेपर लीक और प्रश्नपत्र चोरी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में भोपाल की यह घटना एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और गोपनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है, जिससे साफ होगा कि यह लापरवाही थी या फिर पहले से रची गई कोई साजिश।



