Wednesday, July 15, 2026
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सरकारी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बनने का मौका, बिना नेट भी कर सकेंगे आवेदन, 30 जुलाई तक भरें फॉर्म

By Malay Ojha | Published: 14 July 2026 | 09:07 PM

सरकारी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। मध्य प्रदेश के पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय ने विभिन्न विषयों में प्रोफेसर पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि आवेदन के लिए यूजीसी नेट या सीएसआईआर नेट अनिवार्य नहीं रखा गया है। योग्य अभ्यर्थी 30 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयन सीधे लिखित परीक्षा से नहीं, बल्कि शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध कार्य और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा।

पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय ने कुल 18 विषयों में प्रोफेसर पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इच्छुक और पात्र अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन पूरा होने के बाद उसकी हार्ड कॉपी आवश्यक दस्तावेजों और शुल्क रसीद के साथ स्पीड पोस्ट या पंजीकृत डाक से विश्वविद्यालय भेजना भी अनिवार्य रहेगा।

नेट की अनिवार्यता नहीं, यह सबसे बड़ी राहत
इस भर्ती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रोफेसर पद के लिए यूजीसी नेट या सीएसआईआर नेट उत्तीर्ण होना जरूरी नहीं है। ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने अपने विषय में उच्च स्तर का शोध कार्य किया है और आवश्यक अनुभव रखते हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं। इससे लंबे समय से विश्वविद्यालय स्तर पर अध्यापन का सपना देख रहे कई उम्मीदवारों को राहत मिलेगी।

कौन कर सकता है आवेदन?
प्रोफेसर पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास संबंधित विषय में पीएचडी की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके अलावा किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में कम से कम 10 वर्ष का अध्यापन या शोध कार्य का अनुभव होना चाहिए। अभ्यर्थी के नाम से मान्यता प्राप्त शोध पत्रिकाओं में कम से कम 10 शोध पत्र प्रकाशित होने चाहिए। साथ ही शैक्षणिक नेतृत्व, शोध परियोजनाओं और अकादमिक योगदान का अनुभव भी चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना जाएगा।

ऐसे होगा उम्मीदवारों का चयन
इस भर्ती में किसी प्रकार की लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। सबसे पहले अभ्यर्थियों का मूल्यांकन उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड, शोध कार्य और अकादमिक प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम चयन दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

आवेदन की प्रक्रिया क्या है?
उम्मीदवारों को सबसे पहले विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भर्ती से संबंधित लिंक के माध्यम से पंजीकरण करना होगा। इसके बाद आवेदन पत्र में व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और अनुभव से जुड़ी जानकारी भरनी होगी। निर्धारित प्रारूप में फोटो, हस्ताक्षर और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन शुल्क जमा कर फॉर्म जमा करना होगा। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी सभी जरूरी दस्तावेजों और शुल्क रसीद के साथ विश्वविद्यालय के निर्धारित पते पर भेजना अनिवार्य होगा।

आवेदन शुल्क कितना है?
सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 2000 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग और महिला अभ्यर्थियों के लिए 1500 रुपये शुल्क तय किया गया है। आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक होने के कारण अभ्यर्थियों को समय रहते पूरी प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।

आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
ऑनलाइन आवेदन भरते समय सभी जानकारी सही दर्ज करें और दस्तावेज स्पष्ट रूप से अपलोड करें। आवेदन जमा करने के बाद उसकी हार्ड कॉपी निर्धारित समय के भीतर विश्वविद्यालय तक पहुंचना जरूरी है। यदि आवेदन पत्र या दस्तावेज समय पर नहीं पहुंचते हैं तो आवेदन निरस्त भी किया जा सकता है। इसलिए अभ्यर्थी अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय जल्द आवेदन कर लें।

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सरकारी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बनने का मौका, बिना नेट भी कर सकेंगे आवेदन, 30 जुलाई तक भरें फॉर्म

By Malay Ojha | Published: 14 July 2026 | 09:07 PM

सरकारी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। मध्य प्रदेश के पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय ने विभिन्न विषयों में प्रोफेसर पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि आवेदन के लिए यूजीसी नेट या सीएसआईआर नेट अनिवार्य नहीं रखा गया है। योग्य अभ्यर्थी 30 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयन सीधे लिखित परीक्षा से नहीं, बल्कि शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध कार्य और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा।

पंडित शंभूनाथ शुक्ला विश्वविद्यालय ने कुल 18 विषयों में प्रोफेसर पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इच्छुक और पात्र अभ्यर्थियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन पूरा होने के बाद उसकी हार्ड कॉपी आवश्यक दस्तावेजों और शुल्क रसीद के साथ स्पीड पोस्ट या पंजीकृत डाक से विश्वविद्यालय भेजना भी अनिवार्य रहेगा।

नेट की अनिवार्यता नहीं, यह सबसे बड़ी राहत
इस भर्ती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रोफेसर पद के लिए यूजीसी नेट या सीएसआईआर नेट उत्तीर्ण होना जरूरी नहीं है। ऐसे अभ्यर्थी, जिन्होंने अपने विषय में उच्च स्तर का शोध कार्य किया है और आवश्यक अनुभव रखते हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं। इससे लंबे समय से विश्वविद्यालय स्तर पर अध्यापन का सपना देख रहे कई उम्मीदवारों को राहत मिलेगी।

कौन कर सकता है आवेदन?
प्रोफेसर पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास संबंधित विषय में पीएचडी की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके अलावा किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में कम से कम 10 वर्ष का अध्यापन या शोध कार्य का अनुभव होना चाहिए। अभ्यर्थी के नाम से मान्यता प्राप्त शोध पत्रिकाओं में कम से कम 10 शोध पत्र प्रकाशित होने चाहिए। साथ ही शैक्षणिक नेतृत्व, शोध परियोजनाओं और अकादमिक योगदान का अनुभव भी चयन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माना जाएगा।

ऐसे होगा उम्मीदवारों का चयन
इस भर्ती में किसी प्रकार की लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। सबसे पहले अभ्यर्थियों का मूल्यांकन उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड, शोध कार्य और अकादमिक प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम चयन दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

आवेदन की प्रक्रिया क्या है?
उम्मीदवारों को सबसे पहले विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भर्ती से संबंधित लिंक के माध्यम से पंजीकरण करना होगा। इसके बाद आवेदन पत्र में व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और अनुभव से जुड़ी जानकारी भरनी होगी। निर्धारित प्रारूप में फोटो, हस्ताक्षर और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद आवेदन शुल्क जमा कर फॉर्म जमा करना होगा। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी सभी जरूरी दस्तावेजों और शुल्क रसीद के साथ विश्वविद्यालय के निर्धारित पते पर भेजना अनिवार्य होगा।

आवेदन शुल्क कितना है?
सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 2000 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग और महिला अभ्यर्थियों के लिए 1500 रुपये शुल्क तय किया गया है। आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक होने के कारण अभ्यर्थियों को समय रहते पूरी प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।

आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
ऑनलाइन आवेदन भरते समय सभी जानकारी सही दर्ज करें और दस्तावेज स्पष्ट रूप से अपलोड करें। आवेदन जमा करने के बाद उसकी हार्ड कॉपी निर्धारित समय के भीतर विश्वविद्यालय तक पहुंचना जरूरी है। यदि आवेदन पत्र या दस्तावेज समय पर नहीं पहुंचते हैं तो आवेदन निरस्त भी किया जा सकता है। इसलिए अभ्यर्थी अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय जल्द आवेदन कर लें।

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