Wednesday, June 10, 2026
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CUET और BCECED परीक्षा एक ही दिन, छात्रों में बढ़ी टेंशन! करियर पर मंडराया बड़ा संकट

By Malay Ojha | Published: 18 May 2026 | 06:41 AM

देशभर में आयोजित होने वाली प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बिहार के हजारों छात्र इस समय असमंजस की स्थिति में हैं. वजह यह है कि कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यानी सीयूईटी यूजी 2026 और बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा बीसीईसीईडी 2026 की तारीखें आपस में टकरा गई हैं. दोनों परीक्षाएं 30 मई को आयोजित होनी हैं, जिससे छात्रों की चिंता बढ़ गई है.

ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन किया है, उनके सामने अब किसी एक परीक्षा को छोड़ने की मजबूरी बन सकती है. छात्रों का कहना है कि दोनों परीक्षाएं उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और एक ही दिन परीक्षा होने से करियर पर सीधा असर पड़ सकता है.

पहले जारी हुआ सीयूईटी यूजी का शेड्यूल
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 5 मई 2026 को सीयूईटी यूजी परीक्षा कार्यक्रम जारी किया था. एजेंसी के मुताबिक यह परीक्षा 11 मई से 31 मई के बीच कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित की जानी है. इसके साथ ही अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी.

बाद में आया बीसीईसीईडी का नोटिस
सीयूईटी परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के कुछ दिनों बाद बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद ने 12 मई को नया नोटिस जारी किया. परिषद ने खराब मौसम और नेटवर्क संबंधी दिक्कतों को देखते हुए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाई और परीक्षा कार्यक्रम घोषित किया. परिषद के अनुसार बीसीईसीईडी परीक्षा 30 और 31 मई को आयोजित होगी.

तकनीकी और मेडिकल कोर्स के छात्रों की बढ़ी परेशानी
बिहार के बड़ी संख्या में छात्र केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए सीयूईटी यूजी परीक्षा देते हैं. वहीं राज्य स्तरीय तकनीकी, कृषि और मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए बीसीईसीईडी परीक्षा में शामिल होते हैं. ऐसे में दोनों परीक्षाओं की तारीख एक होने से छात्रों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है.

सोशल मीडिया पर उठी तारीख बदलने की मांग
परीक्षा तिथियों के टकराव के बाद छात्र लगातार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से दोनों परीक्षा एजेंसियों से तारीख बदलने की मांग कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि परीक्षा कार्यक्रम बनाते समय अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि किसी के भविष्य पर नकारात्मक असर न पड़े.

International

CUET और BCECED परीक्षा एक ही दिन, छात्रों में बढ़ी टेंशन! करियर पर मंडराया बड़ा संकट

By Malay Ojha | Published: 18 May 2026 | 06:41 AM

देशभर में आयोजित होने वाली प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बिहार के हजारों छात्र इस समय असमंजस की स्थिति में हैं. वजह यह है कि कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट यानी सीयूईटी यूजी 2026 और बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा बीसीईसीईडी 2026 की तारीखें आपस में टकरा गई हैं. दोनों परीक्षाएं 30 मई को आयोजित होनी हैं, जिससे छात्रों की चिंता बढ़ गई है.

ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन किया है, उनके सामने अब किसी एक परीक्षा को छोड़ने की मजबूरी बन सकती है. छात्रों का कहना है कि दोनों परीक्षाएं उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और एक ही दिन परीक्षा होने से करियर पर सीधा असर पड़ सकता है.

पहले जारी हुआ सीयूईटी यूजी का शेड्यूल
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 5 मई 2026 को सीयूईटी यूजी परीक्षा कार्यक्रम जारी किया था. एजेंसी के मुताबिक यह परीक्षा 11 मई से 31 मई के बीच कंप्यूटर आधारित मोड में आयोजित की जानी है. इसके साथ ही अभ्यर्थियों के लिए प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी.

बाद में आया बीसीईसीईडी का नोटिस
सीयूईटी परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के कुछ दिनों बाद बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद ने 12 मई को नया नोटिस जारी किया. परिषद ने खराब मौसम और नेटवर्क संबंधी दिक्कतों को देखते हुए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाई और परीक्षा कार्यक्रम घोषित किया. परिषद के अनुसार बीसीईसीईडी परीक्षा 30 और 31 मई को आयोजित होगी.

तकनीकी और मेडिकल कोर्स के छात्रों की बढ़ी परेशानी
बिहार के बड़ी संख्या में छात्र केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए सीयूईटी यूजी परीक्षा देते हैं. वहीं राज्य स्तरीय तकनीकी, कृषि और मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए बीसीईसीईडी परीक्षा में शामिल होते हैं. ऐसे में दोनों परीक्षाओं की तारीख एक होने से छात्रों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है.

सोशल मीडिया पर उठी तारीख बदलने की मांग
परीक्षा तिथियों के टकराव के बाद छात्र लगातार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से दोनों परीक्षा एजेंसियों से तारीख बदलने की मांग कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि परीक्षा कार्यक्रम बनाते समय अभ्यर्थियों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि किसी के भविष्य पर नकारात्मक असर न पड़े.

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