Wednesday, July 15, 2026
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दिल्ली में खुली हाईटेक लाइब्रेरी, 35 हजार किताबें और 1 करोड़ ई-बुक्स; प्रतियोगी छात्रों के लिए बड़ी सौगात

By Malay Ojha | Published: 12 July 2026 | 03:03 PM

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों, शोधार्थियों और किताबें पढ़ने के शौकीनों के लिए राजधानी में बड़ी सुविधा शुरू हो गई है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद की ओर से उद्यान मार्ग पर अत्याधुनिक जयप्रकाश नारायण पब्लिक लाइब्रेरी का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया। इस पुस्तकालय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां 35 हजार से अधिक किताबों के साथ-साथ ई-लाइब्रेरी के जरिए एक करोड़ से ज्यादा ई-बुक्स तक पहुंच की सुविधा मिलेगी। आधुनिक तकनीक से लैस यह पुस्तकालय एक समय में करीब 200 लोगों के बैठकर अध्ययन करने की क्षमता रखता है।

करीब 2265 वर्गमीटर क्षेत्र में तैयार इस सार्वजनिक पुस्तकालय को आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए शांत और बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराया गया है। पुस्तकालय में शोध कार्य करने वालों के लिए अलग रिसर्च सुविधा भी तैयार की गई है, जिससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों दोनों को लाभ मिलेगा।

35 हजार किताबें, 1 करोड़ से ज्यादा ई-बुक्स की सुविधा
इस पुस्तकालय में विभिन्न विषयों से जुड़ी 35 हजार से अधिक पुस्तकें, शोध पत्रिकाएं और संदर्भ सामग्री उपलब्ध है। इसके साथ ही डिजिटल माध्यम से एक करोड़ से ज्यादा ई-बुक्स पढ़ने की सुविधा भी दी गई है। आने वाले समय में इसे राष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी से भी जोड़ा जाएगा, जिससे पाठकों को और व्यापक अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस है पूरा परिसर
पुस्तकालय में आधुनिक रीडिंग एरिया, बच्चों के लिए अलग किड्स जोन, बहुउद्देश्यीय सभागार, निःशुल्क वाई-फाई और आरएफआईडी आधारित बुक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे किताबों का प्रबंधन आसान होगा और पाठकों को बेहतर अनुभव मिलेगा। आधुनिक तकनीक के उपयोग से यह पुस्तकालय पारंपरिक लाइब्रेरी से अलग पहचान बनाएगा।

अमित शाह बोले- देश का भविष्य पुस्तकालयों में तय होता है
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि किसी भी देश का भविष्य केवल खेती, उद्योग या बाजार से तय नहीं होता, बल्कि उन युवाओं से तय होता है जो पुस्तकालयों में बैठकर पढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ने की आदत इंसान की सोच को गहराई देती है और बेहतर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है। इसलिए प्रत्येक युवा को किसी न किसी पुस्तकालय से अवश्य जुड़ना चाहिए।

बचपन की लाइब्रेरी ने बदल दी सोच
अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने बचपन की यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनके शहर के पुस्तकालय ने उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शुरुआत में उन्होंने कहानी की किताबें पढ़ीं और धीरे-धीरे उनकी रुचि वेदों, उपनिषदों तथा अन्य गंभीर विषयों की पुस्तकों की ओर बढ़ती गई। उन्होंने कहा कि बोलने से पहले सोचने की आदत और सोचने से पहले पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए, क्योंकि अच्छी सोच का आधार ज्ञान होता है।

सभी सार्वजनिक पुस्तकालयों को जोड़ने की अपील
अमित शाह ने दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि राजधानी के सभी सार्वजनिक पुस्तकालयों को एक साझा व्यवस्था से जोड़ा जाए। साथ ही स्कूलों को भी इन पुस्तकालयों से जोड़ने की पहल की जाए ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी पुस्तकालय संस्कृति से जुड़ सकें। उन्होंने कर्मचारियों से आसपास के विद्यालयों के बच्चों को नियमित रूप से पुस्तकालय आने के लिए प्रेरित करने की भी अपील की।

मुख्यमंत्री ने बताया युवाओं के लिए बड़ी सौगात
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पुस्तकालय राजधानी के छात्रों और युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। विशेष रूप से संघ लोक सेवा आयोग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को यहां अध्ययन का बेहतर वातावरण मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सुविधा युवाओं को अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करेगी।

जयप्रकाश नारायण की स्मृति में बनाया गया पुस्तकालय
नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष केशव चंद्र ने बताया कि इस पुस्तकालय का निर्माण लोकनायक जयप्रकाश नारायण की स्मृति को समर्पित है। वहीं परिषद के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि आने वाले वर्षों में यह पुस्तकालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि नई सोच, शोध और ज्ञान का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

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दिल्ली में खुली हाईटेक लाइब्रेरी, 35 हजार किताबें और 1 करोड़ ई-बुक्स; प्रतियोगी छात्रों के लिए बड़ी सौगात

By Malay Ojha | Published: 12 July 2026 | 03:03 PM

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों, शोधार्थियों और किताबें पढ़ने के शौकीनों के लिए राजधानी में बड़ी सुविधा शुरू हो गई है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद की ओर से उद्यान मार्ग पर अत्याधुनिक जयप्रकाश नारायण पब्लिक लाइब्रेरी का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया। इस पुस्तकालय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां 35 हजार से अधिक किताबों के साथ-साथ ई-लाइब्रेरी के जरिए एक करोड़ से ज्यादा ई-बुक्स तक पहुंच की सुविधा मिलेगी। आधुनिक तकनीक से लैस यह पुस्तकालय एक समय में करीब 200 लोगों के बैठकर अध्ययन करने की क्षमता रखता है।

करीब 2265 वर्गमीटर क्षेत्र में तैयार इस सार्वजनिक पुस्तकालय को आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए शांत और बेहतर अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराया गया है। पुस्तकालय में शोध कार्य करने वालों के लिए अलग रिसर्च सुविधा भी तैयार की गई है, जिससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों दोनों को लाभ मिलेगा।

35 हजार किताबें, 1 करोड़ से ज्यादा ई-बुक्स की सुविधा
इस पुस्तकालय में विभिन्न विषयों से जुड़ी 35 हजार से अधिक पुस्तकें, शोध पत्रिकाएं और संदर्भ सामग्री उपलब्ध है। इसके साथ ही डिजिटल माध्यम से एक करोड़ से ज्यादा ई-बुक्स पढ़ने की सुविधा भी दी गई है। आने वाले समय में इसे राष्ट्रीय डिजिटल लाइब्रेरी से भी जोड़ा जाएगा, जिससे पाठकों को और व्यापक अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस है पूरा परिसर
पुस्तकालय में आधुनिक रीडिंग एरिया, बच्चों के लिए अलग किड्स जोन, बहुउद्देश्यीय सभागार, निःशुल्क वाई-फाई और आरएफआईडी आधारित बुक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे किताबों का प्रबंधन आसान होगा और पाठकों को बेहतर अनुभव मिलेगा। आधुनिक तकनीक के उपयोग से यह पुस्तकालय पारंपरिक लाइब्रेरी से अलग पहचान बनाएगा।

अमित शाह बोले- देश का भविष्य पुस्तकालयों में तय होता है
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि किसी भी देश का भविष्य केवल खेती, उद्योग या बाजार से तय नहीं होता, बल्कि उन युवाओं से तय होता है जो पुस्तकालयों में बैठकर पढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ने की आदत इंसान की सोच को गहराई देती है और बेहतर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है। इसलिए प्रत्येक युवा को किसी न किसी पुस्तकालय से अवश्य जुड़ना चाहिए।

बचपन की लाइब्रेरी ने बदल दी सोच
अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने बचपन की यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनके शहर के पुस्तकालय ने उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शुरुआत में उन्होंने कहानी की किताबें पढ़ीं और धीरे-धीरे उनकी रुचि वेदों, उपनिषदों तथा अन्य गंभीर विषयों की पुस्तकों की ओर बढ़ती गई। उन्होंने कहा कि बोलने से पहले सोचने की आदत और सोचने से पहले पढ़ने की आदत विकसित करनी चाहिए, क्योंकि अच्छी सोच का आधार ज्ञान होता है।

सभी सार्वजनिक पुस्तकालयों को जोड़ने की अपील
अमित शाह ने दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि राजधानी के सभी सार्वजनिक पुस्तकालयों को एक साझा व्यवस्था से जोड़ा जाए। साथ ही स्कूलों को भी इन पुस्तकालयों से जोड़ने की पहल की जाए ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी पुस्तकालय संस्कृति से जुड़ सकें। उन्होंने कर्मचारियों से आसपास के विद्यालयों के बच्चों को नियमित रूप से पुस्तकालय आने के लिए प्रेरित करने की भी अपील की।

मुख्यमंत्री ने बताया युवाओं के लिए बड़ी सौगात
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पुस्तकालय राजधानी के छात्रों और युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। विशेष रूप से संघ लोक सेवा आयोग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को यहां अध्ययन का बेहतर वातावरण मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सुविधा युवाओं को अपने लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करेगी।

जयप्रकाश नारायण की स्मृति में बनाया गया पुस्तकालय
नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष केशव चंद्र ने बताया कि इस पुस्तकालय का निर्माण लोकनायक जयप्रकाश नारायण की स्मृति को समर्पित है। वहीं परिषद के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि आने वाले वर्षों में यह पुस्तकालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि नई सोच, शोध और ज्ञान का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

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